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Astrology : 11 मार्च 2026 का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष माना जा रहा है. इस दिन रात करीब 10 बजे तक ज्येष्ठा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा, जिसके बाद मूल नक्षत्र शुरू होगा. चंद्रमा पूरे दिन वृश्चिक राशि में रहेगा और पंचांग के अनुसार कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि होगी. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस दिन जन्म लेने वाले बच्चे साहसी, आत्मविश्वासी और मजबूत इच्छाशक्ति वाले हो सकते हैं. नामकरण के लिए ‘नो’, ‘या’, ‘यी’ और ‘यू’ अक्षर शुभ माने गए हैं.

अयोध्या: मानव जीवन पर ज्योतिष शास्त्र का विशेष महत्व होता है. ज्योतिषीय गणना के आधार पर ही ज्योतिष व्यक्ति की कुंडली और भविष्य का आकलन करते हैं. जिसमें दिन और ग्रह नक्षत्र का विशेष योगदान माना जाता है. प्रतिदिन ग्रह नक्षत्र की स्थिति में बदलाव भी होता है. जिसका प्रभाव भी व्यक्ति के जन्म से लेकर मृत्यु तक रहता है. ऐसी स्थिति में आज 11 मार्च है और दिन बुधवार है. आज के दिन ग्रह नक्षत्र की कैसी स्थिति रहेगी? आज के दिन जन्म लेने वाले बच्चों पर क्या प्रभाव पड़ेगा, तो चलिए इस रिपोर्ट में विस्तार से जानते हैं.

दरअसल अयोध्या के आचार्य सीताराम दास ने बताया कि 11 मार्च 2026 का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष माना जा रहा है. इस दिन जन्म लेने वाले बच्चों पर ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति का गहरा प्रभाव रहने की संभावना है. वैदिक ज्योतिष के अनुसार इस दिन रात लगभग 10 बजे तक ज्येष्ठा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा, जिसके बाद मूल नक्षत्र प्रारंभ होगा. वहीं चंद्रमा पूरे दिन वृश्चिक राशि में स्थित रहेगा और पंचांग के अनुसार कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि रहेगी. इस तरह की ग्रह स्थिति बच्चों के स्वभाव, व्यक्तित्व और जीवन की दिशा को प्रभावित कर सकती है.

ज्येष्ठा नक्षत्र का प्रभाव

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ज्येष्ठा नक्षत्र में जन्म लेने वाले बच्चों में कई विशेष गुण देखने को मिल सकते हैं. ऐसे बच्चे सामान्यतः साहसी, आत्मविश्वासी और मजबूत इच्छाशक्ति वाले माने जाते हैं. वे कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य और समझदारी से निर्णय लेने की क्षमता रखते हैं
इन बच्चों में नेतृत्व क्षमता भी प्रबल मानी जाती है, जिसके कारण वे अपने जीवन में किसी न किसी क्षेत्र में आगे बढ़ने की कोशिश करते रहते हैं.लक्ष्य प्राप्त करने के लिए लगातार मेहनत करना और चुनौतियों का सामना करना इनकी प्रमुख विशेषता हो सकती है.

ज्येष्ठा के अनुसार होगा नामकरण 

नामकरण की दृष्टि से भी ज्येष्ठा नक्षत्र का विशेष महत्व माना जाता है.ज्योतिषीय परंपरा के अनुसार इस नक्षत्र में जन्मे बच्चों के नाम ‘नो’, ‘या’, ‘यी’ और ‘यू’ अक्षरों से रखना शुभ माना जाता है माना जाता है कि इन अक्षरों से शुरू होने वाले नाम बच्चों के व्यक्तित्व और भाग्य को सकारात्मक दिशा दे सकते हैं.

चंद्रमा का वृश्चिक राशि में प्रभाव

11 मार्च को चंद्रमा वृश्चिक राशि में रहेगा.ज्योतिष के अनुसार वृश्चिक राशि भावनात्मक गहराई, साहस और रहस्यमयी स्वभाव का प्रतीक मानी जाती है. ऐसे में इस दिन जन्म लेने वाले बच्चों में भावनात्मक रूप से संवेदनशील होने के साथ-साथ कठिन परिस्थितियों का सामना करने की क्षमता भी विकसित हो सकती है.
इनमें शोध करने, नई चीजों को समझने और जीवन के गहरे पहलुओं को जानने की जिज्ञासा भी अधिक हो सकती है। कई बार ये बच्चे अपने विचारों और निर्णयों में काफी दृढ़ होते हैं.

11 मार्च को जन्म के लिए शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार इस दिन कुछ समय ऐसे माने जा रहे हैं जिन्हें अपेक्षाकृत शुभ माना जाता है.
सुबह 7:20 से 8:44 बजे तक
सुबह 10:20 से शाम 4:50 बजे तक
शाम 7:08 से रात 11:43 बजे तक
इन समय में जन्म को ज्योतिषीय दृष्टि से शुभ माना गया है.

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Lalit Bhatt

पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 में प्रिंट मीडिया से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों म…और पढ़ें

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