DGCA New Rules : डीजीसीए ने विदेशी एयरलाइंस को भारत में सर्विस शुरू करने के लिए नए नियम बनाए हैं. निदेशालय ने कहा है कि अगर विदेशी एयरलाइंस को भारत में अपनी सर्विस शुरू करनी हो तो उसे कुछ नियमों का सख्ती से पालन करना होगा. यह नियम सभी देशों की एयरलाइंस पर लागू होंगे और चूक होने पर उनकी अनुमति को रद्द किया जा सकता है.
डीजीसीए ने विदेशी एयरलाइंस के लिए सख्त नियम बनाए हैं.
DGCA ने अपने दिशा-निर्देश में कहा है कि किसी विदेशी एयरलाइन को भारत में उड़ान शुरू करने से पहले उसके देश की सरकार द्वारा औपचारिक रूप से नामित (Designation) किया जाना अनिवार्य होगा. इसके अलावा एयरलाइन को आवेदन करने से पहले DGCA के e-Governance of Civil Aviation (eGCA) पोर्टल पर पंजीकरण कर लॉगिन आईडी बनानी होगी. पंजीकरण के समय एयरलाइन को अपना Air Operator Certificate (AOC), कंपनी का रजिस्ट्रेशन प्रमाण, मुख्यालय का पता और प्रबंधन संरचना से जुड़े दस्तावेज जमा करने होंगे.
सीईओ की भी देनी पड़ेगी जानकारी
DGCA ने साफ कहा है कि किसी भी विदेशी एयरलाइंस को भारत में सर्विस शुरू करने के लिए एयरलाइन के CEO, कंट्री हेड और भारत में नियुक्त लोकल रिप्रेजेंटेटिव का पूरा विवरण भी देना होगा. भारत में कामकाज संभालने के लिए एयरलाइन को एक लोकल रिप्रेजेंटेटिव नियुक्त करना होगा, जो भारतीय नागरिक या भारत में पंजीकृत संस्था का सदस्य हो. साथ ही लोकल रिप्रेजेंटेटिव को भारतीय विमानन नियमों की जानकारी होना जरूरी होगा और वह DGCA के साथ सभी आधिकारिक मामलों में संपर्क बिंदु रहेगा.
90 दिन पहले करना होगा आवेदन
विदेशी एयरलाइन को भारत में उड़ान शुरू करने से कम से कम 90 दिन पहले Operating Authorisation के लिए आवेदन करना होगा. आवेदन के साथ विमान बेड़े का विवरण, पिछले 5 वर्षों की दुर्घटना/घटनाओं की जानकारी, भारत में मेंटेनेंस और ग्राउंड हैंडलिंग की व्यवस्था की जानकारी देनी होगी. DGCA की एक समिति आवेदन और दस्तावेजों की जांच कर संतुष्ट होने के बाद ही संचालन की अनुमति देगी. दी जाने वाली Operating Authorisation की वैधता अधिकतम 5 वर्ष होगी.
भारतीय कानून का पालन होगा जरूरी
एयरलाइन को भारत के कानूनों, सुरक्षा मानकों और एविएशन सुरक्षा नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा. इन नियमों का उल्लंघन होने, सुरक्षा मानकों में कमी या स्वामित्व नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर अनुमति निलंबित या रद्द की जा सकती है. एयरलाइन को उड़ान शुरू करने से पहले संबंधित एयरपोर्ट से स्लॉट कोऑर्डिनेशन करना और DGCA में कम से कम 30 दिन पहले फ्लाइट शेड्यूल दाखिल करना होगा. यदि कोई एयरलाइन किसी भारतीय एयरपोर्ट पर लगातार चार IATA ट्रैफिक सीजन तक उड़ान नहीं चलाती, तो उस एयरपोर्ट के लिए उसकी अनुमति स्वतः निलंबित मानी जाएगी. एयरलाइंस को यात्रियों की शिकायतों के समाधान के लिए Passenger Grievance Redressal Mechanism (PGRM) भी स्थापित करना होगा.
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आज तक से टीवी पत्रकारिता शुरू करने वाली प्रियंका कांडपाल को अब तक तकरीबन 11 साल का अनुभव है. तकरीबन चार साल आज तक में रिपोर्टिंग के साथ एंकरिंग भी कर चुकी हैं. उसके बाद इंडिया टीवी में पांच साल तक काम किया. 201…और पढ़ें
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