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यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर जानलेवा हमले के मामले में पुलिस की जांच में हर दिन नई जानकारी सामने आ रही है। पुलिस का दावा है कि यह वारदात महज गुस्से में नहीं, बल्कि दोनों भाइयों ने योजना बनाकर अंजाम दी थी। जांच में सामने आया है कि 26 फरवरी को लोनी स्थित सलीम के कार्यालय में घुसकर उन पर हमला करने के बाद आरोपी जीशान और गुलफाम पहले खोड़ा पहुंचे। वहां से दोनों अमरोहा के कस्बा सैदनंगली स्थित अपने घर चले गए थे।




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attack on YouTuber Salim was planned by two brothers

सलीम वास्तिक पर जानलेवा हमले का नया फुटेज
– फोटो : वीडियो ग्रैब


पुलिस के अनुसार, गांव पहुंचने पर उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि सलीम को सजा दे दी है। आरोपी वारदात के समय बाइक की नंबर प्लेट पर टेप लगाकर पहुंचे थे। यह बाइक पुलिस को सैदनंगली में मिली। दोनों ने खून से सने अपने कपड़े रास्ते में जला दिए थे।


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सलीम वास्तिक पर जानलेवा हमले का नया फुटेज
– फोटो : वीडियो ग्रैब


मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया। बाद में पुलिस मुठभेड़ में दोनों भाइयों को ढेर कर दिया गया।


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गुलफाम की फाइल फोटो
– फोटो : अमर उजाला


घर पहुंचकर बेटे का माथा चूमकर निकला था गुलफाम

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि जब गुलफाम अपने घर पहुंचा तो बेटे का माथा चूमा और कुछ देर बाद वहां से निकल गया। इसके बाद दोनों भाई अलग-अलग हो गए। इसी दौरान छोटे भाई जीशान के मुठभेड़ में मारे जाने की खबर गुलफाम को अमरोहा के दारौरा गांव में मिली। इसके बाद वह वहां से भाग निकला। रास्ते में उसने खुद को जमाती बताकर राहगीरों के मोबाइल फोन से परिजनों को पांच बार कॉल की। क्राइम ब्रांच की टीम आरोपियों के पिता बुनियाद अली के मोबाइल नंबर की कॉल ट्रेस कर रही थी, जिसके आधार पर गुलफाम का सुराग मिला।


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जीशान का फाइल फोटो
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी


काम के सिलसिले में 12 वर्ष पहले छोड़ दिया था घर

बुनियाद अली के दोनों बेटे करीब 12 वर्ष पहले काम की तलाश में घर से निकल गए थे। दोनों करीब डेढ़ वर्ष तक दिल्ली की त्रिलोकपुरी कॉलोनी में भी रहे। उनकी पांच बहनें हैं, जिनमें से दो खोड़ा में रहती हैं। अन्य बहनें मुरादाबाद, संभल और अमरोहा के दारौरा गांव में रहती हैं। खोड़ा में रहने वाली बहनों के पतियों ने ही जीशान और गुलफाम को किराये पर कमरा दिलाया था। दोनों मकानों में वुडन इंटीरियर का काम करते थे। पुलिस का कहना है कि इसी दौरान वे सोशल मीडिया के जरिये कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित हो गए। दोनों ब्रॉडकास्ट, इंस्टाग्राम व टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर ऐसी सामग्री का प्रचार-प्रसार करते थे।


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