मोबाइल पर रील्स और शॉर्ट वीडियो देखने से ध्यान क्षमता घट सकती है। यह एक अध्ययन में खुलासा हुआ है। हाल ही में प्रकाशित एक शोध में सामने आया कि मोबाइल पर शॉर्ट वीडियो का अधिक उपयोग लोगों की ध्यान क्षमता और आत्म-नियंत्रण को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है।
इलेक्ट्रोएन्सेफेलोग्राफी अध्ययन में सामने आए अहम तथ्य: यह शोध अंतरराष्ट्रीय जर्नल फ्रंटियर इन ह्यूमन न्यूरो साइंस में प्रकाशित हुआ है। अध्ययन में 48 प्रतिभागियों पर इलेक्ट्रोएन्सेफेलोग्राफी (ईईजी) तकनीक के जरिए उनके दिमाग की गतिविधियों को मापा गया। शोधकर्ताओं ने पाया कि जो लोग मोबाइल पर शॉर्ट वीडियो अधिक देखते हैं, उनमें ध्यान केंद्रित करने की क्षमता कमजोर पाई गई।
युवाओं में बढ़ रही शॉर्ट वीडियो की लत : विशेषज्ञों के मुताबिक आजकल इंस्टाग्राम रील्स, यूट्यूब शॉर्ट्स और अन्य शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय हो गए हैं। लगातार छोटे-छोटे वीडियो देखने से दिमाग जल्दी-जल्दी बदलती जानकारी का आदी हो जाता है, जिससे लंबे समय तक किसी एक काम पर ध्यान लगाना कठिन हो सकता है। इसका असर पढ़ाई, कामकाज पर भी पड़ सकता है।
विशेषज्ञों की सलाह
पूर्वी दिल्ली स्थित मानव व्यवहार एवं संबद्ध संस्थान के मनोचिकित्सक डॉ. ओम प्रकाश ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म का संतुलित उपयोग जरूरी है। अत्यधिक स्क्रीन टाइम से बचना चाहिए और दिनभर में मोबाइल उपयोग के लिए एक तय सीमा निर्धारित करनी चाहिए। पढ़ाई, खेलकूद और सामाजिक गतिविधियों में समय देना मानसिक संतुलन और ध्यान क्षमता बनाए रखने में मदद कर सकता है।
समय रहते इस आदत पर नियंत्रण रखना जरूरी है।
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