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राइजिंग भारत 2026 समिट में नेटवर्क18 ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके जीवन और नेतृत्व पर आधारित एक विशेष संस्करण की किताब भेंट की. यह किताब उनके 75वें जन्मदिन के अवसर पर तैयार की गई है. 176 पन्नों की यह पुस्तक उनके जीवन के 75 अहम पड़ावों को दर्शाती है, जिसमें वडनगर के एक छात्र और आरएसएस प्रचारक से लेकर गुजरात के मुख्यमंत्री, भारत के प्रधानमंत्री और एक वैश्विक नेता बनने तक की यात्रा को संजोया गया है.

‘मोदी एट 75’ शीर्षक वाली यह आकर्षक और चित्रों से भरपूर किताब प्रधानमंत्री को नेटवर्क18 के ग्रुप एडिटर-इन-चीफ राहुल जोशी ने प्रोजेक्ट की कोर टीम के साथ सौंपी. इस टीम में ब्रजेश कुमार सिंह, ग्रुप एडिटर, इंटीग्रेशन और कन्वर्जेंस; रश्मि सिंह, इन्फोग्राफिक्स एडिटर; सौम्यदीप चौधरी, प्रोडक्ट हेड, न्यूज़18 और लोकल18; नदीम आलम, एग्जीक्यूटिव क्रिएटिव डायरेक्टर; त्रिपर्णा मित्रा, प्रिंसिपल क्रिएटिव डायरेक्टर; उत्पल कुमार, डिप्टी एग्जीक्यूटिव एडिटर; अलंकार, प्रिंसिपल क्रिएटिव डायरेक्टर और शांतनु कुमार संतन, क्रिएटिव डायरेक्टर; शामिल थे. इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने टीम के सदस्यों से मुलाकात भी की.

यह किताब किसी सामान्य प्रकाशन से अलग है. यह एक विजुअल आर्काइव होने के साथ-साथ एक सुव्यवस्थित कहानी भी है. इसे पांच हिस्सों में बांटा गया है, जिसमें उनके शुरुआती जीवन, सार्वजनिक जीवन में उभार, गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यकाल, प्रधानमंत्री के रूप में वर्तमान नेतृत्व और भारत की वैश्विक भूमिका को आकार देने में उनकी भूमिका को दर्शाया गया है.

नेटवर्क18 ग्रुप के एडिटर-इन-चीफ राहुल जोशी (दाएं) और इंटीग्रेशन एंड कन्वर्जेंस के ग्रुप एडिटर ब्रजेश कुमार सिंह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘मोदी एट 75’ की एक कॉपी भेंट करते हुए.

इस पुस्तक में दुर्लभ और पहले कभी न देखी गई सामग्री शामिल है, जैसे पुराने फोटोग्राफ, पत्र, स्मृति-चिन्ह और प्रधानमंत्री की डायरी का एक पन्ना. इनमें से कई चीजें पहले कभी प्रकाशित नहीं हुई थीं. इस किताब को तैयार करने में छह शोधकर्ताओं की टीम ने पांच महीने से अधिक समय तक काम किया. उन्होंने योजनाबद्ध तरीके से तथ्यों की जांच की, अभिलेखागार खंगाले और दुर्लभ तस्वीरें जुटाईं, ताकि कोई भी महत्वपूर्ण पड़ाव छूट न जाए.

नरेंद्र मोदी की भारत भर में उनकी पहली आध्यात्मिक यात्रा का AI से बनाया गया रेंडर, यह उन क्रिएटिव हाइलाइट्स में से एक है जिस पर प्रेजेंटेशन के दौरान प्रधानमंत्री खूब हंसे.

इसके बाद दो महीने से ज्यादा समय तक डिजाइन, चित्रांकन और संपादकीय समीक्षा का गहन काम किया गया. सटीकता और संदर्भ बनाए रखने के लिए कई दौर की चर्चा और जांच की गई.

प्रधानमंत्री की डायरी का एक पन्ना: नव निर्माण आंदोलन के दौरान नरेंद्र मोदी द्वारा लिखी गई एक गुजराती कविता के कुछ अंश.

इस प्रोजेक्ट में नेटवर्क के अनुभवी संपादकों और डिजाइनरों ने मिलकर काम किया. इसके अलावा, उन पलों को दर्शाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भी उपयोग किया गया, जिनके कोई फोटोग्राफ उपलब्ध नहीं हैं. प्रधानमंत्री के जीवन के एक सन्यासी चरण को दर्शाने वाला एक एआई-निर्मित चित्र देखकर प्रधानमंत्री मुस्कुरा उठे.

किताब की कुछ झलकियां: ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी एबॉट ने ‘मोदी एट 75’ के लिए प्रस्तावना लिखी है.

किताब में दुनिया भर की जानी-मानी हस्तियों के विचार भी शामिल हैं. ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी एबॉट ने इसकी प्रस्तावना लिखी है, जिसमें उन्होंने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर अपने विचार साझा किए हैं. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ‘अपने मित्र नरेंद्र’ को संबोधित करते हुए एक व्यक्तिगत पत्र लिखा है. त्रिनिदाद और टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर ने भी अपनी राय दी है. इसके अलावा भारत के कॉर्पोरेट जगत की प्रमुख हस्तियों ने विकास और प्रगति को लेकर उनके दृष्टिकोण पर अपने विचार रखे हैं. ये सभी योगदान उनके वैश्विक संबंधों और नेतृत्व के व्यापक प्रभाव को दर्शाते हैं.

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपने ‘दोस्त’ को ‘मोदी एट 75’ के लिए एक खास खत लिखा.

किताब के अध्याय उनके सार्वजनिक जीवन की पूरी यात्रा को दिखाते हैं. ‘हम्बल बिगिनिंग्स’ उनके शुरुआती वर्षों पर केंद्रित है. ‘राइजिंग थ्रू द रैंक्स’ संघ और भाजपा में उनके जमीनी कार्य को दर्शाता है. ‘ए स्टेट बिल्डर’ गुजरात में उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल और शासन मॉडल पर प्रकाश डालता है. ‘बिलीविंग इन भारत’ एक नए भारत को दिशा देने के उनके प्रयासों को दिखाता है. ‘नेविगेटिंग द ग्लोब’ उनकी कूटनीतिक पहल और वैश्विक साझेदारियों पर केंद्रित है.

यह किताब केवल एक स्मारक संस्करण नहीं है, बल्कि एक संदर्भ पुस्तक भी है, जो घटनाओं और उपलब्धियों की स्पष्ट समयरेखा प्रस्तुत करती है. यह उन भ्रमों और गलत धारणाओं को दूर करने का प्रयास करती है, जो अक्सर बिखरी हुई खबरों में पैदा हो जाती हैं. इसे उन पाठकों के लिए एक कलेक्टर एडिशन के रूप में तैयार किया गया है, जो गुजरात के एक छोटे से कस्बे से निकलकर दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के सर्वोच्च निर्वाचित पद तक पहुंचने वाले नेता की यात्रा को समझना चाहते हैं.

राइजिंग भारत 2026 में किताब का विमोचन और प्रधानमंत्री की टीम के साथ बातचीत न केवल उनके 75 वर्षों का उत्सव था, बल्कि उन सभी लोगों के सामूहिक प्रयास को सम्मान देने का भी क्षण था, जिन्होंने इस यात्रा को दस्तावेज़ में दर्ज किया.

आप मोदी एट 75 का विशेष संस्करण यहां पढ़ सकते हैं:- https://www.news18.com/modiat75/

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