-जिला आबकारी अधिकारी सुशील कुमार मिश्रा की सख्त रणनीति, देहात से शहर तक कड़ी निगरानी
-आबकारी निरीक्षक डॉ. राकेश त्रिपाठी की दबिश में 35 लीटर कच्ची शराब और 300 किलो लहन बरामद
-कार्रवाई के साथ जागरूकता अभियान भी, ग्रामीणों को दी कानूनी चेतावनी
उदय भूमि संवाददाता
प्रयागराज। होली पर्व के नजदीक आते ही जहां उत्सव का माहौल रंग पकडऩे लगा है, वहीं अवैध शराब कारोबारियों की सक्रियता भी बढऩे लगी है। बढ़ती मांग का फायदा उठाने के लिए शराब माफिया और छोटे तस्कर देहात क्षेत्रों में महुआ के सहारे कच्ची शराब के निर्माण में जुट जाते हैं। लेकिन इस बार आबकारी विभाग ने पहले ही मोर्चा संभाल लिया है। जिला आबकारी अधिकारी सुशील कुमार मिश्रा के नेतृत्व में पूरे जनपद में विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री पर पूर्ण विराम लगाना है। सुशील कुमार मिश्रा की कार्यशैली की खासियत है कि वे योजनाबद्ध ढंग से अभियान संचालित करते हैं। वे केवल निर्देश देने तक सीमित नहीं रहते, बल्कि नियमित समीक्षा कर टीमों की गतिविधियों पर सीधी नजर रखते हैं। उनके नेतृत्व में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में अलग-अलग टीमें गठित कर रणनीतिक ढंग से तैनात की गई हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों, संभावित निर्माण स्थलों और संदिग्ध अड्डों की सूची तैयार कर वहां लगातार दबिश दी जा रही है।
इसी क्रम में हाल ही में गाजियाबाद से स्थानांतरित होकर प्रयागराज पहुंचे आबकारी निरीक्षक डॉ. राकेश त्रिपाठी ने भी अपनी सक्रियता से तस्करों के खिलाफ सख्त संदेश दिया है। उन्होंने थाना नवाबगंज क्षेत्र के ग्राम घाटमपुर, समही, मंसूराबाद और कौडि़हार नई बस्ती में सघन छापेमारी अभियान चलाया। इस कार्रवाई के दौरान लगभग 35 लीटर अवैध कच्ची शराब और करीब 300 किलोग्राम महुआ लहन बरामद किया गया। बरामद लहन को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया तथा तीन अभियोग पंजीकृत किए गए। डॉ. राकेश त्रिपाठी की कार्यशैली तेज, अनुशासित और परिणामोन्मुख मानी जा रही है। वे छापेमारी से पहले सूचनाओं का गहन विश्लेषण करते हैं और टीम के साथ सुनियोजित ढंग से कार्रवाई करते हैं, जिससे तस्करों को संभलने का मौका नहीं मिलता।
उनके नेतृत्व में टीम ने न केवल अवैध शराब जब्त की, बल्कि ग्रामीणों को भी अवैध शराब के सेवन और निर्माण से होने वाले दुष्परिणामों के बारे में जागरूक किया। जिला आबकारी अधिकारी सुशील कुमार मिश्रा ने बताया कि होली और चुनावी मौसम में अवैध शराब का कारोबार बढऩे की आशंका रहती है, विशेषकर देहात क्षेत्रों में। इसलिए विभाग ने पहले से ही सघन निगरानी व्यवस्था लागू कर दी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अवैध गतिविधियों में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि विभाग केवल दंडात्मक कार्रवाई ही नहीं कर रहा, बल्कि लोगों को सुधार का अवसर भी दे रहा है।
अभियान के तहत आबकारी विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक कर रही हैं कि अवैध शराब का निर्माण और सेवन स्वास्थ्य के लिए घातक है तथा कानूनी अपराध भी है। ग्रामीणों से अपील की जा रही है कि वे ऐसे कृत्यों से दूर रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत विभाग को दें। प्रशासन और पुलिस विभाग के सहयोग से चल रहे इस विशेष अभियान ने जिले में अवैध शराब कारोबारियों के बीच खलबली मचा दी है। लगातार दबिश और मुकदमा दर्ज होने से तस्करों के नेटवर्क पर असर पड़ा है।
सुशील कुमार मिश्रा के नेतृत्व में आबकारी विभाग का यह अभियान केवल कानून व्यवस्था की मजबूती नहीं, बल्कि जन सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का उदाहरण भी है। वहीं डॉ. राकेश त्रिपाठी की सक्रियता और तत्परता ने यह संकेत दे दिया है कि प्रयागराज में अवैध शराब कारोबार के लिए अब कोई जगह नहीं है। होली पर्व को सुरक्षित और संयमित वातावरण में संपन्न कराने के लिए आबकारी विभाग की टीमें चौबीसों घंटे सतर्क हैं। विभाग का स्पष्ट संदेश है कि त्योहार की आड़ में अवैध कमाई का खेल अब नहीं चलेगा।
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