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सोशल मीडिया पर एक दावा तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके मुताबिक़, एक महिला की बॉडी अपनी लाइफ में तीस बार प्रेग्नेंट हो सकती है. इसके पीछे का लॉजिक और साइंस भी समझाया गया है. आइए जानते हैं डिटेल में.
महिला के फर्टिलिटी पर डिपेंड करती है बच्चों की संख्या (इमेज- फाइल फोटो)
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक दावा तेजी से वायरल हो रहा है कि कोई भी महिला अपनी पूरी जिंदगी में अधिकतम 30 बार प्रेग्नेंट हो सकती है. इस दावे ने बहस भी छेड़ दी है. लोग साइंस और लॉजिक के हिसाब से इसपर बहस कर रहे हैं.
इस दावे के पीछे एक लॉजिक भी दिया जा रहा है, जिसके मुताबिक, महिला की प्रजनन उम्र करीब 30-35 साल होती है. हर प्रेग्नेंसी 9 महीने की होती है और बीच में रिकवरी का समय होता है. लेकिन क्या यह सच में महिला के शरीर की हार्ड लिमिट है? साइंस और इतिहास इसका जवाब बिल्कुल अलग देता है.
सबसे अधिक बच्चे पैदा करने का रिकॉर्ड
दर्ज इतिहास में एक महिला ने 69 बच्चों को जन्म दिया है, जो आज भी गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में सबसे ज्यादा बच्चों की मां के रूप में दर्ज है. यह रिकॉर्ड 18वीं सदी की रूसी किसान महिला वैलेंटिना वासिलीएवा का है. रूस के शुया इलाके में रहने वाली इस महिला ने 1725 से 1765 तक के 40 सालों में कुल 27 डिलीवरी की थी. इनमें 16 जोड़े जुड़वां (32 बच्चे), 7 सेट ट्रिपलेट्स (21 बच्चे) और 4 सेट क्वाड्रुपलेट्स (16 बच्चे) शामिल थे. यानी कुल 69 बच्चे! इनमें से 67 बच्चे बचपन में जीवित रहे, जो उस समय के उच्च शिशु मृत्यु दर को देखते हुए भी आश्चर्यजनक है. गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने इस रिकॉर्ड को आधिकारिक रूप से मान्यता दी है, हालांकि कुछ इतिहासकार इसे थोड़ा संदिग्ध मानते हैं क्योंकि यह पुराने मठ के रिकॉर्ड पर आधारित है.
क्या कहता है विज्ञान
वैज्ञानिक नजरिए से देखें तो महिला के शरीर में कोई फिक्स्ड ‘काउंटर’ नहीं होता कि कितनी बार प्रेग्नेंसी हो सकती है. इसकी मुख्य सीमाएं हैं जैसे प्रजनन काल (मासिक धर्म शुरू होने से मेनोपॉज तक, औसतन 12 से 50 साल की उम्र, यानी करीब 38 साल), अंडों की संख्या और गुणवत्ता में उम्र के साथ कमी, हर प्रेग्नेंसी के बाद यूटरस और शरीर की रिकवरी, पोषण की जरूरत और स्वास्थ्य जोखिम. अगर कोई महिला हर साल एक सिंगल बच्चे को जन्म देती है, तो थ्योरेटिकली 15-30 बच्चे संभव है लेकिन मल्टीपल बर्थ (जुड़वां, ट्रिपलेट्स आदि) से यह संख्या बहुत बढ़ सकती है. वैलेंटिना के मामले में हाइपरओव्यूलेशन (एक साइकिल में कई अंडे निकलना) की वजह से इतने मल्टीपल बर्थ हुए थे. यह जेनेटिक हो सकता है. आधुनिक साइंस कहती है कि अगर लगातार प्रेग्नेंसी होती रहें और कोई स्वास्थ्य समस्या ना आए, तो 30 से ज्यादा भी संभव है, लेकिन रियलिटी में यह बेहद दुर्लभ और खतरनाक है.
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