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कानपुरवासियों के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित राहत की खबर आई है. शहर में जाम की समस्या हमेशा से गंभीर रही है, खासकर जीटी रोड पर. अब रामादेवी से गोल चौराहे तक 10.16 किलोमीटर लंबा फोरलेन एलिवेटेड कॉरिडोर बनने जा रहा है, जिससे शहर में ट्रैफिक सुचारू होगा और नागरिकों को रोजमर्रा की यात्रा में काफी राहत मिलेगी.

एलिवेटेड कॉरिडोर

कानपुर के लोगों के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित अच्छी खबर सामने आई है. शहर में ट्रैफिक सबसे बड़ी समस्या रही है, खासकर जीटी रोड पर पड़ने वाली लगभग 16 क्रॉसिंग को क्रॉस करने में लोगों को काफी परेशानी होती थी. अब इस समस्या के समाधान के लिए एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने की योजना तेजी से आगे बढ़ रही है. साथ ही रामादेवी से गोल चौराहे तक फोरलेन एलिवेटेड कॉरिडोर निर्माण की मंजूरी भी मिल गई है, जिससे कानपुरवासियों को जल्द ही जाम से राहत मिलने की उम्मीद है.

एलिवेटेड कॉरिडोर

इस महत्वपूर्ण परियोजना को मंजूरी दिलाने में कानपुर के सांसद रमेश अवस्थी की पहल निर्णायक रही. उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से कई बार मुलाकात कर इस पर चर्चा की. सांसद ने मंत्रालय को पत्र लिखकर कानपुर की यातायात समस्या और पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग 91 पर लगने वाले भारी जाम के बारे में जानकारी दी. लगातार फॉलो-अप और तकनीकी प्रस्ताव पेश करने के बाद अब केंद्र सरकार की ओर से इस परियोजना को मंजूरी मिल गई है.

एलिवेटेड कॉरिडोर

कानपुर में जाम हमेशा से सबसे बड़ी समस्या रही है, और खासकर इस रोड पर लोग दिनभर ट्रैफिक में फंसकर परेशान रहते थे. कई सालों से इस एलिवेटेड कॉरिडोर को बनाने की मांग उठती रही, लेकिन जमीनी स्तर पर कभी काम शुरू नहीं हो सका. अब जब केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इसकी घोषणा कर दी है, तो कानपुरवासियों ने राहत की सांस ली है. लोग उम्मीद जताते हैं कि इस कॉरिडोर के बनने के बाद लाखों लोगों को रोज़मर्रा के जाम से छुटकारा मिलेगा.

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एलिवेटेड कॉरिडोर

रामादेवी से गोल चौराहे तक बनने वाला यह फोरलेन एलिवेटेड कॉरिडोर लगभग 10.160 किलोमीटर लंबा होगा, जिसकी अनुमानित लागत 988.30 करोड़ रुपए निर्धारित की गई है. इस मार्ग पर कुल 16 रेलवे क्रॉसिंग मौजूद हैं, जहां वर्तमान में ट्रैफिक जाम की समस्या सबसे अधिक रहती है. ट्रेन गुजरने के दौरान वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है. एलिवेटेड रोड बनने के बाद ट्रैफिक ऊपर से सुचारू रूप से निकल सकेगा और नीचे का यातायात भी व्यवस्थित रहेगा.

एलिवेटेड कॉरिडोर

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने आज सोशल मीडिया पर पोस्ट करके इस परियोजना की जानकारी साझा की. उन्होंने अपने फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा कि उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग 91 पर रामादेवी से गोल चौराहे तक एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने के लिए 988.30 करोड़ रुपए की लागत स्वीकृत कर दी गई है. इसके बन जाने से कानपुरवासियों को जाम से राहत मिलेगी, आने-जाने में सुविधा होगी और शहरी इलाके में सड़क सुरक्षा भी बेहतर होगी.

एलिवेटेड कॉरिडोर

परियोजना की मंजूरी मिलने के बाद कानपुर के सांसद रमेश अवस्थी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि यह एलिवेटेड कॉरिडोर कानपुर के विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा और शहर की यातायात व्यवस्था को नई पहचान देगा. सांसद ने भरोसा जताया कि आने वाले समय में कानपुर को और बड़ी आधारभूत सुविधाएं दिलाने के लिए प्रयास जारी रहेंगे. उनका कहना है कि शहर को औद्योगिक और व्यवसायिक दृष्टि से मजबूत बनाने के लिए बेहतर सड़क नेटवर्क बेहद जरूरी है.

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