-सीईओ कृष्णा करुणेश की पहल पर यूपीएसआरटीसी संभालेगा शहरी बस सेवा संचालन
-8–10 महीनों में योजना लागू, अंतरिम राहत हेतु 50 बसें लीज पर चलाने की तैयारी
-आवासीय, औद्योगिक व व्यावसायिक क्षेत्रों को जोड़ने हेतु सर्वे के बाद तय होंगे रूट
उदय भूमि संवाददाता
नोएडा। नोएडा अथॉरिटी के सीईओ कृष्णा करुणेश अब शहर की ट्रांसपोर्ट व्यवस्था को सुधारने पर जोर दिया है। उनकी पहल के बाद अब बड़ा फैसला हुआ है। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) अब नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में पब्लिक ट्रांसपोर्ट की जिम्मेदारी संभालेगा। शासन स्तर पर हुई बैठक में निर्णय लिया गया है कि इन क्षेत्रों में 100 बसें चलाई जाएंगी, जिससे शहरों के भीतर आंतरिक कनेक्टिविटी को मजबूत किया जा सके। प्रदेश के 14 जिलों, जिनमें गोरखपुर भी शामिल है, में यूपीएसआरटीसी पहले से ही शहरी परिवहन सेवा संचालित कर रहा है। उसी मॉडल को अब नोएडा और ग्रेटर नोएडा में लागू करने की तैयारी है।
नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन लंबे समय से एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। तीन-तीन प्राधिकरण और हजारों करोड़ रुपये के बजट के बावजूद यहां के निवासियों को अब तक स्थायी, टिकाऊ और जनहितैषी परिवहन व्यवस्था नहीं मिल सकी है। पिछले दो वर्षों में ई-बसों के संचालन का प्रयोग किया गया। 500 ई-बसें चलाने के लिए दो एजेंसियां भी चयनित की गई थीं, लेकिन योजना जमीनी स्तर पर लागू होने से पहले ही ठंडे बस्ते में चली गई। इससे पहले भी कई प्रस्ताव और पायलट प्रोजेक्ट सामने आए, परंतु बीते 10-12 वर्षों में कोई भी योजना स्थायी रूप से लागू नहीं हो सकी।
अब यूपीएसआरटीसी के माध्यम से 100 बसें चलाने की नई पहल को उम्मीद की नजर से देखा जा रहा है। नोएडा अथॉरिटी के सीईओ कृष्ण करुणेश के अनुसार, इस योजना को धरातल पर उतरने में लगभग 8 से 10 महीने का समय लगेगा। तब तक अंतरिम व्यवस्था के तौर पर नोएडा अथॉरिटी 50 बसें लीज पर लेकर संचालित करने की योजना बना रही है, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके और उन्हें सार्वजनिक परिवहन के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े।
यूपीएसआरटीसी द्वारा संचालित की जाने वाली 100 बसों के लिए एक स्पेशल पर्पज व्हीकल (एसपीवी) का गठन किया जाएगा। बसों के रूट का निर्धारण विस्तृत सर्वे के बाद किया जाएगा, ताकि प्रमुख आवासीय, औद्योगिक और वाणिज्यिक क्षेत्रों को जोड़ा जा सके। यदि यह योजना तय समय सीमा में लागू हो जाती है, तो नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लाखों दैनिक यात्रियों को बड़ी राहत मिल सकती है और क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को एक नई दिशा मिल सकती है।

सीईओ, नोएडा प्राधिकरण
शहर में विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना, सुगम यातायात व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए प्राधिकरण पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। विकास परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। निर्देश दिए गए है कि सड़क, जल निकासी, स्वच्छता, हरित पट्टी विकास एवं यातायात सुधार से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। साथ ही अधिकारियों को नियमित निरीक्षण कर प्रगति की निगरानी करने और नागरिकों की शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के आदेश दिए। नोएडा को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और आधुनिक शहर के रूप में विकसित करने हेतु जनभागीदारी भी आवश्यक है, और प्राधिकरण नागरिकों के सहयोग से शहर को और बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा।
कृष्णा करुणेश
सीईओ, नोएडा प्राधिकरण
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