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होमताजा खबरदेशPoK में हाईवे किनारे मस्जिद-मर्कज बना रहा पाकिस्तान, क्या है नया आतंकी प्लान?

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ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने PoK में अपना आतंकी प्लान बदल दिया है? भारतीय एजेंसियों के इनपुट के मुताबिक PoK को पाकिस्तान से जोड़ने वाले मुख्य हाईवे के आसपास मर्कज और मस्जिदों का निर्माण और विस्तार किया जा रहा है. एजेंसियों ने ऐसे एक दर्जन से ज्यादा ठिकानों की पहचान की है. अधिकारियों को आशंका है कि इन परिसरों का इस्तेमाल आतंकी संगठनों के छोटे उप-केंद्रों के तौर पर हो सकता है. इससे आतंकियों के कैडर और रसद को अलग-अलग जगहों पर फैलाना आसान होगा. ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने पाकिस्तान और PoK में नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था.

PoK में हाईवे किनारे मस्जिद-मर्कज बना रहा पाकिस्तान, क्या है नया आतंकी प्लान?Zoom

ऑपरेशन सिंदूर के बाद PoK में पाकिस्तान की गतिविधियां बढ़ीं. (फाइल फोटो AP)

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने PoK में अपनी रणनीति बदल दी है? भारतीय एजेंसियों के इनपुट के मुताबिक पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) को पाकिस्तान से जोड़ने वाले प्रमुख हाईवे के आसपास मस्जिदों और बड़े धार्मिक परिसरों का निर्माण और विस्तार किया जा रहा है. यह काम ऐसे इलाकों में हो रहा है जो भारत की सीमा और लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के करीब हैं. एजेंसियों ने ऐसे एक दर्जन से ज्यादा ठिकानों की पहचान की है जहां निर्माण गतिविधियां चल रही हैं. चिंता की बात यह है कि इन धार्मिक परिसरों के साथ-साथ इलाके में सैन्य ढांचे का भी विकास हो रहा है. अधिकारियों को आशंका है कि पाकिस्तान इन मस्जिद परिसरों का इस्तेमाल आतंकी संगठनों के लिए नए ठिकानों के तौर पर कर सकता है. यानी अब एक बड़े आतंकी अड्डे के बजाय कई छोटे केंद्र तैयार करने की योजना हो सकती है.

न्यूज18 को मिली जानकारी के मुताबिक इन निर्माण गतिविधियों की पहचान PoK को पाकिस्तान के अलग-अलग इलाकों से जोड़ने वाले प्रमुख सड़क मार्गों पर हुई है. इनमें इस्लामाबाद-मुरी-मुजफ्फराबाद रोड से लेकर मुजफ्फराबाद-मानसेहरा-एबटाबाद मार्ग तक शामिल हैं. कुछ सड़कें सीधे LoC के करीब से गुजरती हैं और सैन्य लिहाज से संवेदनशील मानी जाती हैं. अधिकारियों का आकलन है कि इन परिसरों को इस तरह विकसित किया जा सकता है कि आतंकी संगठन अपने ठिकानों को अलग-अलग हिस्सों में बांट सकें. इससे उनके लोगों और सामान को एक जगह जमा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्तान और PoK में आतंकी ढांचे को निशाना बनाया था. अब एजेंसियों को आशंका है कि उसी कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने अपने नेटवर्क को फैलाने की तैयारी शुरू कर दी है.

PoK के किन हाईवे पर हो रहा निर्माण?

भारतीय एजेंसियों ने जिन इलाकों में निर्माण गतिविधियों की जानकारी जुटाई है उनमें कई अहम सड़क मार्ग शामिल हैं. इस्लामाबाद-मुरी-कोहाला-मुजफ्फराबाद रोड PoK में दाखिल होने का प्रमुख रास्ता है. वहीं मुजफ्फराबाद-मानसेहरा-एबटाबाद मार्ग इस क्षेत्र को खैबर पख्तूनख्वा से जोड़ता है. इसके अलावा मुजफ्फराबाद से चकोठी की ओर जाने वाली सड़क LoC के करीब है. इसे सैन्य लिहाज से संवेदनशील माना जाता है. दक्षिणी PoK में रावलाकोट-आजाद पट्टन, कोटली-कहूटा, मीरपुर-दीना और भीमबर-गुजरात जैसे सड़क मार्गों पर भी निर्माण की जानकारी मिली है. ये रास्ते PoK को रावलपिंडी, झेलम और गुजरात जिलों से जोड़ते हैं.

एक बड़े आतंकी अड्डे के बजाय कई छोटे ठिकाने बनाने की आशंका

  • अधिकारियों को शक है कि इन मस्जिद परिसरों में से कुछ का इस्तेमाल आतंकी संगठनों के उप-केंद्रों के रूप में किया जा सकता है. पहले आतंकी संगठन अपने लोगों और संसाधनों को बड़े और पहचाने जा चुके ठिकानों पर रखते थे. अब आशंका है कि इस व्यवस्था को बदलकर छोटे-छोटे केंद्र बनाए जा सकते हैं.
  • इसका मकसद आतंकियों के कैडर, रसद और दूसरे जरूरी सामान को अलग-अलग जगहों पर फैलाना हो सकता है. मुख्य सड़कों के आसपास ऐसे ठिकाने होने से उनके बीच आवाजाही और सामान पहुंचाना आसान हो सकता है. साथ ही किसी एक ठिकाने पर कार्रवाई होने से पूरे नेटवर्क को नुकसान पहुंचने की आशंका कम हो जाएगी. इन परिसरों के सैन्य ढांचे के नजदीक होने से एजेंसियों की चिंता और बढ़ गई है.

ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने तबाह किए थे 9 आतंकी ठिकाने

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्तान और PoK में मौजूद आतंकी ठिकाने पर कार्रवाई की थी. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक 7 मई 2025 को भारतीय सेना ने नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था. यह कार्रवाई पहलगाम आतंकी हमले के बाद की गई थी. मंत्रालय ने इसे सटीक और संतुलित कार्रवाई बताया था जिसका मकसद तनाव को बढ़ाना नहीं था.

भारत ने जिन ठिकानों पर हमला किया उनमें बहावलपुर और मुरीदके के ठिकाने भी शामिल थे. भारत ने बहावलपुर के ठिकाने को जैश-ए-मोहम्मद और मुरीदके के ठिकाने को लश्कर-ए-तैयबा से जोड़ा था. मुरीदके में लश्कर का मर्कज उसके मुख्यालय के तौर पर इस्तेमाल होता था. अब एजेंसियों को आशंका है कि पाकिस्तान एक बड़े मर्कज पर निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग जगहों पर छोटे केंद्र तैयार करने की दिशा में बढ़ रहा है.

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