{“_id”:”6aec10a853f3a6b2c00b915d”,”slug”:”barricades-have-been-removed-from-delhi-jantar-mantar-2026-11-05″,”type”:”story”,”status”:”publish”,”title_hn”:”जंतर-मंतर की तस्वीर बदली: पूरी तरह हटाए गए बैरिकेड, आम जनता के लिए खुला रास्ता; अब धरना स्थल नहीं”,”category”:{“title”:”City & states”,”title_hn”:”शहर और राज्य”,”slug”:”city-and-states”}}
जंतर-मंतर
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दिल्ली के जंतर-मंतर से बैरिकेड हटा दिए गए हैं। यह कदम गृह मंत्रालय की एक समिति की सिफारिशों के बाद उठाया गया है। जंतर-मंतर को अब अधिकृत प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचित नहीं किया गया है।
जंतर-मंतर खुलने से स्थानीय लोगों को मिली बड़ी राहत
बैरिकेड हटने से स्थानीय निवासियों को आवाजाही में आसानी हुई है। 18वीं सदी की इस वेधशाला के आसपास लंबे समय से लगे प्रतिबंधों से निवासियों ने असुविधा जताई थी। कुछ निवासियों ने दिल्ली पुलिस की बैरिकेडिंग के खिलाफ अदालतों का रुख भी किया था।
Delhi: Barricades at Jantar Mantar have been removed, and the road has been reopened to the public for normal traffic movement https://t.co/yRP7U2CsAf
— IANS (@ians_india) November 5, 2026
इस वजह से केंद्र सरकार ने लिया था फैसला
हाल ही में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और छात्रों के विरोध प्रदर्शनों के दौरान जंतर-मंतर पर प्रतिबंधों पर ध्यान केंद्रित हुआ था। उस समय लुटियंस दिल्ली प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए किले में बदल गई थी। दिल्ली पुलिस ने कई प्रवेश बिंदुओं पर बैरिकेड लगाए थे। पुलिस ने धारा 163 बीएनएसएस का भी आह्वान किया था। इससे जंतर-मंतर और आसपास की सड़कों तक सार्वजनिक पहुंच बाधित हो गई थी।
जंतर-मंतर की अधिसूचना रद
दिल्ली पुलिस आयुक्त ने 11 अक्तूबर को एक स्थायी आदेश जारी किया था। इसके तहत जंतर मंतर को आधिकारिक तौर पर प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचित नहीं किया गया। पुलिस ने अधिकृत प्रदर्शनों के लिए तीन वैकल्पिक स्थान तय किए हैं। इनमें मध्य दिल्ली का रामलीला मैदान, पूर्वी दिल्ली का सीबीडी ग्राउंड और उत्तर-पश्चिम दिल्ली का बुराड़ी ग्राउंड शामिल हैं।
सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली पुलिस का पक्ष
दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि जंतर मंतर अब प्रदर्शनों के लिए उपयुक्त नहीं है। पुलिस ने सार्वजनिक सड़क को स्थायी प्रदर्शन स्थल न बनाने का तर्क दिया। उन्होंने सार्वजनिक सुरक्षा, यातायात जाम और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा का हवाला दिया। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के समक्ष आयुक्त अनुराग कुमार ने हलफनामा दायर किया। उन्होंने बताया कि गृह मंत्रालय की समिति ने सर्वसम्मति से इस स्थल को अनुपयुक्त पाया था।
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