{“_id”:”6ae5e59b259c33c99b0d416f”,”slug”:”delhi-fire-service-to-expand-after-84-years-2345-new-posts-approved-delhi-ncr-news-c-340-1-del1004-161568-2026-10-31″,”type”:”story”,”status”:”publish”,”title_hn”:”Delhi NCR News: 84 साल बाद दिल्ली फायर सर्विस का विस्तार, 2345 नए पदों को मंजूरी”,”category”:{“title”:”City & states”,”title_hn”:”शहर और राज्य”,”slug”:”city-and-states”}}
स्वीकृत पदों की संख्या 3096 से बढ़कर 5441 होगी, कैडर में करीब 76 प्रतिशत की बढ़ोतरी
वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर अग्निशामकों तक बढ़ेंगे पद, 1942 में स्थापना के बाद पहली बार इतना बड़ा पुनर्गठन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली में आग और आपातकालीन घटनाओं से निपटने वाली अग्निशमन सेवा की ताकत अब करीब 76 प्रतिशत बढ़ने जा रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विभाग में अलग-अलग श्रेणियों के 2345 नए पद बढ़ाने को मंजूरी दी है। इसके बाद दिल्ली अग्निशमन सेवा में स्वीकृत पदों की संख्या 3096 से बढ़कर 5441 हो जाएगी। साल 1942 में स्थापना के बाद 84 साल के इतिहास में पहली बार विभाग के कैडर का इतने बड़े स्तर पर पुनर्गठन हो रहा है। इस फैसले से राजधानी की अग्निशमन और आपातकालीन बचाव व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी है। कैडर पुनर्गठन में केवल अग्निशामकों की संख्या ही नहीं बढ़ेगी, बल्कि विभाग के वरिष्ठ और मध्य स्तर के अधिकारियों के पदों का भी विस्तार होगा। इसके तहत उप मुख्य अग्निशमन अधिकारी, मंडल अधिकारी, सहायक मंडल अधिकारी, स्टेशन अधिकारी, उप अधिकारी, अग्रणी अग्निशामक और अग्नि ऑपरेटर के पद बढ़ाए जाएंगे। इसके अलावा चपरासी और माली के पद भी सृजित होंगे। इससे विभाग में नेतृत्व, निगरानी और मौके पर बचाव अभियान चलाने वाले कर्मचारियों की उपलब्धता बढ़ेगी।
बढ़ती आबादी और बहुमंजिला इमारतों ने बढ़ाई चुनौती : दिल्ली का तेजी से फैलता शहरी क्षेत्र, घनी आबादी वाली बस्तियां, बहुमंजिला इमारतें और औद्योगिक प्रतिष्ठान अग्निशमन सेवा के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर रहे हैं। आग की घटनाओं के अलावा सड़क दुर्घटनाओं और अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में भी अग्निशमन सेवा की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि ऐसी घटनाओं में हर मिनट कीमती होता है। पर्याप्त प्रशिक्षित कर्मचारी और मजबूत कमान व्यवस्था से राहत व बचाव कार्यों में तेजी लाई जा सकेगी।
चार केंद्रों से 71 केंद्रों तक पहुंचा विभाग : दिल्ली अग्निशमन सेवा की शुरुआत 1942 में चार अग्निशमन केंद्रों, 14 वाहनों और उपकरणों तथा 186 कर्मचारियों के साथ हुई थी। वर्ष 1970 तक केंद्रों की संख्या 14 हो गई। आज मुख्यालय और प्रशिक्षण केंद्रों सहित विभाग के नेटवर्क में 71 अग्निशमन केंद्र हैं। इसका कार्यक्षेत्र करीब 1484 वर्ग किलोमीटर में फैला है। ऐसे में बढ़ती जिम्मेदारियों के अनुरूप मानव संसाधन और संगठनात्मक ढांचे का विस्तार जरूरी हो गया था।
जनसुरक्षा के लिए निवेश है ये फैसलाः सूद : गृह मंत्री आशीष सूद ने कहा कि लंबे समय से अपेक्षित कैडर पुनर्गठन से विभाग को मजबूत संस्थागत आधार मिलेगा। सरकार का लक्ष्य अग्निशमन सेवा को बदलती जरूरतों और भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप तैयार करना है।
- व्हाट्स एप के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- टेलीग्राम के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- हमें फ़ेसबुक पर फॉलो करें।
- हमें ट्विटर पर फॉलो करें।
———-
🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।
Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||



