Air Marshal Ashutosh Dixit: एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने देश के 29वें एयरफोर्स चीफ का पद संभाल लिया है. कारगिल वॉर से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक में अहम भूमिका निभाने वाले एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित के पास 4 दशकों का सैन्य अनुभव है. उन्हें 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन मिला था.
एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने देश के नए वायुसेना प्रमुख का कार्यभार 31 अक्टूबर 2026 से संभाल लिया है. (फाइल फोटो)
एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने एयरफोर्स में ऑपरेशन, रणनीतिक योजना और विभिन्न महत्वपूर्ण कमान संबंधी जिम्मेदारियां निभाई हैं. स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में भी उनका योगदान रहा है. वर्ष 2023 में उन्होंने हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए) तेजस और स्वदेशी लड़ाकू विमान परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लिया था. इस दौरान वायुसेना की जरूरतों के अनुरूप स्वदेशी तकनीक और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया था. अब उनकी अगुआई में इंडियन एयरफोर्स में स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
40 साल का सैन्य अनुभव
एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित का जन्म 9 दिसंबर 1966 को हुआ था. उन्हें 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन मिला था. राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, बांग्लादेश के डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज और राष्ट्रीय रक्षा कॉलेज के पूर्व छात्र दीक्षित के पास विभिन्न प्रकार के विमानों पर 3,500 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव है. उन्होंने मिराज-2000, मिग के विभिन्न संस्करणों, किरण, जगुआर, IL-78, हॉक और तेजस जैसे विमानों को उड़ाया है. वह प्रायोगिक परीक्षण पायलट होने के साथ-साथ योग्य उड़ान प्रशिक्षक भी हैं. विमान परीक्षण और प्रशिक्षण से जुड़े उनके अनुभव को वायुसेना की ऑपरेशनल तैयारियों तथा नए विमानों के विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है.
महत्वपूर्ण कमान और ऑपरेशनल जिम्मेदारियां
विशिष्ट सेवा के लिए कई सम्मान
एयर मार्शल दीक्षित को उनके योगदान के लिए कई सैन्य सम्मान मिले हैं. उन्हें वर्ष 2006 में वायु सेना मेडल, 2011 में विशिष्ट सेवा मेडल, 2023 में अति विशिष्ट सेवा मेडल और 2026 में परम विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया गया. उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हो रही है जब भारतीय वायुसेना आधुनिक युद्धक क्षमताओं के विस्तार, स्वदेशी विमान निर्माण और नई तकनीकों को अपनाने पर जोर दे रही है. तेजस, स्वदेशी लड़ाकू विमान कार्यक्रमों और भविष्य की वायु शक्ति से जुड़ी परियोजनाओं को गति देना नए वायुसेना प्रमुख की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल हो सकता है.
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बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…
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