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बरसाती मौैसम में दिल्ली की यमुना…
– फोटो : X @ANI

विस्तार

प्रदूषण और तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच दिल्लीवासियों को हरियाली और बेहतर सार्वजनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने महत्वपूर्ण पहल की है। यमुना के पश्चिमी तट पर ओल्ड रेलवे ब्रिज से एनएच-9 (पुराना एनएच-24) तक आधुनिक साइकिल ट्रैक और ग्रीन कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। 


करीब 16.43 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना का उद्देश्य यमुना बाढ़ क्षेत्र को व्यवस्थित स्वरूप देना और लोगों को प्रकृति के करीब लाना है। परियोजना के तहत साइकिल ट्रैक के निर्माण के साथ बागवानी और हरित क्षेत्र के रखरखाव पर भी ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए 90 दिनों का विशेष हॉर्टिकल्चर एवं रखरखाव कार्य प्रस्तावित है। हालांकि, परियोजना के पर्यावरणीय लाभ इस बात पर निर्भर करेंगे कि निर्माण के दौरान यमुना के बाढ़ क्षेत्र की प्राकृतिक संरचना और पारिस्थितिकी का कितना ध्यान रखा जाता है।

साइक्लिंग, जॉगिंग और सैर के लिए बेहतर सुविधा

ग्रीन कॉरिडोर विकसित होने से साइक्लिंग, जॉगिंग और पैदल सैर करने वालों को बेहतर विकल्प मिल सकेगा। शहर की व्यस्त सड़कों   और यातायात के शोर से दूर खुला स्थान मिलने से लोग नियमित शारीरिक गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित होंगे। 

प्रदूषण प्रभावित क्षेत्रों को मिलेगी राहत 

पूर्वी दिल्ली के आसपास के क्षेत्रों में भारी यातायात, धूल और वाहनों से निकलने वाला धुआं वायु प्रदूषण की प्रमुख चुनौतियां हैं। रिंग रोड और गीता कॉलोनी फ्लाईओवर के आसपास यातायात का दबाव भी बना रहता है।  हरित क्षेत्र का विकास शहरी वातावरण को बेहतर बनाने में सहायक हो सकता है। 

जैव विविधता को सुरक्षित रखना होगा

बाढ़ क्षेत्र में निर्माण कार्य और पौधरोपण के दौरान नदी के प्राकृतिक प्रवाह, जैव विविधता तथा भूजल पुनर्भरण की प्रक्रिया को सुरक्षित रखना जरूरी होगा। परियोजना का वास्तविक लाभ तभी सामने आएगा।

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