Image Slider

Cameras and Radars
– फोटो : Amar Ujala

विस्तार

वाहन निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी (Maruti Suzuki) ने गुरुग्राम में सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों के पालन को बेहतर बनाने के लिए इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) के दूसरे चरण की घोषणा की है। कंपनी अपनी कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) पहल के तहत गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) और गुरुग्राम पुलिस के साथ मिलकर इस परियोजना पर काम कर रही है।


इस चरण में शहर के प्रमुख चौराहों और सड़कों पर 1,000 नए कैमरे और रडार सिस्टम लगाए जाएंगे। इसके बाद गुरुग्राम में इस परियोजना के तहत मारुति सुजुकी की ओर से लगाए गए कैमरों की कुल संख्या बढ़कर 1,400 हो जाएगी।

  • दूसरे चरण का प्लान: इस पहल के दूसरे चरण में मारुति सुजुकी शहर के 65 किलोमीटर लंबे नौ प्रमुख सड़क मार्गों पर स्थित लगभग 70 जंक्शनों पर 1,000 नए कैमरे और रडार सिस्टम इंस्टॉल करेगी।
  • कुल तैनाती और बजटीय आवंटन: इस विस्तार के बाद मारुति सुजुकी द्वारा कुल 93 जंक्शनों और 13 प्रमुख सड़कों पर तैनात कैमरों की संख्या बढ़कर 1,400 हो जाएगी। कंपनी ने आईटीएमएस गुरुग्राम प्रोजेक्ट के लिए लगभग 75 करोड़ रुपये का फंड आवंटित किया है।
  • पहला चरण: इससे पहले, परियोजना के पहले चरण में कंपनी ने गुरुग्राम के चार सड़क मार्गों पर स्थित 23 जंक्शनों पर 400 कैमरे और रडार सफलतापूर्वक लगाए थे।

 

यह एडवांस्ड ट्रैफिक सिस्टम किस तरह से काम करेगा?

इस पहल का मुख्य उद्देश्य एडवांस्ड टेक्नोलॉजी के जरिए ट्रैफिक की रियल-टाइम निगरानी करना और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना है:

  • किन उल्लंघनों पर रहेगी नजर? यह स्मार्ट सिस्टम रेड लाइट जंपिंग, स्पीड लिमिट का उल्लंघन, हेलमेट न पहनना, ट्रिपल राइडिंग, गलत दिशा में ड्राइविंग और अन्य ट्रैफिक अपराधों पर पैनी नजर रखेगा।
  • ऑटोमैटिक नंबर प्लेट पहचान: नियमों का उल्लंघन होते ही ये कैमरे वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर रिकॉर्ड कर लेते हैं। इसके बाद यह डेटा तुरंत इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) के डेटा सर्वर पर भेज दिया जाता है, जहां से ट्रैफिक पुलिस चालान की कार्रवाई शुरू करती है।

 

सड़क सुरक्षा को लेकर मारुति सुजुकी के प्रबंधन का क्या कहना है?

इस पहल पर बात करते हुए मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (कॉर्पोरेट अफेयर्स) राहुल भारती ने कहा:

“यह एडवांस्ड ट्रैकिंग सिस्टम बिना हेलमेट ड्राइविंग, ट्रिपल राइडिंग, रेड-लाइट उल्लंघन, ओवर-स्पीडिंग और रॉन्ग-साइड ड्राइविंग जैसी गंभीर समस्याओं पर लगाम लगाएगा। भारत में मानवीय भूल सड़क दुर्घटनाओं का सबसे बड़ा कारण बनी हुई है, जो सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ी चुनौती है।”

उन्होंने आगे कहा कि सड़क सुरक्षा में सुधार लाने के लिए जिम्मेदार ड्राइविंग, ड्राइविंग लाइसेंस की सख्त टेस्टिंग और प्रभावी ट्रैफिक प्रवर्तन का संयोजन बेहद जरूरी है। मारुति सुजुकी एक सुरक्षित मोबिलिटी इकोसिस्टम बनाने के लिए सरकारी अधिकारियों और पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

———-

🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।

 

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||