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केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पंजाब सरकार से नशा-विरोधी कार्यकर्ताओं पर जानलेवा हमलों, उन्हें परेशान किए जाने और उनके आत्महत्या करने के मामलों पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इससे पहले, गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि पंजाब आज नशा, गैंगस्टरवाद व संगठित अपराध के बढ़ते खतरे से जूझ रहा है।

इस पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए गुजरात के एक बंदरगाह पर मादक पदार्थों की बरामदगी का जिक्र किया और केंद्रीय गृह मंत्री को उनकी जिम्मेदारी निभाने की नसीहत दी। गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि बृहस्पतिवार रात गुरदासपुर के मारी पनवां गांव में बिक्रमजीत सिंह, निशान सिंह और गुरमुख सिंह पर हुआ हमला कथित तौर पर नशीले पदार्थों से जुड़ा है। 

मंत्रालय ने मानसा में परविंदर सिंह झोटा की हत्या व नशीले पदार्थों की लत के शिकार एक व्यक्ति के पिता, गुलजार सिंह की आत्महत्या का भी संज्ञान लिया है। केंद्र सरकार ने कहा कि इन घटनाओं का कानून-व्यवस्था पर असर पड़ सकता है। राज्य सरकार से नारकोटिक्स कंट्रोल विजन डॉक्यूमेंट (2026-2029) पर की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी गई है। इसे गृह मंत्री शाह ने मुख्यमंत्रियों के साथ साझा किया था।

गृह मंत्रालय ने गुलजार सिंह की आत्महत्या के मामले का भी जिक्र किया है। पंजाब के संगरूर जिले में रहने वाले गुलजार सिंह का बेटा नशे की गिरफ्त में आ गया था। अपने बेटे और अन्य युवाओं को इस दलदल से बचाने के लिए वे लगातार संघर्ष कर रहे थे। एक कार्यक्रम के दौरान गुलजार सिंह ने पंजाब के वित्त मंत्री और स्थानीय विधायक हरपाल सिंह चीमा के सामने सार्वजनिक रूप से यह मुद्दा उठाया था। 7 सितंबर को गुलजार सिंह ने जान दे दी थी। 

आरोपी की पत्नी गिरफ्तार झोटा का दाह संस्कार नहीं

नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में शुक्रवार को भी उनका दाह संस्कार नहीं हुआ। इलाके में तनाव बरकरार है। संघर्ष कमेटी डीजीपी की बर्खास्तगी और मामले की सीबीआई जांच की मांग पर अड़ी रही। झोटा के पिता भीम सिंह ने भी साफ कहा कि लोगों के बच्चों को नशे से बचाने के लिए उनके बेटे ने जान कुर्बान की है।

इसलिए जब तक उनके बेटे को इंसाफ नहीं मिलता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। दूसरी ओर, बटाला में भी  बिक्रमजीत सिंह नामक युवक की हत्या का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि यह युवक भी अपने क्षेत्र में नशा बेचने वालों का विरोध कर रहा था। इसके बाद कुछ लोगों ने पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी। हालांकि, बटाला के एसएसपी डॉ. मेहताब सिंह का कहना है कि इस वारदात का नशे से कोई संबंध नहीं है। 

वार-पलटवार

जनता को प्रचार और घोषणाएं नहीं, अब जवाब चाहिए-  शाह

गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री मान से सवाल किया कि आखिर पंजाब के लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा? शाह ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, दिड़बा में एक पिता का दबाव में जहर खा लेना और मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा की दिनदहाड़े हत्या ने पंजाब की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परविंदर के पिता ने आप (आम आदमी पार्टी) सरकार और उनके विधायक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शाह ने कहा, पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा, भगवंत मान जी, पंजाब की जनता को प्रचार नहीं, जवाब चाहिए, घोषणाएं नहीं, परिणाम चाहिए।…मैं पंजाब की जनता के सामने अपना संकल्प दोहराता हूं कि पंजाब में हमारी सरकार बनने पर हम नशामुक्त, गैंगस्टरमुक्त और सुरक्षित पंजाब बनाने के लिए पूरी ताकत से काम करेंगे।

पाकिस्तान से ड्रग्स आ रहा है तो आखिर जिम्मेदार कौन- मान

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह गुजरात के बंदरगाहों के जरिये हो रही ड्रग्स की आपूर्ति को रोकने के बजाय पंजाब को ड्रग्स के मुद्दे पर बदनाम कर रही है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से कांडला बंदरगाह पर 3,000 किलोग्राम सिंथेटिक ड्रग्स पकड़े जाने की घटना की जिम्मेदारी लेने को कहा। पंजाब के फिल्लौर में पत्रकारों से बात करते हुए मान ने कहा कि उनकी सरकार तस्करों व ड्रग्स का कारोबार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। इससे पहले, सोशल मीडिया पोस्ट में मान ने कहा, अगर पाकिस्तान से ड्रग्स आ रहे हैं, तो बीएसएफ किसके अधीन आती है? यह केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन आती है। अगर गुजरात में ड्रग्स पकड़े जाते हैं, तो वहां किसकी सरकार है? वहां भाजपा की सरकार है। दूसरों पर आरोप लगाने से पहले, अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। 

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