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  • जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. घनश्याम अनुरागी की पहल से मिशन शक्ति के तहत छात्रा को मिली सांकेतिक जिम्मेदारी, कार्यालय का किया निरीक्षण
  • जनसुनवाई के आवेदनों पर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश, सरकारी कामकाज समझकर उत्साहित हुई छात्रा
  • बेटियों को अवसर देकर नेतृत्व क्षमता विकसित करना जरूरी, आत्मविश्वास से खुलेंगे तरक्की के रास्ते: धर्मजीत त्रिपाठी

उदय भूमि संवाददाता
जालौन। बेटियों में आत्मविश्वास बढ़ाने, उन्हें नेतृत्व के अवसर उपलब्ध कराने और सरकारी कामकाज की व्यावहारिक जानकारी देने के उद्देश्य से जिला पंचायत जालौन में मिशन शक्ति के तहत अभिनव पहल की गई। शुक्रवार को जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. घनश्याम अनुरागी ने मेधावी छात्रा कु. इप्क्षिता, पुत्री बीरेंद्र कुमार (अध्यापक), को एक दिन के लिए सांकेतिक अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत जालौन का दायित्व सौंपा। इस दौरान इशिता ने कार्यालय का निरीक्षण किया, विकास कार्यों की समीक्षा की और मिशन शक्ति से संबंधित फाइलों पर हस्ताक्षर किए। साथ ही जनसुनवाई में प्राप्त आवेदन पत्रों पर नियमानुसार कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया। इस पहल का उद्देश्य छात्राओं को प्रशासनिक व्यवस्था से परिचित कराकर उनमें नेतृत्व और निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना रहा। जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. घनश्याम अनुरागी ने कहा कि बेटियां हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और क्षमता का परिचय दे रही हैं। उन्हें उचित अवसर, प्रोत्साहन और मार्गदर्शन मिले तो वे प्रशासन, शिक्षा, विज्ञान और सामाजिक सेवा सहित हर क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल कर सकती हैं।

उन्होंने कहा कि मिशन शक्ति का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं में सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की भावना को मजबूत करना है। ऐसी पहल से छात्राओं को सरकारी व्यवस्था को करीब से समझने और भविष्य में बड़ी जिम्मेदारियां निभाने के लिए प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि सांकेतिक पदभार जैसी गतिविधियां छात्राओं के भीतर आत्मविश्वास पैदा करने के साथ उन्हें अपने लक्ष्य निर्धारित करने के लिए भी प्रोत्साहित करती हैं। समाज और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि बेटियों को आगे बढऩे के लिए समान अवसर उपलब्ध कराए जाएं, जिससे वे अपनी प्रतिभा का पूरा उपयोग कर सकें। कार्यक्रम के दौरान अपर मुख्य अधिकारी धर्मजीत त्रिपाठी, अभियंता अशोक कुमार यादव और जिला पंचायत के अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने इप्क्षिता को पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर जिला पंचायत के समस्त अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

सरकारी कामकाज समझने का मिला व्यावहारिक अनुभव
जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी धर्मजीत त्रिपाठी ने कहा कि मिशन शक्ति के तहत छात्राओं को प्रशासनिक जिम्मेदारियों से परिचित कराने की यह पहल उनके व्यक्तित्व विकास में उपयोगी साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि बेटियों को केवल शिक्षा तक सीमित न रखते हुए उन्हें निर्णय लेने, नेतृत्व करने और सामाजिक जिम्मेदारियों को समझने के अवसर भी दिए जाने चाहिए। इससे उनमें आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास बढ़ता है।

उन्होंने बताया कि सांकेतिक अपर मुख्य अधिकारी के रूप में इप्क्षिता ने कार्यालय की कार्यप्रणाली को समझा और विभिन्न विभागीय गतिविधियों का अवलोकन किया। विकास कार्यों की समीक्षा और जनसुनवाई से संबंधित प्रक्रिया की जानकारी मिलने से उन्हें यह समझने का अवसर मिला कि प्रशासनिक स्तर पर जनता की समस्याओं के समाधान के लिए किस प्रकार कार्य किया जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसी पहलें बालिकाओं को भविष्य में बड़े लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित करती हैं।

जिम्मेदारी ने बड़े सपने देखने की प्रेरणा दी
एक दिन की सांकेतिक अपर मुख्य अधिकारी बनीं मेधावी छात्रा कु.इप्क्षिता ने कहा कि यह अनुभव उनके लिए बेहद खास और सीखने वाला रहा। सरकारी कार्यालय की कार्यप्रणाली को करीब से समझने तथा अधिकारियों की जिम्मेदारियों को जानने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि इस जिम्मेदारी से उन्हें भविष्य में बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत करने की प्रेरणा मिली है। इशिता ने बेटियों के लिए सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं को सराहनीय बताते हुए कहा कि महिलाओं और बालिकाओं को आगे बढ़ाने के लिए ऐसे अवसर महत्वपूर्ण हैं। इससे छात्राओं को अपनी क्षमता पहचानने और भविष्य में जिम्मेदार पदों पर पहुंचने का विश्वास मिलता है।

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