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– विकास कार्यों का किया जिक्र: नमो भारत, जेवर एयरपोर्ट, मेडिकल कॉलेज और विश्वविद्यालयों को बताया बदलाव की पहचान
– शिक्षकों से मतदान की अपील: श्रीचंद शर्मा और दिनेश गोयल के समर्थन में 23 अक्टूबर को भरपूर मतदान करने का आह्वान

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को डासना स्थित एसडीजीआई ग्लोबल यूनिवर्सिटी में आयोजित शिक्षक-स्नातक सम्मेलन में विधान परिषद चुनाव के मतदाताओं को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने सपा के शासनकाल को दंगे, कर्फ्यू और बदहाल सड़कों से जोड़ते हुए कहा कि उस समय प्रदेश में निवेश का माहौल प्रभावित था, जबकि भाजपा सरकार में सुरक्षा, विकास और धार्मिक आयोजनों को लेकर परिस्थितियां बदली हैं। मुख्यमंत्री ने रामलीला, कांवड़ यात्रा, शिक्षा, रोजगार, परिवहन और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में हुए कार्यों का उल्लेख किया। साथ ही उन्होंने विधान परिषद चुनाव में भाजपा प्रत्याशियों श्रीचंद शर्मा और दिनेश गोयल के समर्थन में 23 अक्टूबर को अधिक से अधिक मतदान करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत भगवान राम, हनुमान, वृंदावन के बांके बिहारी, मां शाकुंभरी और भगवान शिव के स्मरण से की। उन्होंने कहा कि नवरात्र चल रहे हैं और मां कात्यायनी स्वरूप की आराधना का अवसर है।

इसके बाद उन्होंने प्रदेश की राजनीति और आगामी विधान परिषद चुनाव का जिक्र करते हुए समाजवादी पार्टी की नीतियों तथा टिकट वितरण पर सवाल उठाए। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाजवादी पार्टी की वास्तविकता सामने आ गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने गिरगिट की तरह रंग बदला है और टिकट वितरण में अपने हितों को प्राथमिकता दी है। मुख्यमंत्री ने सपा के पीडीए नारे पर तंज कसते हुए इसे ‘परिवार डेवलपमेंट पार्टी’ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने परिवार से जुड़े लोगों और मुंबई के कारोबारी को टिकट दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधान परिषद चुनाव में मतदाताओं के सामने सभी दलों की नीतियां और कार्यशैली हैं, इसलिए उन्हें सोच-समझकर मतदान करना चाहिए। सपा के शासनकाल की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले प्रदेश की पहचान दंगों, कर्फ्यू और टूटी सड़कों से होती थी। उस समय निवेशक उत्तर प्रदेश में आने से कतराते थे। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र का जिक्र करते हुए भी सपा पर आरोप लगाए और कहा कि कुछ संस्थानों के लिए अलग नियम बनाए गए, जबकि अन्य विश्वविद्यालयों के विकास में बाधाएं आईं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार ने अपराध और अपराधियों के खिलाफ शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था मजबूत रहे और आम नागरिक सुरक्षित वातावरण में अपना काम कर सकें। उन्होंने दावा किया कि सुरक्षा व्यवस्था में सुधार के साथ निवेश, रोजगार और शिक्षा के अवसरों को भी बढ़ावा मिला है। सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने शिक्षकों के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षक समाज के युग निर्माता हैं। विद्यार्थियों के भविष्य को आकार देने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है, इसलिए शिक्षकों को आवश्यक सुविधाएं मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रीचंद शर्मा और दिनेश गोयल ने शिक्षकों के हित में जो मांगें उठाई थीं, उन पर काम करने का प्रयास किया गया है।

मुख्यमंत्री ने मतदाताओं के भरोसे का उल्लेख करते हुए दोनों को दोबारा प्रत्याशी बनाए जाने की बात कही। योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर शिक्षा के मुद्दे पर भी निशाना साधा। उन्होंने सपा की शिक्षा संबंधी सोच पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो व्यवस्था को मजबूत करने के बजाय कमजोर करती है, उस पर भरोसा नहीं किया जा सकता। उन्होंने शिक्षकों और स्नातकों से चुनाव में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि लोकतंत्र में मतदान महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने 23 अक्टूबर को अधिक से अधिक मतदान करने की अपील करते हुए कहा कि मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग जरूर करें। सम्मेलन में विधान परिषद चुनाव, शिक्षकों की भूमिका और प्रदेश में विकास कार्यों को लेकर मुख्यमंत्री का संबोधन केंद्रित रहा।

रामलीला और कांवड़ यात्रा बदले माहौल की पहचान
मुख्यमंत्री ने गाजियाबाद में आयोजित हो रही रामलीलाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में अब बड़े स्तर पर धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि सपा की सरकार होती तो ऐसे आयोजनों के दौरान दंगों की आशंका बनी रहती। उन्होंने कांवड़ यात्रा का उदाहरण देते हुए कहा कि यात्रा के दौरान शांति बनाए रखना और श्रद्धालुओं को सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता रही है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नवरात्र के दौरान दुर्गापूजा के पंडाल लगाने और धार्मिक आयोजन करने में पहले कठिनाइयां आती थीं, लेकिन अब परिस्थितियां बदली हैं। उन्होंने भाजपा सरकार को विरासत के संरक्षण से जोड़ते हुए काशी विश्वनाथ धाम के विकास और अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का उल्लेख किया।

उनके अनुसार, धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण प्रदेश की पहचान को मजबूत करने का काम कर रहा है। मुख्यमंत्री ने सहारनपुर में मां शाकुंभरी कॉरिडोर के निर्माण कार्य का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले दर्शन के दौरान पानी आने से श्रद्धालुओं को परेशानी होती थी। अब वहां एलिवेटेड मार्ग बनाया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को आवागमन में सुविधा मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और श्रद्धालुओं की यात्रा को सुगम बनाना भी विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

नमो भारत और जेवर एयरपोर्ट का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में बुनियादी ढांचे के विकास का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को आगे बढ़ाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के समय कुछ परियोजनाओं के लिए धनराशि रोक दी गई थी। योगी ने कहा कि नमो भारत ट्रेन ने दिल्ली और मेरठ के बीच आवागमन को आसान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जेवर एयरपोर्ट को भी प्रदेश के विकास और संपर्क व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण परियोजना बताया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए नए विश्वविद्यालयों की स्थापना की गई है।

सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मिर्जापुर और अलीगढ़ में विश्वविद्यालय बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने इसे स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने से जोड़ा। योगी आदित्यनाथ ने मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, आगरा, कानपुर और लखनऊ में मेट्रो सेवाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि परिवहन सुविधाओं का विस्तार शहरों की विकास प्रक्रिया को गति देता है। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क, रेल और हवाई संपर्क से लोगों को सुविधा मिलने के साथ कारोबार और निवेश को भी बढ़ावा मिलता है।

नौकरी और स्टार्टअप का जिक्र, युवाओं को लेकर किया दावा
रोजगार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नौ वर्षों के दौरान साढ़े नौ लाख लोगों को नौकरी देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के रोजगार संबंधी बयानों पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में नियुक्ति पत्र वितरित किए गए हैं। योगी ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश का युवा अब केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि दूसरों को रोजगार देने वाला भी बन रहा है। उन्होंने प्रदेश में 24 हजार स्टार्टअप होने का उल्लेख करते हुए कहा कि युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसर मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए प्रदेश में ही बेहतर अवसर मिलें। उन्होंने कानून-व्यवस्था, शिक्षा और रोजगार को प्रदेश के विकास के महत्वपूर्ण आधार बताया।

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