- तीनों जोन में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने संभाली कमान, महिला सुरक्षा के संकल्प के साथ निकला भव्य पैदल मार्च
- महिला वॉलंटियर्स, छात्राओं और विभिन्न विभागों की टीमों ने दिखाई एकजुटता, जन-जन तक पहुंचाया सुरक्षा और स्वाभिमान का संदेश
- पुलिस की सक्रिय कार्यशैली और जनभागीदारी ने अभियान को दी धार, महिलाओं के सम्मान व सुरक्षित वातावरण के लिए समाज से सहयोग की अपील
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर मिशन शक्ति अभियान के तहत गाजियाबाद कमिश्नरेट पुलिस ने महिला सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के लिए व्यापक स्तर पर पैदल मार्च का आयोजन किया। रविवार को नगर, ट्रांस हिंडन और ग्रामीण जोन में महिला वॉलंटियर्स फोर्स (एमवीएफ) के सहयोग से निकाले गए इस मार्च में करीब 2000 लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। तीनों जोन में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने स्वयं मोर्चा संभालते हुए कार्यक्रम को प्रभावशाली और व्यवस्थित बनाने में अहम भूमिका निभाई। पुलिस की सक्रिय भागीदारी, विभिन्न विभागों की महिला टीमों की मौजूदगी और छात्राओं के उत्साह ने आयोजन को खास बना दिया। मार्च के माध्यम से संदेश दिया गया कि महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का सामूहिक दायित्व है।
महिला सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित पैदल मार्च में नगर जोन में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त केशव कुमार चौधरी, पुलिस उपायुक्त मुख्यालय बलवंत कुमार चौधरी, एसीपी कोतवाली उपासना पाण्डेय, एसीपी कविनगर अभय राजेंद्र डागा और एसीपी नंदग्राम जियाउद्दीन अहमद ने सक्रिय भूमिका निभाई। ट्रांस हिंडन जोन में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त राज करण नैयर, पुलिस उपायुक्त ऋजुल और एसीपी इंदिरापुरम सूर्यबली मौर्य ने अभियान की कमान संभाली।
वहीं, ग्रामीण जोन में पुलिस उपायुक्त ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी, एसीपी मोदीनगर सिद्धार्थ गौतम और एसीपी मसूरी सुनील कुमार सहित अन्य अधिकारियों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान दिया। वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी ने न केवल आयोजन को मजबूती दी, बल्कि पुलिस और आमजन के बीच संवाद तथा विश्वास को बढ़ाने का संदेश भी दिया। पुलिस टीमों ने विभिन्न प्रमुख स्थानों पर मार्च के माध्यम से महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक किया।
महिला वॉलंटियर्स, छात्राओं और विभिन्न विभागों की टीमों ने बढ़ाया उत्साह
पैदल मार्च में पुलिस विभाग के साथ पीआरडी, होमगार्ड, आशा कार्यकर्ता, एएनएम, शिक्षिकाएं, महिला चिकित्सक, नर्स और सफाईकर्मियों की महिला टीमों ने भाग लिया। स्कूल-कॉलेज की छात्राओं की सुसंगठित टोलियां भी मार्च का प्रमुख आकर्षण रहीं। विभिन्न विभागों और सामाजिक वर्गों की महिलाओं की भागीदारी ने यह साबित किया कि महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य को सफल बनाने के लिए सभी का साथ जरूरी है।
मार्च के दौरान आकर्षक पोस्टर और बैनर प्रदर्शित किए गए, जिन पर महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, सम्मान और आत्मनिर्भरता से जुड़े संदेश लिखे थे। प्रेरणादायी संगीत और उत्साहपूर्ण वातावरण ने कार्यक्रम को और प्रभावी बनाया। महिला वॉलंटियर्स फोर्स की भागीदारी से अभियान को जनसहभागिता का व्यापक स्वरूप मिला। छात्राओं और महिला कर्मियों ने अपनी उपस्थिति के माध्यम से समाज को महिलाओं के अधिकारों और सुरक्षित वातावरण के महत्व का संदेश दिया।
महिला सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, समाज से सहयोग की अपील
पुलिस अधिकारियों ने मिशन शक्ति अभियान को महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना पुलिस की प्राथमिकताओं में शामिल है। अभियान का उद्देश्य महिलाओं में सुरक्षा का विश्वास मजबूत करना, उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करना और किसी भी समस्या की स्थिति में आगे आकर शिकायत करने के लिए प्रेरित करना है। पुलिस आयुक्त केशव कुमार चौधरी ने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान तथा आत्मविश्वास को मजबूत करना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। मिशन शक्ति जैसे अभियानों के माध्यम से पुलिस समाज के बीच पहुंचकर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और महिलाओं में भरोसा कायम करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा के लिए पुलिस की सक्रियता के साथ जनसहयोग भी बेहद जरूरी है।
पुलिस उपायुक्त मुख्यालय बलवंत कुमार चौधरी ने कहा कि महिला सुरक्षा से जुड़े संदेश को केवल कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि उसे समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाना आवश्यक है। महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के लिए जागरूकता, संवेदनशीलता और सामूहिक सहभागिता महत्वपूर्ण है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त राज करण नैयर ने कहा कि मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षा का भरोसा देने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर और जागरूक बनाना भी है। पुलिस, प्रशासन, विभिन्न विभागों और आमजन के समन्वित प्रयासों से ही महिला सुरक्षा के लक्ष्य को प्रभावी ढंग से हासिल किया जा सकता है।
पुलिस उपायुक्त ट्रांस हिंडन ऋजुल ने कहा कि महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा के लिए पुलिस लगातार सजग है। इस प्रकार के आयोजनों से पुलिस और जनता के बीच विश्वास मजबूत होता है तथा महिलाओं को अपनी सुरक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूक होने की प्रेरणा मिलती है।
तीनों जोन में आयोजित इस पैदल मार्च ने महिला सुरक्षा और सम्मान के प्रति सामूहिक संकल्प को मजबूत किया। करीब 2000 प्रतिभागियों की भागीदारी के साथ संपन्न कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि महिलाओं के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण तैयार करने में पुलिस की सक्रिय कार्यशैली के साथ समाज की सहभागिता भी निर्णायक भूमिका निभाती है।
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