प्रत्येक मंगलवार को होगी न्यूरो की ओपीडी
इससे पहले जिला अस्पताल में न्यूरो सर्जरी से संबंधित विशेषज्ञ ओपीडी की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता था. जिन मरीजों को सिर, दिमाग, रीढ़ की हड्डी या नसों से जुड़ी बीमारी होती थी, उन्हें बेहतर इलाज के लिए लखनऊ के मेडिकल कॉलेजों और निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता था. आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह सफर और इलाज दोनों ही काफी चुनौतीपूर्ण साबित होता था. अब जिला अस्पताल में न्यूरो सर्जिकल ओपीडी शुरू होने से स्थानीय मरीजों को अपने जिले में ही विशेषज्ञ परामर्श मिलने की उम्मीद जगी है. प्रत्येक मंगलवार को जिला अस्पताल में न्यूरो सर्जिकल ओपीडी की शुरुआत की गई इसके साथ ही जिले के लोगों के लिए चिकित्सा सेवाओं के क्षेत्र में एक नई सुविधा जुड़ गई है
महानगरों की दौड़ से मिलेगी राहत
मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी और तंत्रिका तंत्र से जुड़ी बीमारियां ऐसी होती हैं जिनमें समय पर विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श और सही उपचार बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. कई बार मरीज को लगातार सिरदर्द, चक्कर, हाथ-पैर में कमजोरी, नसों से संबंधित परेशानी, रीढ़ की हड्डी में दर्द या अन्य गंभीर लक्षण होने पर विशेषज्ञ चिकित्सक की जरूरत पड़ती है. खीरी जैसे बड़े जिले में लंबे समय से मरीजों को न्यूरो सर्जिकल विशेषज्ञ की सुविधा के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता था. मरीजों के सामने सबसे बड़ी परेशानी यह होती थी जिला अस्पताल में शुरुआती जांच और उपचार के बाद उन्हें उच्च चिकित्सा संस्थानों के लिए रेफर किया जाता था.
ऐसे में मरीज के साथ परिवार के एक या कई सदस्यों को भी बाहर जाना पड़ता था. आने-जाने का किराया, रहने-खाने का खर्च और निजी अस्पताल में इलाज की स्थिति में भारी चिकित्सा खर्च परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालता था.
अब जिला अस्पताल में न्यूरो सर्जिकल ओपीडी शुरू होने के बाद शुरुआती स्तर पर मरीजों को विशेषज्ञ परामर्श यहीं उपलब्ध हो सकेगा.इससे उन मरीजों को विशेष राहत मिलेगी जिन्हें केवल विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श या फॉलोअप की आवश्यकता होती है.
सुबह 8 बजे से शुरू होगी ओपीडी
जिला अस्पताल में शुरू की गई न्यूरो सर्जिकल ओपीडी में मरीजों को सुबह से ही चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी.डॉक्टर सिद्धार्थ के अनुसार, ओपीडी सुबह 8 बजे से शुरू हो जाती है.ऐसे में मरीज निर्धारित समय पर जिला अस्पताल पहुंचकर चिकित्सक से परामर्श ले सकते हैं. डॉ. सिद्धार्थ ने बताया कि जिला अस्पताल में न्यूरो सर्जिकल ओपीडी की शुरुआत कर दी गई है.इसका उद्देश्य जिले के मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें छोटी-बड़ी न्यूरो संबंधी समस्याओं के लिए अनावश्यक रूप से बड़े महानगरों का रुख न करना पड़े.
उन्होंने बताया कि समय के साथ इस सुविधा को और बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जाएगा मरीजों को उनकी बीमारी के अनुसार चिकित्सकीय सलाह दी जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर आगे की चिकित्सा प्रक्रिया के लिए उचित मार्गदर्शन भी दिया जाएगा।
एक रुपये में होगा इलाज
जिला अस्पताल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां मरीजों को सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था के तहत बेहद कम शुल्क में चिकित्सा सुविधा मिलती है। न्यूरो सर्जिकल ओपीडी शुरू होने के बाद मरीज ₹1 के पर्चे पर विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श प्राप्त कर सकेंगे. निजी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श लेने के लिए मरीजों को कई बार बड़ी रकम खर्च करनी पड़ती है.इसके अलावा बाहर जाने पर यात्रा और अन्य खर्च भी जुड़ जाते हैं. जिला अस्पताल में न्यूरो सर्जिकल ओपीडी शुरू होने से मरीजों को अपने जिले में ही विशेषज्ञ चिकित्सक तक पहुंच मिल सकेगी. इससे विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को फायदा होगा
सभी जांच निशुल्क होने से मरीजों को राहत
डॉ. सिद्धार्थ के मुताबिक जिला अस्पताल में मरीजों के लिए विभिन्न आवश्यक जांचों की सुविधा निशुल्क उपलब्ध कराई जाती है. न्यूरो संबंधी समस्या में चिकित्सक मरीज की स्थिति के अनुसार आवश्यक जांच कराने की सलाह दे सकते हैं. सरकारी अस्पताल में उपलब्ध जांच सुविधाओं से मरीजों को आर्थिक राहत मिलती है।
किसी गंभीर बीमारी की स्थिति में जांच और उपचार का खर्च परिवार के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। ऐसे में जिला अस्पताल में उपलब्ध निशुल्क जांच सुविधा मरीजों के लिए काफी महत्वपूर्ण है.
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