अयोध्या में दीपोत्सव से पहले राम की पैड़ी सहित सरयू नदी के प्रमुख घाटों का तेजी से कायाकल्प और सौंदर्यीकरण किया जा रहा है. घाटों के विकास कार्य में धार्मिक और पौराणिक स्वरूप का विशेष ध्यान रखा जा रहा है. घाटों पर सुंदर छतरियां, आकर्षक जालियां और अन्य स्थापत्य तैयार किए जा रहे हैं. जिससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं को स्नान और पूजा के साथ अयोध्या की आध्यात्मिक विरासत का भी अनुभव मिल सके. घाटों को इस तरह विकसित किया जा रहा है कि आधुनिक सुविधाओं के साथ रामनगरी की प्राचीन संस्कृति और धार्मिक पहचान भी बरकरार रहे.
अयोध्या: दीपोत्सव से पहले रामनगरी अयोध्या के श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को सुंदर और भव्य घाटों की सौगात मिलने जा रही है. राम की पैड़ी समेत सरयू नदी के प्रमुख घाटों का कायाकल्प तेजी से किया जा रहा है. आरती स्थल से लेकर गुप्तार घाट तक घाटों के निर्माण और सौंदर्यीकरण का काम चल रहा है. 7 नवंबर को दीपोत्सव के दौरान अयोध्या पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह घाट आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनने जा रहे हैं.
घाटों का हो रहा सुंदरीकरण
घाटों के विकास कार्य में धार्मिक और पौराणिक स्वरूप का विशेष ध्यान रखा जा रहा है. घाटों पर सुंदर छतरियां, आकर्षक जालियां और अन्य स्थापत्य तैयार किए जा रहे हैं. जिससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं को स्नान और पूजा के साथ अयोध्या की आध्यात्मिक विरासत का भी अनुभव मिल सके. घाटों को इस तरह विकसित किया जा रहा है कि आधुनिक सुविधाओं के साथ रामनगरी की प्राचीन संस्कृति और धार्मिक पहचान भी बरकरार रहे. अयोध्या के महापौर गिरीश पति त्रिपाठी ने कहा कि यह कार्य मुख्यमंत्री के नेतृत्व में अयोध्या की पौराणिक संस्कृति को दिव्यता और भव्यता की ओर ले जाने की दिशा में अभूतपूर्व कदम है. उन्होंने कहा कि घाटों पर सुंदर छतरियां और जालियां बनाई गई हैं. इन सभी कार्यों में इस बात का ध्यान रखा गया है कि अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को स्नान के साथ एक अद्भुत अनुभव और दिव्य अनुभूति मिल सके.
दीपोत्सव के दौरान भारी संख्या में आएंगे श्रद्धालु
महापौर ने कहा कि घाटों के डिजाइन में आध्यात्मिकता और पौराणिक संस्कृति को सुरक्षित रखने पर विशेष जोर दिया गया है. वास्तु और निर्माण शैली में इस बात का ध्यान रखा गया है कि अयोध्या के त्रेतायुगीन स्वरूप की झलक दिखाई दे. प्रयास है कि श्रद्धालुओं को घाटों पर पहुंचने के बाद ऐसा वातावरण महसूस हो, जो रामनगरी की धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान से जुड़ा हो. उन्होंने कहा कि अयोध्या के घाटों का स्वरूप लगातार निखर रहा है और यह कार्य रामनगरी को दिव्य, भव्य और सुंदर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा. दीपोत्सव के दौरान देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के अयोध्या पहुंचने की उम्मीद है. ऐसे में नवनिर्मित और विकसित घाट श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण का केंद्र बनेंगे.
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Rajnish Kumar Yadav is a digital journalist and content publisher with over seven years of experience in print and digital media. He is currently working with News18 Digital (Local18) as a Content Publisher, wh…
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