-लाजपत नगर के जयंत बाबूराव ने नगर आयुक्त से मिलकर शहर हित के कार्यों के लिए जताया आभार
-नंदी पार्क, निराश्रित श्वानों की माइक्रोचिपिंग और कचरा पृथक्करण कार्यों की सराहना
-नगर आयुक्त ने सम्मानित कर शहरवासियों से विकास कार्यों में सहयोग की अपील की
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शहर के विकास और पर्यावरण संरक्षण के लिए करीब 15 साल पहले गाजियाबाद नगर निगम को दिए गए सुझावों को धरातल पर साकार होते देख लाजपत नगर, साहिबाबाद निवासी 79 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक जयंत बाबूराव सोमवार को नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक से मिलने पहुंचे। जनसुनवाई के दौरान उन्होंने नगर निगम की ओर से शहरहित में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए निगम का आभार जताया। उन्होंने कहा कि जिन विषयों को लेकर उन्होंने वर्षों पहले निगम को सुझाव दिए थे, उन पर अब जमीन पर काम होते देखकर उन्हें खुशी हो रही है।
जयंत बाबूराव ने विशेष रूप से नंदी पार्क गौशाला की व्यवस्थाओं, निराश्रित श्वानों में माइक्रोचिप लगाने और उनके टीकाकरण, घर-घर कूड़ा संग्रहण तथा कचरा पृथक्करण को लेकर नगर निगम के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि शहर की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के लिए लोगों की भागीदारी के साथ नगर निगम की पहल महत्वपूर्ण है।
नगर आयुक्त ने शहरवासियों से नगर निगम के स्वच्छता और विकास कार्यों में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कचरा पृथक्करण को बढ़ावा देने, प्लास्टिक मुक्त गाजियाबाद बनाने और रिड्यूस, रीयूज, रीसाइकिल की अवधारणा को अपनाने के लिए लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नगर निगम ऐसे सामाजिक संगठनों और व्यक्तियों को सम्मानित कर रहा है, जो शहरहित और पर्यावरण संरक्षण के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को और प्रभावी बनाया जा सकता है। इस दौरान नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश और मुख्य अभियंता निर्माण नरेंद्र कुमार चौधरी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। जयंत बाबूराव की पहल और लंबे समय से शहरहित में दिए जा रहे सुझावों को निगम अधिकारियों ने भी सराहा।
15 साल पहले दिए थे माइक्रोचिप और खाद बनाने के सुझाव
जयंत बाबूराव ने बताया कि करीब 15 वर्ष पहले उन्होंने गाजियाबाद नगर निगम को पत्र लिखकर निराश्रित श्वानों में माइक्रोचिप लगाने, गीले कचरे से खाद बनाने तथा पर्यावरण संरक्षण और शहरहित से जुड़े अन्य विषयों पर सुझाव दिए थे। लंबे समय से शहरहित और पर्यावरण के मुद्दों से जुड़े रहने वाले जयंत ने बताया कि वह लगातार नगर निगम के संपर्क में रहकर अपने सुझाव देते रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब जब नगर निगम की ओर से निराश्रित श्वानों में माइक्रोचिप लगाने, कचरे के पृथक्करण और गीले कचरे से खाद बनाने जैसी गतिविधियों पर काम किया जा रहा है तो उन्हें विशेष खुशी हुई। इसी खुशी को साझा करने और निगम टीम का आभार जताने के लिए वह नगर आयुक्त से मिलने पहुंचे।
नगर आयुक्त ने वरिष्ठ नागरिक को किया सम्मानित
शहर के प्रति 79 वर्षीय जयंत बाबूराव का उत्साह देखकर नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने उन्हें सम्मान प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया। नगर आयुक्त ने कहा कि शहर के विकास और पर्यावरण संरक्षण में नागरिकों के सुझाव और सहभागिता महत्वपूर्ण हैं। ऐसे वरिष्ठ नागरिकों और सामाजिक रूप से जागरूक लोगों के सुझाव निगम के लिए उपयोगी हैं। नगर निगम वर्तमान में शहर में विभिन्न विकास परियोजनाओं के साथ जनजागरूकता अभियानों पर भी काम कर रहा है। स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, बायोडायवर्सिटी पार्क, सीएम ग्रिड फेज-2 सहित विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। वहीं घर-घर कूड़ा संग्रहण के साथ कचरा पृथक्करण को बढ़ावा दिया जा रहा है। लोगों को गीले कचरे से घर पर खाद बनाने की प्रक्रिया के बारे में भी जागरूक किया जा रहा है।
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