-पौने तीन करोड़ से बनेगी बाउंड्रीवॉल, अंदरूनी सड़कों की होगी रिसरफेसिंग
-सेक्टर-1, नॉलेज पार्क-5 और ईकोटेक-6 के खुले नाले होंगे कवर्ड
-एजेंसी चयन की प्रक्रिया शुरू, काम पूरा होते ही निर्माण कार्य शुरू कराने की तैयारी
उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टरों में सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं को बेहतर करने की दिशा में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने बड़ा कदम उठाया है। सेक्टर-3 में लंबे समय से चली आ रही बाउंड्रीवॉल की मांग अब पूरी होने जा रही है। प्राधिकरण सेक्टर की सीमा पर बाउंड्रीवॉल बनाने के साथ ही अंदरूनी सड़कों की मरम्मत और रिसरफेसिंग भी कराएगा। इन दोनों कार्यों पर करीब पौने तीन करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा ग्रेटर नोएडा के तीन अन्य क्षेत्रों में खुले नालों को ढकने की भी तैयारी शुरू कर दी गई है। इन कार्यों पर करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। सेक्टर-3 में बाउंड्रीवॉल नहीं होने के कारण स्थानीय निवासियों को सुरक्षा से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
सेक्टर की सीमा खुली होने से बाहरी आवाजाही पर निगरानी रखने में दिक्कत होती है। ऐसे में प्राधिकरण की ओर से बाउंड्रीवॉल बनाने का निर्णय स्थानीय लोगों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बाउंड्रीवॉल बनने से सेक्टर की सीमा स्पष्ट होगी और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में भी मदद मिलेगी। प्राधिकरण ने सेक्टर-3 की बाउंड्रीवॉल, आंतरिक सड़कों की मरम्मत और खुले नालों को ढकने से जुड़ी परियोजनाओं के लिए एजेंसी चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक एजेंसी का चयन होते ही संबंधित स्थानों पर निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। प्राधिकरण की कोशिश है कि जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद काम में अनावश्यक देरी न हो।
बाउंड्रीवॉल के साथ सड़कों को भी मिलेगी नई सतह
सेक्टर-3 में केवल बाउंड्रीवॉल ही नहीं, बल्कि अंदरूनी सड़कों को भी बेहतर किया जाएगा। सेक्टर की कई सड़कों पर जगह-जगह टूट-फूट और गड्ढों के कारण लोगों को परेशानी हो रही है। बरसात और लगातार वाहनों की आवाजाही से कुछ स्थानों पर सड़क की स्थिति और खराब हो गई है। इसे देखते हुए प्राधिकरण ने आंतरिक सड़कों की रिसरफेसिंग कराने की योजना बनाई है। रिसरफेसिंग के बाद सड़क की खराब सतह और गड्ढों की समस्या को दूर किया जा सकेगा।
इससे सेक्टर में रहने वाले लोगों के साथ-साथ रोजाना यहां आने-जाने वाले वाहन चालकों को भी राहत मिलने की उम्मीद है। पैदल चलने वालों के लिए भी सड़कें अधिक सुविधाजनक हो सकेंगी। प्राधिकरण का जोर सड़क निर्माण के साथ उसकी गुणवत्ता और टिकाऊपन पर भी रखने की तैयारी है। सेक्टर की बाउंड्रीवॉल और सड़कों के कार्य को एक साथ कराने का उद्देश्य क्षेत्र की सुरक्षा के साथ आवागमन व्यवस्था को भी बेहतर करना है। लंबे समय से इन दोनों कार्यों की मांग किए जाने के बाद अब प्राधिकरण ने परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
खुले नालों से हादसे का खतरा होगा कम
ग्रेटर नोएडा के अन्य क्षेत्रों में खुले नालों की समस्या दूर करने की दिशा में भी प्राधिकरण ने कदम बढ़ाया है। सेक्टर-1, नॉलेज पार्क-5 और ईकोटेक-6 में खुले नालों को ढकने की योजना तैयार की गई है। सेक्टर-1 और नॉलेज पार्क-5 के बीच 80 मीटर चौड़ी सड़क के किनारे खुला नाला होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। सड़क के किनारे खुला नाला होने से हादसे की आशंका भी बनी रहती है।
प्राधिकरण इस नाले को कवर कराएगा, जिससे सड़क किनारे सुरक्षा व्यवस्था बेहतर हो सकेगी। इसी तरह ईकोटेक-6 में भी खुले नाले को ढकने की तैयारी है। इन कार्यों पर करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। नालों को ढकने से आसपास रहने वाले लोगों और सड़क से गुजरने वाले वाहन चालकों को राहत मिलने की उम्मीद है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एनजी रवि कुमार ने कहा कि ग्रेटर नोएडा के सेक्टरों में सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराए जा रहे हैं। सेक्टर-3 में बाउंड्रीवॉल और सड़कों के सुधार के साथ अन्य क्षेत्रों में खुले नालों को ढकने की योजना भी इसी दिशा में उठाया गया कदम है। उन्होंने बताया कि संबंधित कार्यों के लिए एजेंसी चयन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। प्रक्रिया पूरी होते ही मौके पर निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
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