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गाजीपुर के उर्दू बाजार में करीब 60 वर्षीय वासुदेव बारी पिछले लगभग 50 साल से साइकिल पर चटपटा चना बेच रहे हैं. चना, मूंग की दाल, टमाटर, प्याज, नींबू और मसालों से तैयार उनकी 20 रुपये की प्लेट का स्वाद आज भी लोगों को अपनी ओर खींचता है. रोज करीब तीन घंटे साइकिल लेकर निकलने वाले वासुदेव कहते हैं कि यही साइकिल और यही काम उनकी जिंदगी है. यह अब केवल जीवनयापन के लिए नहीं बल्कि लोगों से मिलने और खुश रहने का जरिया बन चुका है.

उर्दू बाजार में वासुदेव बारी अपनी पुरानी साइकिल पर चटपटा चना लेकर निकलते हैं. उम्र करीब 60 साल है, लेकिन रोज साइकिल चलाकर लोगों तक अपना स्वाद पहुंचाते हैं.उनके लिए यह सिर्फ रोजगार नहीं, बल्कि जिंदगी का हिस्सा है. साइकिल पर रखे डिब्बे और मसालों के साथ उनकी अपनी अलग पहचान बन चुकी है.

वासुदेव की साइकिल पर कई तरह की सामग्री सजी रहती है. चने के साथ मूंग की दाल, मसाले और दूसरी चीजें रखी जाती हैं. ग्राहक की पसंद के मुताबिक इसमें टमाटर, प्याज, नींबू और मसाले मिलाए जाते हैं. यही साधारण सामग्री मिलकर उनके चटपटे चने को खास स्वाद देती है.

वासुदेव जैसे ही अपनी साइकिल लेकर गली-मोहल्लों से गुजरते हैं, लोग उन्हें पहचानकर रोक लेते हैं. तस्वीर में भी उनके आसपास ग्राहक और स्थानीय लोग नजर आ रहे हैं. उनका कहना है कि बच्चे हों या बुजुर्ग, कई लोग उनके चटपटे चने का स्वाद लेने के लिए साइकिल रुकवा लेते हैं.

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वासुदेव ग्राहक के लिए चने की प्लेट तैयार करते हैं. इसमें चना और दाल के साथ मसाले व दूसरी सामग्री मिलाई जाती है. उनका कहना है कि करीब 20 रुपये की एक प्लेट लोग बड़े चाव से खाते हैं. बदलते दौर में फास्ट फूड और चाइनीज स्नैक्स के बीच उनका यह देसी स्वाद आज भी लोगों को रोकता है.

वासुदेव अपनी साइकिल पर ही चना तैयार करते हैं. सामने रखे डिब्बों में मसाले और अलग-अलग सामग्री होती है, जिन्हें वह ग्राहक की प्लेट में मिलाते हैं. करीब तीन घंटे के लिए निकलने वाले वासुदेव का कहना है कि इसी दौरान कई लोग उनकी साइकिल रुकवाकर चटपटा चना खाते हैं.

वासुदेव ग्राहक को चना परोसते हुए नजर आ रहे हैं. उनकी साइकिल पर रखे डिब्बों में चना, मसाले और दूसरी सामग्री साफ दिखाई देती है. करीब पांच दशक से इस काम से जुड़े वासुदेव के लिए हर ग्राहक उनकी मेहनत का हिस्सा है. यही वजह है कि उनकी साइकिल और उनका स्वाद इलाके में पहचान बन चुका है.

तैयार प्लेट में चना, मूंग की दाल, टमाटर, प्याज और मसालों का मिश्रण नजर आता है. कम कीमत में मिलने वाला यह नाश्ता स्थानीय लोगों के बीच पसंद किया जाता है. वासुदेव का मानना है कि समय भले बदल गया हो, लेकिन देसी स्वाद और चटपटे नाश्ते की अपनी जगह आज भी बनी हुई है.

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