दीपांशु की कहानी:पिता बस कंडक्टर, मां आंगनबाड़ी कार्यकर्ता; पूरे चुनाव में नंगे पैर नजर आए डूसू के ‘सिकंदर’ – Dusu Election Results 2026 Deepanshu Shaukeen Entered Fray As An Independent Candidate, Campaigning Barefoot
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दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (डूसू) चुनाव में दीपांशु शौकीन अपने अनोखे प्रचार अभियान के कारण चर्चा में रहे। छात्रों के बीच वोट मांगने के दौरान वह पूरे चुनाव प्रचार में नंगे पैर नजर आए। सत्य निकेतन में हुए पीजी हादसे के बाद छात्रों के मुद्दों को लेकर उन्होंने संकल्प लिया था कि न्याय मिलने तक जूते-चप्पल नहीं पहनेंगे। चुनावी मैदान में उतरने के बाद भी उन्होंने अपना संकल्प कायम रखा। मतगणना केंद्र पर भी वह नंगे पैर ही पहुंचे।
निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने वाले दीपांशु ने उपाध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की। करीब 16 साल बाद किसी निर्दलीय उम्मीदवार की जीत ने छात्र राजनीति में सबका ध्यान खींचा है। इससे पहले 2009 में निर्दलीय उम्मीदवार मनोज चौधरी ने अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की थी। उन्हें एबीवीपी का समर्थन प्राप्त था।
दीपांशु मूल रूप से दिल्ली के पीरागढ़ी गांव के रहने वाले हैं। वह पहले एनएसयूआई से जुड़े थे और संगठन से उपाध्यक्ष पद के टिकट की उम्मीद कर रहे थे। उन्होंने नामांकन भी दाखिल किया था। बाद में नामांकन वापस लेने को कहा गया, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।