शुरुआत में फिल्म को लेकर कई तरह के सवाल थे. एक समय ऐसा भी आया जब फिल्म थिएटर से उतरने की कगार पर पहुंच गई थी. लेकिन इसके बाद कहानी ने अचानक करवट ली. दर्शकों का प्यार मिला और फिल्म की कमाई भी बढ़ने लगी. नीम करौली बाबा के जीवन और उनकी आध्यात्मिक यात्रा से प्रेरित इस फिल्म के सफर के बारे में अनुप्रिया नागर ने बातचीत में कई बातें बताईं.
भक्ति को आज की पीढ़ी से जोड़ना चाहती थीं
अनुप्रिया नागर का कहना है कि वह शुरू से ही भक्ति के विषय पर ऐसा काम करना चाहती थीं, जिससे आज की पीढ़ी भी जुड़ सके. उनका मानना है कि आज की GEN Z हर समय वैलिडेशन के पीछे भाग रही है. स्कूल से लेकर कॉलेज और फिर नौकरी तक की भागदौड़ में युवा कई बार अपने आज को जीना ही भूल जाते हैं. इसी सोच के साथ उन्होंने ऐसी फिल्म बनाने का फैसला किया, जो खासकर बच्चों और युवाओं तक पहुंच सके. अब फिल्म के थिएटरों में इसका असर भी दिखाई दे रहा है. अनुप्रिया के मुताबिक, फिल्म देखने के लिए बुजुर्गों के साथ छोटे बच्चे भी पहुंच रहे हैं और इसे पसंद कर रहे हैं.
स्टीव जॉब्स से शुरू हुआ नीम करौली बाबा तक का सफर
‘हनुमान अंश’ का सफर भी काफी अलग तरीके से शुरू हुआ. अनुप्रिया बताती है कि शुरुआत में उन्होंने स्टीव जॉब्स के बारे में सर्च करना शुरू किया था. उनकी कहानी के बारे में पढ़ते-पढ़ते उनकी नजर नीम करौली बाबा की जिंदगी पर गई. यहीं से फिल्म का विचार आगे बढ़ा. अनुप्रिया इस सफर को यूके से यूके तक का सफर भी कहती हैं, यानी यूनाइटेड किंगडम से उत्तराखंड तक का सफर.
फिल्म फ्लॉप होने की कगार पर थी, फिर हुआ चमत्कार
फिल्म रिलीज होने के बाद एक समय ऐसा भी आया जब दर्शकों का रिस्पॉन्स उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा. फिल्म थिएटर से उतरने लगी थी और ऐसा लग रहा था कि यह फ्लॉप हो सकती है. इसी दौरान अनुप्रिया बागेश्वर धाम पहुंचीं. वहां धीरेंद्र शास्त्री ने उन्हें आशीर्वाद दिया और कहा कि उन्होंने GEN Z के लिए फिल्म बनाई है और यह बहुत आगे जाएगी. अनुप्रिया का कहना है कि इसके बाद फिल्म ने फिर से रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी और आज देशभर में इसकी चर्चा हो रही है.
सफलता के बाद फिर प्रेमानंद महाराज के पास पहुंचीं
फिल्म को सफलता मिलने के बाद अनुप्रिया एक बार फिर वृंदावन पहुंचीं और प्रेमानंद महाराज का शुक्रिया किया. फिल्म की सफलता के बारे में सुनकर महाराज भी खुश हुए और उन्होंने अनुप्रिया को आशीर्वाद दिया. अनुप्रिया के मुताबिक, प्रेमानंद महाराज ने कहा कि समाज में संतों को लेकर लोगों के मन में कई बार नकारात्मक सोच बन जाती है, लेकिन इस फिल्म में संतों के सम्मान को जगह दी गई है. वह चाहते हैं कि ऐसी फिल्में ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचें और लोग भक्ति से जुड़ें.
अनुप्रिया का कहना है कि फिल्म को सिर्फ GEN Z ही नहीं, बल्कि GEN ALPHA के बच्चे भी पसंद कर रहे हैं. अब ‘हनुमान अंश’ के पार्ट-2 पर भी काम चल रहा है, जिसे जल्द बड़े पर्दे पर लाने की तैयारी है. वहीं अनुप्रिया ने कहा कि वह संभल स्थित कल्कि धाम जरूर जाएंगी. अगर उन्हें मौका और सौभाग्य मिला तो वह कल्कि धाम पर भी फिल्म बनाना चाहेंगी.
- व्हाट्स एप के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- टेलीग्राम के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- हमें फ़ेसबुक पर फॉलो करें।
- हमें ट्विटर पर फॉलो करें।
———-
🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।
Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||



