खास बात यह है कि यह आम सरकारी भवनों जैसा कोई सामान्य गेस्ट हाउस नहीं होगा. इसकी रूपरेखा इस तरह से तैयार की गई है कि जैसे ही कोई व्यक्ति इसके मुख्य द्वार से भीतर कदम रखेगा, उसे सीधे हिमालय की वादियों, घने जंगलों और पहाड़ों की समृद्ध संस्कृति का एहसास होने लगेगा.
हर फ्लोर पर दिखेगी देवभूमि की अनूठी थीम
इस पूरे प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा आकर्षण इसकी आंतरिक सजावट (इंटीरियर डिजाइन) होगी. भवन के अलग-अलग तलों को उत्तराखंड के प्रमुख प्राकृतिक और सांस्कृतिक प्रतीकों की थीम पर सजाया जाएगा. किसी फ्लोर पर पवित्र ओम पर्वत और बर्फ से ढके विशाल ग्लेशियरों की शीतलता दिखाई देगी, तो किसी तल पर विश्व प्रसिद्ध जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क के घने जंगलों और वन्यजीवों की आभा सजेगी.
इसके साथ ही हिमालय की शान कही जाने वाली पंचाचूली पर्वत चोटियों के विहंगम दृश्य भी भवन की दीवारों और कॉरीडोर में उकेरे जाएंगे. यानी इस भवन में रुकने वाले लोगों को सिर्फ कमरों की आधुनिक सुविधाएं ही नहीं मिलेंगी, बल्कि वे एक ही छत के नीचे पूरे उत्तराखंड का जीवंत अनुभव ले सकेंगे.
पर्यटन और देवभूमि की ब्रांडिंग का बड़ा मंच
अयोध्या में हर रोज देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. ऐसे में उत्तराखंड सरकार इस भवन को केवल वीआईपी और सरकारी अफसरों के ठहरने तक सीमित नहीं रखना चाहती. सरकार इसे उत्तराखंड के पर्यटन, संस्कृति और देवभूमि की पहचान को राष्ट्रीय पटल पर चमकाने के लिए एक मजबूत ब्रांडिंग प्लेटफॉर्म के रूप में देख रही है.
रामनगरी आने वाले पर्यटकों और भक्तों के सामने उत्तराखंड की लोक संस्कृति, चारधाम और प्राकृतिक सौंदर्य की कहानी को खूबसूरती से प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे राज्य के पर्यटन को भी एक नई दिशा और बढ़ावा मिलेगा.
बारात घर हटा, अब पूरी तरह गेस्ट हाउस पर जोर
इस बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट को अधिक उपयोगी और विश्वस्तरीय बनाने के लिए इसके मूल प्लान में कुछ अहम बदलाव भी किए गए हैं. शुरुआती योजना में शामिल ‘बारात घर’ के प्रस्ताव को अब पूरी तरह हटा दिया गया है. इसके स्थान पर अब पूरे भवन को एक आधुनिक और सुव्यवस्थित राज्य अतिथि गृह की वास्तविक जरूरतों के हिसाब से तैयार किया जाएगा.
प्रशासन का पूरा ध्यान इस बात पर है कि बजट सिर्फ ईंट-पत्थर की इमारत खड़ा करने में न लगे, बल्कि निर्माण की गुणवत्ता, टिकाऊपन और भवन का डिजाइन ऐसा हो जो अयोध्या के गौरव के साथ-साथ उत्तराखंड के स्वाभिमान को भी बखूबी बयां करे.
- व्हाट्स एप के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- टेलीग्राम के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- हमें फ़ेसबुक पर फॉलो करें।
- हमें ट्विटर पर फॉलो करें।
———-
🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।
Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||


