Image Slider

नई दिल्ली. देखन में छोटन लगे घाव करे गंभीर की कहावत को चरितार्थ करने वाले ईशान किशन की की पारी ने ईस्ट जोन को दलीप ट्रॉपी जिताने में अहम योगदान दिया. वैसे भी जब घरेलू क्रिकेट का मंच जब भी सजता है, तो इतिहास की किताबों में नए पन्ने जुड़ने तय होते हैं . दलीप ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जब ईस्ट ज़ोन के कप्तान और आक्रामक विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन ने 270 रनों की मैराथन पारी खेलकर सनसनी मचा दी. साउथ ज़ोन के खिलाफ फाइनल के बड़े मंच पर खेली गई उनकी यह पारी केवल रनों का अंबार नहीं, बल्कि नेशनल टीम के लिए एक जोरदार दस्तक है.

334 गेंदों में 30 चौकों और 7 गगनचुंबी छक्कों से सजी इस पारी के दम पर न सिर्फ ईस्ट ज़ोन मजबूत स्थिति में पहुँचा, बल्कि ईशान ने दलीप ट्रॉफी के इतिहास में ऑल-टाइम टॉप स्कोर्स की लिस्ट में अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज करा लिया है. ईशान किशन अब इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के इतिहास में आठवां सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं. आइए नजर डालते हैं ईशान की इस ऐतिहासिक पारी से पहले, दलीप ट्रॉफी के इतिहास में सबसे बड़ी पारियां खेलने वाले टॉप 5 दिग्गज बल्लेबाजों पर, जिन्होंने मैदान पर रनों का ऐसा पहाड़ खड़ा किया था जिसे आज तक कोई नहीं हिला पाया.

1. रमन लांबा (320 रन, 1987)

दलीप ट्रॉफी के इतिहास का सबसे बड़ा और अमर रिकॉर्ड पूर्व भारतीय बल्लेबाज रमन लांबा के नाम दर्ज है. साल 1987 में नॉर्थ ज़ोन की तरफ से खेलते हुए उन्होंने वेस्ट ज़ोन के खिलाफ भिलाई में 320 रनों की अविश्वसनीय पारी खेली थी. 471 गेंदों की उस ऐतिहासिक मैराथन पारी में लांबा ने 30 चौके और 6 छक्के जड़े थे. पिछले कई दशकों से उनका यह तिहरा शतक टूर्नामेंट के इतिहास में शीर्ष पर अडिग है. ईशान की 270 रनों की पारी, रमन लांबा के बाद दलीप ट्रॉफी के फाइनल इतिहास की दूसरी सबसे बड़ी पारी है.

2. गगन खोडा (300* रन, 2001)

साल 2001 में सेंट्रल ज़ोन के सलामी बल्लेबाज गगन खोडा ने साउथ ज़ोन के खिलाफ गोवा के पंजिम में रनों का सैलाब ला दिया था. उन्होंने मैदान के चारों तरफ शानदार शॉट्स खेलते हुए नाबाद 300 रनों की बेमिसाल पारी खेली. अपनी इस ऐतिहासिक पारी में उन्होंने 467 गेंदों का सामना किया और 33 चौकों के साथ 6 छक्के उड़ाए. दलीप ट्रॉफी के इतिहास में यह केवल दूसरा तिहरा शतक है.

3. सुरेंद्र भावे (292 रन, 1994)

घरेलू क्रिकेट के दिग्गज और वेस्ट ज़ोन के मजबूत स्तंभ सुरेंद्र भावे इस सूची में तीसरे स्थान पर आते हैं. साल 1994 में साउथ ज़ोन के खिलाफ राउरकेला के मैदान पर उन्होंने 292 रनों की बेजोड़ पारी खेली थी. भावे ने लगभग 739 मिनट तक क्रीज पर खूंटा गाड़कर बल्लेबाजी की और विपक्षी गेंदबाजों को पूरी तरह से थका दिया था.

4. अरुण लाल (287 रन, 1986)

ईस्ट ज़ोन के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज और कमेंटेटर अरुण लाल ने साल 1986 में पुणे में वेस्ट ज़ोन के खिलाफ 287 रनों की बेहद अनुशासित पारी खेली थी. 590 मिनट की इस पारी के दौरान उन्होंने 39 शानदार चौके जड़े थे. ईशान किशन की पारी से पहले अरुण लाल का यह स्कोर ही ईस्ट ज़ोन के किसी बल्लेबाज द्वारा बनाया गया सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर था.

5. संजय मांजरेकर (278 रन, 1987)

1987 का दलीप ट्रॉफी सीजन बल्लेबाजों के लिए अविश्वसनीय रहा था. इसी सीजन में वेस्ट ज़ोन की तरफ से खेलते हुए संजय मांजरेकर ने सेंट्रल ज़ोन के खिलाफ नागपुर में 278 रनों की शानदार पारी खेली थी. उन्होंने केवल 376 गेंदों का सामना करते हुए बेहद आक्रामक अंदाज में 30 चौके लगाए थे, जो उनकी बेहतरीन तकनीक का प्रमाण था.

दलीप ट्रॉफी में रनों के इन एवरेस्ट के सामने ईशान किशन का 270 रनों का स्कोर बेहद खास है. उन्होंने न केवल मॉडर्न-डे क्रिकेट की आक्रामकता दिखाई, बल्कि पहली पारी में 270 और दूसरी पारी में 80 रन बनाकर एक मैच में कुल 350 रन बटोरने का एक नया कीर्तिमान भी स्थापित कर दिया है. रेड-बॉल क्रिकेट में उनका यह धमाकेदार फॉर्म भारतीय सेलेक्टर्स को मजबूत संदेश दे रहा है कि यह ‘पॉकेट डायनामाइट’ अब लंबे प्रारूप में भी बड़ी पारियां खेलने के लिए पूरी तरह तैयार है.

———-

🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।

 

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||