केजरीवाल ने जताया शोक
मोती बाग हादसे को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। उन्होंने एक्स पर लिखा, दिल्ली में इमारत गिरने का हादसा अत्यंत दुखद और चिंताजनक है। मेरी भगवान से प्रार्थना है कि मलबे में फंसे लोगों का सकुशल और जल्द रेस्क्यू हो जाए। दिल्ली में सरकार की लापरवाही के कारण अब तक कई हादसे हो चुके हैं। सरकार को नींद से जागना होगा। बड़े स्तर पर एक्शन लेकर नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जरूरत है।
मकान मालिक पर FIR, जांच के लिए कमेटी गठित
कमेटी करेगी जांच
उन्होंने बताया कि सरकार ने मामले की जांच के लिए एक कमेटी का गठन कर दिया है। जैसे ही कमेटी की रिपोर्ट आएगी, जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मकान मालिक पर एक्शन
सांसद ने जानकारी दी कि इमारत के मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है और संभवतः उसे गिरफ्तार भी कर लिया गया है।
इमारत थी पुरानी
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह इमारत आज या कल में नहीं बनी थी, बल्कि काफी पुरानी थी। बिधूड़ी ने कहा, “हम ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं कि मलबे में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाए। कुछ लोग घायल हुए हैं, उनके भी हम जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं। उन्होंने सरकार से अपील की है कि वह ऐसे सख्त से सख्त इंतजाम करे जिससे भविष्य में ऐसी दुखद घटनाएं दोबारा न हों।”
एक छात्र की हुई मौत
ताजा जानकारी के मुताबिक अब तक 20 से 25 छात्र एम्स के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराए गए हैं। इनमें कई की हालत नाजुक बनी हुई है। वहीं एक छात्र की मौत हो चुकी है।
एमसीडी के बिल्डिंग विभाग पर भ्रष्टाचार का आरोप
ऑडिट के नाम पर वसूली की आशंका
यह भी दावा किया जा रहा है कि इस हादसे के बाद अब सुरक्षा और ऑडिट के नाम पर एक बार फिर से व्यापारियों, जिम, होटलों और अस्पतालों से करोड़ों रुपये की वसूली की जाएगी, लेकिन जमीनी स्तर पर सिस्टम में कोई सुधार नहीं होगा।
दिल्ली में इमारतों का गिरना चुनाव से कहीं बड़ा मुद्दा – कांग्रेस नेता अभिषेक दत्त
सिस्टम पर उठाया सवाल
उन्होंने कहा कि चुनाव से कहीं अधिक महत्वपूर्ण मुद्दा यह है कि जिस तरह से बच्चे यहां अपनी जान गंवा रहे हैं और दिल्ली में इमारतें इस तरह से लगातार ढह रही हैं। दत्त ने सरकार से अपील करते हुए कहा, “जिस तरह से इन बच्चों की जान गई है, वह बेहद दुखद है। सरकार को तुरंत इन बच्चों और उनके परिवारों की सहायता करनी चाहिए।”
दोबारा न हो ऐसा हादसा
उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रशासन को यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए कि भविष्य में ऐसी त्रासदी दोबारा न हो। घटना को हृदयविदारक बताते हुए उन्होंने कहा कि इस समय पूरा ध्यान सिर्फ और सिर्फ बच्चों की मदद करने पर होना चाहिए।
03:59 PM, 06-Sep-2026
मलबे के अंदर से आ रहे हैं छात्रों के फोन- बीजेपी विधायक अनिल शर्मा
पीजी में रहते थे छात्र
विधायक अनिल शर्मा ने कहा कि यह एक बेहद दुखद घटना है; इससे ज्यादा दिल दहला देने वाला कुछ नहीं हो सकता। अलग-अलग जगहों से छात्र यहां पढ़ने आते हैं और इस इमारत के पीजी में रहते थे।
अंदर से आ रही हैं कॉल
उन्होंने एक चिंताजनक जानकारी साझा करते हुए बताया कि कुछ छात्र मलबे के अंदर से फोन भी कर रहे हैं। हालांकि सटीक संख्या बताना मुश्किल है कि अंदर पांच, 10 या 20 छात्र हैं, लेकिन यह तय है कि छात्र फंसे हुए हैं और अन्य लोगों के भी फंसे होने की आशंका है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मुख्यमंत्री ने पूरी टीम यहां भेज दी है। हम ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं। पूरी सरकार इस घटना को लेकर बेहद चिंतित है और हमारा मुख्य उद्देश्य हर हाल में छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालना है।
03:55 PM, 06-Sep-2026
डॉग स्क्वॉड के साथ एनडीआरएफ का रेस्क्यू जारी
फंसे लोगों की सटीक संख्या अभी अज्ञात
दिल्ली पुलिस का कहना है कि वर्तमान में यह स्पष्ट नहीं है कि मलबे के नीचे कुल कितने लोग फंसे हुए हैं या कितने लोग घायल हैं। घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल है और पुलिस व प्रशासन स्थिति का आकलन कर रहे हैं। घटना से जुड़ी और अधिक जानकारी का अभी इंतजार किया जा रहा है।
03:48 PM, 06-Sep-2026
10-15 छात्रों का रेस्क्यू, कोई हताहत नहीं- डूसू अध्यक्ष
अस्पताल भेजे गए छात्र
आर्यन मान ने बताया कि मलबे से निकाले गए सभी छात्रों को तुरंत अस्पताल ले जाया जा रहा है। कुल 15-20 छात्र वहां मौजूद थे, जिनमें से करीब 10 को बचा लिया गया है। हालांकि उनकी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में अभी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है।
प्रशासन से सीधा संपर्क
डूसू अध्यक्ष ने बताया कि मैंने मुख्यमंत्री और पुलिस कमिश्नर से बात की है। अन्य बचाव टीमें भी छात्रों की मदद के लिए रास्ते में हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर सभी एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित किया जा रहा है और मौके पर जेसीबी और फायर ब्रिगेड सहित सभी आवश्यक टीमें मुस्तैदी से डटी हुई हैं।
03:45 PM, 06-Sep-2026
आतिशी ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग
दिल्ली के मोती बाग स्थित सत्य निकेतन में इमारत गिरने की खबर बेहद दुखद और चिंताजनक है। मलबे में छात्रों समेत कई लोगों के दबे होने की आशंका बेहद विचलित करने वाली है। प्रशासन से अपील है कि राहत एवं बचाव कार्य पूरी तत्परता से चलाया जाएं और मलबे में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जाए। सरकार इस हादसे की उच्चस्तरीय जांच कराए और लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करे, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।
मुख्यमंत्री का बयान
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया के जरिए जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता प्रदान करने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है। पूरी स्थिति की करीब से निगरानी की जा रही है और सभी एजेंसियां एक साथ मिलकर काम कर रही हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हर नागरिक की सुरक्षा और भलाई हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। फिलहाल, रेस्क्यू टीमों की पहली प्राथमिकता मलबे को हटाकर अंदर फंसे लोगों की जान बचाना है।
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