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गाजियाबाद। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर 21 अगस्त को हुई 24.85 लाख रुपये की डकैती के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। पुलिस ने दो उपनिरीक्षक और दो आरक्षियों को निलंबित कर दिया है। इन पुलिसकर्मियों पर पकड़े गए लुटेरों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई न करने का आरोप है। डीसीपी धवल जायसवाल ने इस संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मेरठ के उद्यमी गिलमान से लूटपाट करने वाले नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इन सभी को जेल भेज दिया गया है। मुठभेड़ के बाद पकड़े गए सद्दाम (20) निवासी नीलमणि कॉलोनी, अर्थला का सत्यापन नहीं किया गया था। संबंधित चौकी पुलिस ने उसके खिलाफ कोई निरोधात्मक कार्रवाई नहीं की। शिकायतें और मुकदमे दर्ज होने के बावजूद उसे मुचलका पाबंद नहीं किया गया। इस लापरवाही के लिए साहिबाबाद थाने की चौकी पर तैनात उपनिरीक्षक पंकज सिंह को निलंबित किया गया है। आरक्षी विशाल भारद्वाज पर भी कार्रवाई हुई है। बताया कि सद्दाम के खिलाफ शिकायतें और मुकदमे दर्ज थे। इसके बावजूद चौकी पुलिस ने उसे पाबंद नहीं किया। उसकी पृष्ठभूमि का सत्यापन भी नहीं किया गया। यह चूक बाद में डकैती की घटना का कारण बनी।


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लोनी चौकी पर भी गिरी गाज

डीसीपी देहात सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया कि इसी लूट में शामिल एक अन्य बदमाश के खिलाफ भी निरोधात्मक कार्रवाई नहीं हुई थी। थाना लोनी की रूपनगर चौकी पुलिस ने यह लापरवाही बरती। लुटेरों की गिरफ्तारी के बाद जांच में यह मामला सामने आया। निरोधात्मक कार्रवाई न करने वाले रूपनगर पुलिस चौकी के उपनिरीक्षक अनिल कुमार को निलंबित किया गया है। जांच रिपोर्ट मिलने पर मुख्य आरक्षी दिनेश कुमार को भी निलंबित कर दिया गया है।

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