rohit sharma future: रोहित लगातार रन बनाते हैं तो आखिर कोई उन्हें टीम से बाहर करने के बारे में कैसे सोच सकता है? यही नियम हर खिलाड़ी पर लागू होता है. अगर कोई खिलाड़ी रन बनाता है और अच्छी बल्लेबाजी करता है तो वह टीम में बना रहता है. अगर वह एक मैच में नहीं, बल्कि लगातार कई मुकाबलों में नाकाम रहता है, तभी उसकी जगह किसी और को मौका देने पर विचार किया जाना चाहिए
रोहित शर्मा की टीम में जगह बैटिंग तय करेगी बाहर के लोगों की बकैती नहीं
अगर रोहित लगातार रन बनाते हैं तो आखिर कोई उन्हें टीम से बाहर करने के बारे में कैसे सोच सकता है? यही नियम हर खिलाड़ी पर लागू होता है. अगर कोई खिलाड़ी रन बनाता है और अच्छी बल्लेबाजी करता है तो वह टीम में बना रहता है. अगर वह एक मैच में नहीं, बल्कि लगातार कई मुकाबलों में नाकाम रहता है, तभी उसकी जगह किसी और को मौका देने पर विचार किया जाना चाहिए. रोहित का भविष्य उनका बल्ला तय करेगा. सोशल मीडिया पर अपनी जिंदगी बिताने वाले ट्रोल्स या मीडिया के कुछ ऐसे लोग नहीं, जिनके लिए हर मुद्दा सिर्फ सोशल मीडिया की चर्चा और आंकड़े जुटाने का जरिया बन गया है.
अफवाह से नहीं लेंगे रोहित रिटायरमेंट
एक रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया था कि रोहित ने गुस्से में इंग्लैंड में ही संन्यास लेने की बात मान ली थी. उस रिपोर्ट को लिखने वाले से मेरा सीधा सवाल है कि आखिर उन्हें रोहित की भावनाओं के बारे में पता कैसे चला? क्या उन्होंने रोहित से बात की थी? क्या इस बात की पुष्टि हुई थी? या फिर सोशल मीडिया पर ज्यादा से ज्यादा चर्चा और व्यूज हासिल करने के लिए सिर्फ एक अनुमान हवा में उछाल दिया गया? कार्डिफ में जब सोशल मीडिया पर संन्यास की अफवाह ने जोर पकड़ लिया था, तब भी रोहित इससे बिल्कुल प्रभावित नजर नहीं आए. उनका पूरा ध्यान लॉर्ड्स में होने वाले अगले मुकाबले की तैयारी पर था. वह अपने जिम्मे के काम को पूरा करने और टीम के लिए योगदान देने पर केंद्रित थे. इसके बाद लॉर्ड्स में उनका शतक आया.यही मेरी बात का आधार है. पहले दो मुकाबलों के दौरान भी रोहित ने एक बार तक ऐसा संकेत नहीं दिया कि वह क्रिकेट को अलविदा कहने के बारे में सोच रहे हैं.
हर सीरीज में रोहित पर तलवार क्यों?
हर सीरीज में रोहित को कटघरे में खड़ा करना उचित नहीं है. यह उनके साथ नाइंसाफी होगी. ऐसा नहीं हो सकता कि जब भी वह बल्लेबाजी करने उतरें, उनके संन्यास की चर्चा शुरू हो जाए. उन्हें भी दूसरे खिलाड़ियों की तरह अपना स्पेस दिया जाना चाहिए. अगर वह लगातार कुछ मैचों में नाकाम रहते हैं, तभी उनके भविष्य को लेकर सवाल उठना चाहिए. रोहित ने अपने प्रदर्शन और भारतीय क्रिकेट के लिए योगदान के दम पर यह अधिकार हासिल किया है. इसलिए अब समय आ गया है कि हम इस बात पर ध्यान दें कि रोहित शर्मा बल्ले से क्या कर रहे हैं, न कि इस सवाल पर कि वह कब संन्यास लेंगे. बेशक, रोहित के संन्यास की चर्चा सोशल मीडिया पर अच्छी खासी हलचल पैदा कर सकती है और इससे लोगों को जुड़ाव और व्यूज मिल सकते हैं. लेकिन इस तरह की चर्चा भारतीय क्रिकेट की किसी भी तरह से मदद नहीं कर रही है. फिलहाल सबसे बेहतर यही होगा कि रोहित को अपना क्रिकेट खेलने दिया जाए और उनके भविष्य का फैसला उनका बल्ला करने दिया जाए.
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राजीव मिश्रा, खेल पत्रकारिता में एक जाना पहचाना चेहरा है जो अपनी बेबाक विशलेषण के लिए जाने जाते है. वर्तमान में नेटवर्क 18 में एसोसिएट स्पोर्ट्स एडिटर के रूप में कार्यरत हूँ. इस भूमिका में मैं डिजिटल स्पोर्ट्स …
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