Image Slider


तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने राज्य मंत्री कोंडा सुरेखा को मंत्रिपरिषद से हटाने का फैसला किया है। यह फैसला उनकी बेटी के मुख्यमंत्री और अन्य कांग्रेस नेताओं के खिलाफ दिए गए बयानों को लेकर बढ़े विवाद के बीच लिया गया। सुरेखा की बेटी सुष्मिता पटेल ने सीएम समेत कई कांग्रेसी नेताओं पर ₹200 करोड़ की जमीन उगाही का आरोप लगाया था। आधिकारिक बयान के मुताबिक, सुरेखा को हटाने की सिफारिश गुरुवार को ही तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल को भेज दी गई है। सुरेखा ने कहा- सफाई देने का मौका नहीं दिया सुरेखा का कहना था कि उनकी बेटी ने जो बयान दिए हैं, उनके लिए उन्हें जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने रेवंत रेड्डी के कैबिनेट से हटाने के फैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उन्होंने न तो कोई भ्रष्टाचार किया और न ही कार्रवाई से पहले उन्हें सफाई देने का मौका दिया गया। सुरेखा ने कहा कि उन्हें जारी किए गए कारण बताओ नोटिस का उन्होंने जवाब दिया था। इसके बावजूद उन्हें हटाने की सिफारिश से पहले उनसे सलाह क्यों नहीं ली गई, यह समझ से परे है। दिल्ली में खड़गे से मिली थीं सुरेखा सुरेखा की बेटी ने पिछले महीने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में रेवंत रेड्डी और उनके परिवार के खिलाफ टिप्पणी की थी। इसके बाद विवाद बढ़ गया था। सुरेखा लगातार कहती रही थीं कि उनकी बेटी की टिप्पणी निजी थी और इसके लिए उन्हें जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। रेवंत रेड्डी ने दिल्ली दौरे के दौरान कांग्रेस के AICC महासचिव केसी वेणुगोपाल के सामने भी यह मुद्दा उठाया और सुरेखा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस हाईकमान जब अनुशासनात्मक कार्रवाई पर विचार कर रहा था, तब सुरेखा बुधवार को दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से भी मिली थीं। खबर अपडेट हो रही है…

———-

🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।

 

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||