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-वसुंधरा रामलीला ग्राउंड में गूंजे भक्ति और संस्कृति के रंग, बड़ी संख्या में उमड़े श्रद्धालु
-नृत्य, संगीत और नाट्य प्रस्तुतियों ने बांधा समां, बच्चों के आत्मविश्वास ने जीता दर्शकों का दिल
-दो माह की मेहनत के बाद साकार हुआ भव्य आयोजन, सहयोगियों और अभिभावकों ने निभाई अहम भूमिका

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। वसुंधरा सेक्टर-1 स्थित रामलीला ग्राउंड में शुक्रवार को 15वां श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव श्रद्धा, भक्ति, संस्कृति और उल्लास के बीच भव्य रूप से मनाया गया। 15 वर्षों से लगातार आयोजित हो रहा यह महोत्सव अब क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा बन चुका है। जन्माष्टमी के अवसर पर बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी और श्रद्धालु रामलीला ग्राउंड पहुंचे और भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का आनंद लिया। पूरे आयोजन स्थल पर भक्ति गीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच उत्सव जैसा माहौल बना रहा। महोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण करीब 200 बच्चों की मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां रहीं। बच्चों ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं को नृत्य, संगीत और नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से जीवंत कर दिया। मंच पर बच्चों की प्रस्तुतियों के दौरान दर्शक मंत्रमुग्ध नजर आए। नन्हे कलाकारों ने अपनी प्रतिभा और आत्मविश्वास से न केवल श्रीकृष्ण की लीलाओं को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया, बल्कि भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं की सुंदर झलक भी पेश की।

बच्चों की प्रस्तुतियों में भक्ति के साथ मनोरंजन और संदेश का भी समावेश रहा। श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप, उनकी लीलाओं और जीवन से जुड़े प्रसंगों को बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ मंच पर उतारा। रंग-बिरंगी वेशभूषा में सजे बच्चों ने अपनी प्रस्तुतियों से वातावरण को कृष्णमय बना दिया। एक के बाद एक शानदार प्रस्तुति ने दर्शकों की तालियां बटोरीं और बच्चों का उत्साह बढ़ाया। इस महोत्सव की खास बात यह रही कि आयोजन की तैयारियां अंतिम समय में नहीं, बल्कि करीब दो माह पहले ही शुरू कर दी गई थीं। बच्चों को सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के लिए तैयार करने से लेकर मंचीय कार्यक्रमों की रूपरेखा और अन्य व्यवस्थाओं तक आयोजन से जुड़े लोगों ने लगातार मेहनत की। बच्चों के साथ मेंटर्स और अभिभावकों ने भी पूरी जिम्मेदारी और समर्पण के साथ सहयोग किया। दो माह की मेहनत का परिणाम जन्माष्टमी की भव्य और यादगार शाम के रूप में देखने को मिला।

आयोजन में बच्चों की भागीदारी ने महोत्सव को नई ऊर्जा प्रदान की। आयोजकों का प्रयास रहा कि बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं को समझने का अवसर भी मिले। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन, टीम भावना और मंच पर प्रस्तुति देने की क्षमता विकसित करने का संदेश भी दिया गया। 15वें जन्माष्टमी महोत्सव की सफलता में आयोजन से जुड़े सदस्यों और सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अंजू नांगिया, गरवित, सत्यम, राजेंद्र नांगिया, योगेंद्र, मधु, नेहा, अर्पित, सोनाली, अरुण, रजनी, संजय, सीमा, जितेंद्र, रितिका, विनीत और वर्षा सिसोदिया सहित अनेक लोगों ने आयोजन को सफल बनाने में अपना योगदान दिया। इनके साथ प्रतिभागियों, मेंटर्स और अभिभावकों ने भी लगातार सहयोग किया। महोत्सव के दौरान रामलीला ग्राउंड में उमड़ी भीड़ ने आयोजन की लोकप्रियता को दर्शाया।

बच्चों की प्रस्तुतियों के दौरान दर्शकों का उत्साह देखते ही बन रहा था। अभिभावक अपने बच्चों की प्रस्तुति को कैमरे में कैद करते नजर आए, जबकि अन्य दर्शकों ने तालियों से नन्हे कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। लगातार 15 वर्षों से आयोजित हो रहा यह जन्माष्टमी महोत्सव धार्मिक आयोजन के साथ सामाजिक एकजुटता का भी माध्यम बन चुका है। हर वर्ष बड़ी संख्या में लोग इससे जुड़ते हैं और बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच मिलता है। आयोजकों का सामूहिक प्रयास इस आयोजन को क्षेत्रवासियों के लिए विशेष बनाता है। इस बार भी भक्ति, संस्कृति और बच्चों की प्रतिभा के संगम ने महोत्सव को यादगार बना दिया। करीब 200 बच्चों की प्रस्तुतियों और दो माह की मेहनत से तैयार कार्यक्रम ने दर्शकों को श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं की मनमोहक झलक दिखाई। पूरे आयोजन में श्रद्धा और उल्लास का ऐसा माहौल रहा कि रामलीला ग्राउंड देर तक कृष्ण भक्ति के रंग में रंगा नजर आया।

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