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hardik pandya injured again: 13 सितंबर से अफगानिस्तान के खिलाफ शुरू हो रही टी20 सीरीज के जरिए इस स्टार ऑलराउंडर की मैदान पर वापसी लगभग तय मानी जा रही थी, लेकिन ठीक पहले ट्रेनिंग सेशन के दौरान लगी पैर की हल्की चोट (निगल) ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है. मार्च 2026 के बाद से इंटरनेशनल क्रिकेट से दूर चल रहे पांड्या की यह नई चोट भारतीय टीम मैनेजमेंट की आगामी टूर्नामेंट्स की रणनीतियों को भी प्रभावित कर सकती है.
हार्दिक पंड्या को फिर लगी चोट, अफगानिस्तान के खिलाफ खेलना मुस्किल
13 सितंबर से अफगानिस्तान के खिलाफ शुरू हो रही टी20 सीरीज के जरिए इस स्टार ऑलराउंडर की मैदान पर वापसी लगभग तय मानी जा रही थी, लेकिन ठीक पहले ट्रेनिंग सेशन के दौरान लगी पैर की हल्की चोट (निगल) ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है. मार्च 2026 के बाद से इंटरनेशनल क्रिकेट से दूर चल रहे पांड्या की यह नई चोट भारतीय टीम मैनेजमेंट की आगामी टूर्नामेंट्स की रणनीतियों को भी प्रभावित कर सकती है.
वापसी की दहलीज पर फिर लगा ग्रहण
हार्दिक पंड्या पिछले कई महीनों से अपनी फिटनेस हासिल करने के लिए राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (NCA) और निजी ट्रेनिंग सेशंस में कड़ी मेहनत कर रहे थे. अफगानिस्तान सीरीज को उनके कमबैक के लिए सबसे मुफीद मंच माना जा रहा था, ताकि वह अपनी मैच-फिटनेस साबित कर सकें. हालांकि, अभ्यास के दौरान पैर में आई इस मोच या खिंचाव ने डॉक्टरों और फिजियो को दोबारा सतर्क कर दिया है. चूंकि हार्दिक का चोटों के साथ पुराना नाता रहा है, इसलिए टीम मैनेजमेंट उनके साथ किसी भी तरह की जल्दबाजी करने के मूड में नहीं है.
भारतीय टीम के कॉम्बिनेशन पर असर
हार्दिक पंड्या टीम इंडिया के इकलौते ऐसे खिलाड़ी हैं जो तेज गेंदबाजी के साथ-साथ निचले क्रम में आक्रामक बल्लेबाजी का बेहतरीन संतुलन प्रदान करते हैं. उनकी अनुपस्थिति से टीम का संतुलन बिगड़ना तय है. हार्दिक के न होने से टीम को छठे गेंदबाजी विकल्प या एक अतिरिक्त बल्लेबाज को चुनने के लिए मजबूर होना पड़ता है.डेथ ओवर्स में मैच का रुख पलटने की जो काबिलियत हार्दिक के पास है, उसकी कमी अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज में खलेगी. उनकी गैरमौजूदगी में नीतीश कुमार रेड्डी या शिवम दुबे जैसे उभरते हुए ऑलराउंडर्स को खुद को साबित करने का एक और बेहतरीन मौका मिलेगा.
वर्कलोड मैनेजमेंट पर उठते सवाल
साल 2026 में मार्च महीने के बाद से हार्दिक ने कोई भी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला नहीं खेला है. बार-बार होने वाली इन चोटों ने अब उनके वर्कलोड मैनेजमेंट और लंबे फॉर्मेट (या लगातार सीरीज खेलने) की क्षमता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. वाइट-बॉल क्रिकेट में कप्तान और उपकप्तान की भूमिका निभा चुके पांड्या का इस तरह अहम मौकों पर चोटिल होना भारतीय सिलेक्टर्स के लिए भी सिरदर्द बनता जा रहा है, क्योंकि अगले बड़े आईसीसी टूर्नामेंट्स के लिए टीम को एक स्थिर कोर तैयार करना है.
मेडिकल टीम के अनुसार, यह चोट बेहद गंभीर नहीं है, लेकिन एहतियात के तौर पर उन्हें कम से कम दो से तीन हफ्ते के आराम और रिहैब की सलाह दी जा सकती है. इसका सीधा मतलब है कि वह अफगानिस्तान सीरीज का हिस्सा नहीं बन पाएंगे. अब उनके फैंस को उम्मीद होगी कि वह इस झटके से उबरकर अगली घरेलू सीरीज या आगामी बड़े दौरों पर पूरी तरह फिट होकर वापसी करेंगे. भारतीय क्रिकेट के लिहाज से हार्दिक का फिट रहना बेहद जरूरी है, और हर कोई यही दुआ कर रहा है कि यह उनका आखिरी फिटनेस ब्रेकडाउन साबित हो.
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राजीव मिश्रा, खेल पत्रकारिता में एक जाना पहचाना चेहरा है जो अपनी बेबाक विशलेषण के लिए जाने जाते है. वर्तमान में नेटवर्क 18 में एसोसिएट स्पोर्ट्स एडिटर के रूप में कार्यरत हूँ. इस भूमिका में मैं डिजिटल स्पोर्ट्स …
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