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होमखेलक्रिकेटजीत का जश्न, जंग में हो गया तब्दील, जिसका पकड़ा गला वो कप्तान बन गया, लिया बदल

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clarke katich fight: जब क्लार्क ने बार-बार गाने के लिए दबाव डाला और कथित तौर पर कुछ अपशब्द कहे, तो साइमन कैटिच का गुस्सा फूट पड़ा. कैटिच ने क्लार्क को दीवार की तरफ धकेला और उनकी गर्दन पकड़ ली. ड्रेसिंग रूम में मौजूद अन्य खिलाड़ियों ने तुरंत बीच-बचाव किया और दोनों को अलग किया. हालांकि क्लार्क उस रात वहां से चले गए, लेकिन ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के दो बड़े दिग्गजों के बीच की यह दरार कभी नहीं भर सकी.

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भावी कप्तान से झगड़े की वजह से खत्म हुआ साइमन कैटिच का करियर, 58 की औसत से टेस्ट में बना रहे थे रन

नई दिल्ली. बल्लेबाज शॉट खेलता है और गेंद को बाउंड्री पार जाते देखना जहां सुखद एहसास देता है वहीं वो ही खिलाड़ी गुस्से में सीमी पार करता है तो उसकी छवि पर सवाल उठता है और साथ ही वो अपने लिए भी भयानक गड्डा खोद रहा होता है. खास तौर पर तब मामला और गंभीर हो जाता है जब विवाद कप्तान या होने वाले कप्तान से हो जाए. ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में एक ऐसी कहानी है जो बताता है कि क्रिकेट में कप्तान कितना शक्तिशाली होता है और उसकी पसंद नापसंद कितनी मायने रखती है.

जनवरी 2009 में ऑस्ट्रेलिया ने सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (SCG) पर दक्षिण अफ्रीका को मात दी थी. ऑस्ट्रेलियाई परंपरा के अनुसार, जीत के बाद ड्रेसिंग रूम में टीम का प्रसिद्ध थीम सॉन्ग “अंडर द सदर्न क्रॉस आई स्टैंड” गाया जाना था. इस गाने को गाने की जिम्मेदारी उस समय माइकल हसी के पास थी. उसी रात माइकल क्लार्क ने अपनी तत्कालीन मंगेतर लारा बिंगल के साथ एक डिनर का प्रोग्राम तय किया हुआ था. क्लार्क चाहते थे कि हसी जल्दी से गाना गाएं ताकि वह ड्रेसिंग रूम से निकल सकें. लेकिन हसी और साइमन कैटिच समेत टीम के अन्य सीनियर खिलाड़ी जल्दबाजी के मूड में नहीं थे. वे जीत का लुत्फ उठाना चाहते थे और परंपरा के साथ समझौता नहीं करना चाहते थे.

जब कैटिच ने पकड़ ली क्लार्क की कॉलर

जब क्लार्क ने बार-बार गाने के लिए दबाव डाला और कथित तौर पर कुछ अपशब्द कहे, तो साइमन कैटिच का गुस्सा फूट पड़ा. कैटिच ने क्लार्क को दीवार की तरफ धकेला और उनकी गर्दन पकड़ ली. ड्रेसिंग रूम में मौजूद अन्य खिलाड़ियों ने तुरंत बीच-बचाव किया और दोनों को अलग किया. हालांकि क्लार्क उस रात वहां से चले गए, लेकिन ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के दो बड़े दिग्गजों के बीच की यह दरार कभी नहीं भर सकी.

58 की औसत और टीम से अचानक विदाई

इस विवाद के समय साइमन कैटिच अपने करियर के सबसे बेहतरीन दौर से गुजर रहे थे. मैथ्यू हेडन के संन्यास के बाद उन्होंने सलामी बल्लेबाज के रूप में खुद को स्थापित किया था. साल 2008 से 2010 के बीच कैटिच ने लगभग 58 की औसत से रन बनाए थे. साल 2011 में रिकी पोंटिंग के कप्तानी छोड़ने के बाद माइकल क्लार्क को ऑस्ट्रेलिया का नया कप्तान बनाया गया. इसके ठीक बाद, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने चौंकाने वाला फैसला लेते हुए कैटिच को केंद्रीय अनुबंधसे बाहर कर दिया. 56 टेस्ट में 4,188 रन (45.64 औसत) बनाने वाले खिलाड़ी को दोबारा कभी ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलने का मौका नहीं मिला.

कैटिच का क्लार्क पर सीधा आरोप

अनुबंध से बाहर होने के बाद साइमन कैटिच ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलकर अपना गुस्सा जाहिर किया था. उन्होंने सीधे तौर पर कहा था कि सिडनी ड्रेसिंग रूम में माइकल क्लार्क के साथ हुए विवाद के कारण ही उन्हें टीम से बाहर किया गया है. कैटिच का मानना था कि जब तक क्लार्क कप्तान हैं, उनकी टीम में वापसी नामुमकिन है, और हुआ भी यही. माइकल क्लार्क ने सालों बाद अपनी आत्मकथा ‘My Story’ में इस घटना को स्वीकार किया लेकिन उन्होंने इस बात से इनकार किया कि कैटिच का करियर उनकी वजह से खत्म हुआ.

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Rajeev MishraAssociate editor

राजीव मिश्रा, खेल पत्रकारिता में एक जाना पहचाना चेहरा है जो अपनी बेबाक विशलेषण के लिए जाने जाते है. वर्तमान में नेटवर्क 18 में एसोसिएट स्पोर्ट्स एडिटर के रूप में कार्यरत हूँ. इस भूमिका में मैं डिजिटल स्पोर्ट्स …

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