Image Slider

  • भारत विकास परिषद और शारदा हेल्थकेयर ने मिलकर चलाया पर्यावरण व स्वास्थ्य जागरूकता अभियान
  • शारदा विश्वविद्यालय परिसर में इमली, जामुन, आंवला समेत छायादार, फलदार और फूलदार पौधे लगाए
  • विशेषज्ञ चिकित्सकों ने वरिष्ठ नागरिकों, न्यूरो रोग और कैंसर से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं
  • वृक्षारोपण के साथ हुआ स्वास्थ्य परीक्षण, स्वस्थ पर्यावरण और स्वस्थ समाज का दिया संदेश

उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ समाज के निर्माण का संदेश देते हुए भारत विकास परिषद विवेकानंद शाखा, ग्रेटर नोएडा एवं शारदा हेल्थकेयर के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को शारदा विश्वविद्यालय परिसर में वृक्षारोपण एवं स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण को स्वास्थ्य से जोड़ते हुए लोगों को हरियाली बढ़ाने के साथ अपने स्वास्थ्य के प्रति भी सजग रहने का संदेश दिया गया। इस दौरान परिसर की ग्रीन बेल्ट में छायादार, फलदार एवं फूलदार प्रजातियों के करीब 75 पौधे रोपे गए। कार्यक्रम में चिकित्सकों ने विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर लोगों को महत्वपूर्ण जानकारी दी और उनकी स्वास्थ्य संबंधी जिज्ञासाओं का समाधान किया। वृक्षारोपण अभियान के दौरान शारदा विश्वविद्यालय परिसर की ग्रीन बेल्ट में इमली, जामुन, आंवला, चिलबिल, कनेर और नींबू समेत विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए। परिषद के सदस्यों और चिकित्सकों ने पौधारोपण करते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई।

कार्यक्रम से जुड़े सहायक मजदूरों को बिस्कुट के पैकेट और तौलिये भी वितरित किए गए। आयोजकों ने कहा कि पौधारोपण केवल एक दिन का अभियान नहीं होना चाहिए, बल्कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण भी जरूरी है। पेड़ वातावरण को स्वच्छ रखने के साथ लोगों को शुद्ध वायु, छाया और बेहतर जीवन परिस्थितियां उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में अधिक से अधिक पौधे लगाने के साथ उनके संरक्षण को भी सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाया जाना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान भारत विकास परिषद के सदस्यों ने शारदा हेल्थकेयर के विशेषज्ञ चिकित्सकों को पटका पहनाकर एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। वहीं, चिकित्सकों की टीम ने परिषद के सदस्यों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़े सवालों के जवाब दिए।

महिलाओं से लेकर किडनी और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर हुई चर्चा
वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. खुशबू सक्सेना ने महिलाओं में होने वाली विभिन्न बीमारियों, उनके लक्षण, उपचार और बचाव के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं से अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने और समय-समय पर आवश्यक स्वास्थ्य जांच कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि शरीर में होने वाले किसी भी असामान्य बदलाव या लक्षण को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय रहते चिकित्सकीय सलाह लेने से कई गंभीर बीमारियों की पहचान शुरुआती स्तर पर की जा सकती है। शारदा केयर हेल्थसिटी के नेफ्रोलॉजी एवं किडनी प्रत्यारोपण विभाग के निदेशक डॉ. कुनाल राज गांधी ने किडनी से संबंधित बीमारियों और उनके बचाव के उपायों पर जानकारी साझा की। उन्होंने पर्याप्त पानी पीने, अनावश्यक दवाओं के सेवन से बचने तथा रक्तचाप और मधुमेह को नियंत्रित रखने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि नियमित स्वास्थ्य जांच से किडनी से जुड़ी कई समस्याओं की समय रहते पहचान संभव है। वरिष्ठ फिजिशियन एवं जेरियाट्रिशियन डॉ. विजय कुमार ने बढ़ती उम्र के साथ होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि उम्र बढऩे के साथ रक्तचाप, मधुमेह, हड्डियों और जोड़ों की समस्या, कमजोरी, नींद में परेशानी तथा याददाश्त से जुड़ी दिक्कतें सामने आ सकती हैं। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों को संतुलित आहार, नियमित शारीरिक सक्रियता और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बढ़ती उम्र को बीमारी का पर्याय नहीं माना जाना चाहिए, बल्कि सही जीवनशैली और समय पर उपचार के माध्यम से स्वस्थ एवं सक्रिय जीवन जिया जा सकता है।

न्यूरो समस्याओं और कैंसर को लेकर दूर की भ्रांतियां
वरिष्ठ न्यूरो सर्जन डॉ. रविंद्र श्रीवास्तव ने सिरदर्द, चक्कर, हाथ-पैर में कमजोरी या सुन्नपन, दौरे, रीढ़ और नसों से संबंधित समस्याओं तथा स्ट्रोक जैसी स्थितियों के प्रति लोगों को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि ऐसी समस्याओं में लापरवाही के बजाय समय पर विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना बेहद जरूरी है। उन्होंने न्यूरो सर्जरी के क्षेत्र में आधुनिक चिकित्सा तकनीकों के विकास की भी जानकारी दी। वरिष्ठ मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. अनिंद्य मुखर्जी ने कैंसर को लेकर समाज में मौजूद भ्रांतियों और गलत धारणाओं पर चर्चा की। उन्होंने लोगों से शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने और आवश्यकता के अनुसार नियमित जांच कराने की अपील की।

उन्होंने कहा कि कैंसर को लेकर डरने के बजाय वैज्ञानिक जानकारी और विशेषज्ञ चिकित्सकीय सलाह पर भरोसा किया जाना चाहिए। समय पर पहचान और उचित उपचार से मरीजों के लिए बेहतर संभावनाएं बन सकती हैं। कार्यक्रम के समापन पर शारदा केयर हेल्थसिटी एवं शारदा हॉस्पिटल, ग्रेटर नोएडा के निदेशक सेल्स एवं मार्केटिंग गौरव पांडेय ने शारदा हेल्थकेयर की स्वास्थ्य सेवाओं और सामाजिक जागरूकता से जुड़े प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संस्थान का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाओं के साथ समाज के विभिन्न वर्गों तक स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश पहुंचाना भी है। आधुनिक तकनीक, विशेषज्ञ चिकित्सकों और मरीज केंद्रित सेवाओं के माध्यम से स्वास्थ्य क्षेत्र में निरंतर बेहतर कार्य करने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम का संचालन शारदा केयर हेल्थसिटी के सामुदायिक संपर्क कार्यक्रम विभाग से जुड़े विनय कुमार एवं अतुल पाठक ने किया।

इस अवसर पर भारत विकास परिषद विवेकानंद शाखा के प्रोफेसर विवेक कुमार, अध्यक्ष विवेक अरोरा, सचिव डॉ. निधि माहेश्वरी, राकेश रिखी, राजेंद्र सोनी, डॉ. नीरज कौशिक, राजीव जैन, निर्मल शर्मा, माया कर्ण, प्रेरणा विवेक, सरोज तोमर, रुचि जैन सहित अनेक सदस्य मौजूद रहे। जानकी बल्लभ शाखा की अध्यक्ष अनुपमा पुंडीर, अंजू गुप्ता, सरोज अरोरा, जयश्री सिन्हा, डॉ. हरिओम शर्मा, डॉ. निरुपमा शर्मा, पल्लवी, मानसी और वासु समेत अन्य गणमान्य लोग भी कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम ने पर्यावरण संरक्षण और जनस्वास्थ्य को एक साथ जोड़ते हुए यह संदेश दिया कि स्वस्थ पर्यावरण ही स्वस्थ समाज की मजबूत नींव है।

———-

🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।

 

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||