चित्रकूट के मानिकपुर पाठा क्षेत्र में चमरौहा बरदहा नदी का जलस्तर बढ़ने से चमरौहा, मऊ, गुरदारी और मध्य प्रदेश को जाने वाले लोग समेत आसपास के अन्य गांवों के ग्रामीण पिछले एक 9 दिनों से परेशानी झेल रहे हैं, लगातार जलभराव और नदी के तेज बहाव के कारण ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित है. लोगों का जीवन एकदम से अस्त व्यस्त हो गया है.हालांकि अब डीएम पुलकित गर्ग के कड़े निर्देश के बाद राहत और बचाव कार्य शुरू कराया गया,रेस्क्यू और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए नैनी से 42वीं वाहिनी पीएसी का राहत-बचाव दल भी मौके पर पहुंचा है.
मरौहा बरदहा नदी का जलस्तर बढ़ने से परेशानी
आप को बता दे कि कि मानिकपुर पाठा क्षेत्र में चमरौहा बरदहा नदी का जलस्तर बढ़ने से चमरौहा, मऊ, गुरदारी और मध्य प्रदेश को जाने वाले लोग समेत आसपास के अन्य गांवों के ग्रामीण पिछले एक 9 दिनों से परेशानी झेल रहे हैं, लगातार जलभराव और नदी के तेज बहाव के कारण ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित है. लोगों का जीवन एकदम से अस्त व्यस्त हो गया है.हालांकि अब डीएम पुलकित गर्ग के कड़े निर्देश के बाद राहत और बचाव कार्य शुरू कराया गया,रेस्क्यू और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए नैनी से 42वीं वाहिनी पीएसी का राहत-बचाव दल भी मौके पर पहुंचा है. जहां वह लोगों को नदी पार करवाने के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाएं और खान-पान की चीज भी उपलब्ध करवा रह है.और मौके पर मानिकपुर थाना पुलिस तैनात है.
नदी पर पुल बनाने की आश
वही लोकल 18 की टीम जब मौके पर पहुंची तो वहां के हालात डरवा देने वाले थे. जिस रपटे से होकर लोग नदी को पार करते से उस रास्ते में तेज बहाव के साथ पानी बह रहा था. और गांव के लोग बस एक ही उम्मीद लगा कर बैठे थे कि आखिर कब इस नदी में पुल बनेगा और हमारी सालों साल की समस्या खत्म हो जाएगी. लोगों का यह भी कहना है कि पिछले 8 दिनों से हमारा जीवन अस्त-व्यस्त हो गया था यहां तक की स्वास्थ्य सेवाएं और खान-पान के लिए भी हम लोग तरस रहे थे हालांकि अब जिला प्रशासन की ओर से एक स्टीमर लगाई गई है और उसके द्वारा लोगों को नदी के उसे पर बीता जा रहा है.
वादे भूल जाते हैं जन प्रतिनिधि
ग्रामीण मनोज कुमार ने लोकल 18 को जानकारी में बताया कि चमरौहा गांव के पास बरदहा नदी पर पुल नहीं होने के कारण हर साल बारिश के मौसम में करीब आधा दर्जन गांवों के लोगों को इसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ता है. नदी का जलस्तर बढ़ते ही चमरौहा का रपटा डूब जाता है और कई गांवों का संपर्क प्रभावित हो जाता है. इससे हम लोगों को इलाज, राशन, स्कूल और जरूरी कामों के लिए आवागमन में दिक्कत होती है. उनकी मांग है कि बरदहा नदी पर स्थायी पुल का निर्माण कराया जाए, ताकि हर साल बारिश में पैदा होने वाली समस्या से दर्जनों गांवों को स्थायी राहत मिल सके. जनप्रतिनिधि सिर्फ वह चुनाव के समय आते हैं उसके बाद सभी वादे वह लोग भूल जाते हैं.
ट्रोल फ्री नंबर पर करें फोन
वही संबंध में चित्रकूट डीएम पुलकित गर्ग ने लोकल 18 को जानकारी में बताया कि जो चमरौहा का एरिया है वहां पर कुछ रास्ते ऐसे हैं, जहां ज्यादा बारिश होती है तो पानी उनके ऊपर से बहने लगता है. अभी हम लोग के द्वारा वाहन स्वास्थ्य सेवाओं और आवश्यक कुछ चीजों के लिए फ्लड प्लाटून और डॉक्टर की टीम भेज दी गई है. वह मीटर वोट के माध्यम से क्रॉस करके ग्रामीण तक जा रहे हैं. उनकी सहायता कर रहे हैं. उनका कहना है वह कहीं भी अगर इस तरह की समस्याएं हैं तो हमारे द्वारा जारी किए गए कंट्रोल रूम नंबर 8737991456 या अपने तहसील के अधिकारी या हमको भी सूचित कर सकते हैं. इसके बाद हम अपनी टीम उसे गांव में भेजेंगे और वहां जो भी राहत बचाव कार्य होगा हमारे द्वारा किया जाएगा. उनकी लोगों से अपील भी है कोई भी पानी के आसपास ना जाए.
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Rajnish Kumar Yadav is a digital journalist and content publisher with over seven years of experience in print and digital media. He is currently working with News18 Digital (Local18) as a Content Publisher, wh…
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