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वैदिक ज्योतिष में देवगुरु बृहस्पति को ज्ञान, समृद्धि, भाग्य और धर्म का कारक माना जाता है। 19 अगस्त 2026, बुधवार को गुरु ग्रह एक बेहद महत्वपूर्ण नक्षत्र परिवर्तन करने जा रहे हैं। वर्तमान में कर्क राशि में विराजमान गुरु देव, शनि के पुष्य नक्षत्र से निकलकर बुध के स्वामित्व वाले अश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। अश्लेषा नक्षत्र जल तत्व और बुध की बौद्धिक क्षमता से युक्त होता है। कर्क राशि में गुरु उच्च के होते हैं, इसलिए इस नक्षत्र परिवर्तन का प्रभाव सभी 12 राशियों के करियर, आर्थिक स्थिति और व्यक्तिगत जीवन पर गहराई से पड़ेगा। आइए जानते हैं गुरु के इस नक्षत्र गोचर का सभी 12 राशियों पर क्या असर होगा।

1. मेष राशि (Aries)

गुरु का गोचर आपके चौथे भाव (सुख और माता के स्थान) पर प्रभाव डालेगा। आपको भूमि, भवन या वाहन से जुड़ा लाभ मिल सकता है। पारिवारिक जीवन में शांति रहेगी, हालांकि माता जी की सेहत का थोड़ा ध्यान रखने की आवश्यकता होगी।

 

2. वृषभ राशि (Taurus)

तीसरे भाव में गुरु का प्रभाव आपके साहस, पराक्रम और संचार कौशल में वृद्धि करेगा। बौद्धिक कार्यों और लेखन से जुड़े लोगों को सफलता मिलेगी। छोटे भाई-बहनों का सहयोग प्राप्त होगा।

 

3. मिथुन राशि (Gemini)

दूसरे भाव में गुरु का आगमन धन और वाणी के स्थान को प्रभावित करेगा। अटका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। व्यापार में नया निवेश लाभदायक रहेगा। आपकी वाणी से लोग प्रभावित होंगे।

4. कर्क राशि (Cancer)

गुरु आपकी ही राशि में अश्लेषा नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं। आपके ज्ञान, निर्णय क्षमता और सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। कार्यक्षेत्र में नए अवसर मिलेंगे। मानसिक स्पष्टता बनी रहेगी।

 

5. सिंह राशि (Leo)

बारहवें भाव में गुरु का प्रभाव धर्म-कर्म और आध्यात्मिक कार्यों में आपकी रुचि बढ़ाएगा। विदेश यात्रा या विदेशी कंपनियों से लाभ के योग हैं। हालांकि, खर्चों पर थोड़ा नियंत्रण रखना होगा।

 

6. कन्या राशि (Virgo)

ग्यारहवें भाव (लाभ भाव) में गुरु का गोचर आपकी आय के साधनों में वृद्धि करेगा। बड़े भाई-बहनों और मित्रों का पूरा सहयोग मिलेगा। आपकी महत्वाकांक्षाएं पूरी होंगी।

 

7. तुला राशि (Libra)

दसवें भाव (कर्म भाव) में गुरु का प्रभाव आपके करियर में बड़ा उछाल ला सकता है। पदोन्नति और वेतन वृद्धि के मजबूत योग हैं। अधिकारियों के साथ संबंध बेहतर होंगे।

 

8. वृश्चिक राशि (Scorpio)

नौवें भाव (भाग्य भाव) में गुरु का गोचर आपके भाग्योदय का कारक बनेगा। धार्मिक यात्राएं होंगी। उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को शानदार सफलता मिलेगी।

 

9. धनु राशि (Sagittarius)

आठवें भाव में गुरु का यह गोचर मिला-जुला रहेगा। अचानक धन लाभ या पैतृक संपत्ति से फायदा हो सकता है। हालांकि, स्वास्थ्य के प्रति बिल्कुल भी लापरवाही न बरतें।

 

10. मकर राशि (Capricorn)

सातवें भाव (विवाह और साझेदारी) में गुरु का गोचर वैवाहिक जीवन में मधुरता लाएगा। व्यापारिक साझेदारों के साथ संबंध मजबूत होंगे और व्यापार में विस्तार होगा।

 

11. कुंभ राशि (Aquarius)

छठे भाव में गुरु के प्रभाव से कोर्ट-कचहरी या प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में सफलता मिलेगी। शत्रुओं पर आपकी विजय होगी। अपनी दिनचर्या और खान-पान को संतुलित रखें।

 

12. मीन राशि (Pisces)

पांचवें भाव (संतान और विद्या) में गुरु का गोचर विद्यार्थियों के लिए वरदान साबित होगा। प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी और संतान पक्ष से कोई शुभ समाचार मिल सकता है।

 

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