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5 heroes Bangladesh beat Australia: ऑस्ट्रेलिया की धरती पर बांग्लादेश क्रिकेट टीम ने पहली बार टेस्ट मैच जीतकर इतिहास रच दिया है. दो मैचों की सीरीज के पहले मुकाबले में मेहमान टीम ने कंगारुओं को 9 विकेट से करारी शिकस्त दी. बांग्लादेश के इस ऐतिहासिक उलटफेर में हसन महमूद की घातक गेंदबाजी, मेहदी हसन का शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन, तंजीद हसन का एतिहासिक शतक, कप्तान शंटो की कप्तानी पारी और मोमिनुल हक की सूझबूझ भरी बल्लेबाजी सबसे बड़ा आधार बनी. बांग्लादेश के उन 5 सूरमाओं के बारे में जानि जिनके दम पर ऑस्ट्रेलिया को अपने ही गढ़ में घुटने टेकने पड़े.
बांग्लादेश की ऐतिहासिक जीत के 5 हीरो.
इस ऐतिहासिक उलटफेर की नींव बांग्लादेश के तेज गेंदबाज हसन महमूद (Hasan Mahmud) ने अपनी धारदार गेंदबाजी से रखी. मैच के पहले ही दिन से ऑस्ट्रेलियाई टीम हसन के स्पेल का तोड़ नहीं ढूंढ सकी. ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी महज 198 रनों पर ढेर हो गई, जिसमें हसन महमूद ने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए केवल 55 रन देकर 6 महत्वपूर्ण विकेट झटके. उन्होंने अपनी स्विंग और सटीक लाइन-लेंथ से कंगारू बल्लेबाजों को क्रीज पर टिकने का कोई मौका नहीं दिया. हसन का यह कहर सिर्फ पहली पारी तक सीमित नहीं रहा. दूसरी पारी में भी उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी क्रम को लगातार झटके दिए और 3 बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया. उनके इस घातक स्पेल ने मेजबान टीम के मनोबल को शुरुआत में ही तोड़ दिया.
बांग्लादेश की ऐतिहासिक जीत के 5 हीरो.
मेहदी हसन मिराज ने बल्ले से फिफ्टी और फिरकी से 5 विकेट लेकर मचाया तहलका
गेंद और बल्ले दोनों से टीम को मजबूती देने का काम स्टार ऑलराउंडर मेहदी हसन मिराज ने किया. पहली पारी में जब टीम को एक बड़े स्कोर की तलाश थी, तब मेहदी ने निचले क्रम के साथ सूझबूझ भरी बल्लेबाजी करते हुए 65 बहुमूल्य रन जोड़े. उनकी इस पारी के दम पर ही बांग्लादेश की टीम अपनी पहली पारी में 400 रनों का विशाल आंकड़ा पार करने में सफल रही. इसके बाद जब ऑस्ट्रेलिया अपनी दूसरी पारी में वापसी करने के इरादे से उतरा, तो मेहदी की फिरकी का जादू सिर चढ़कर बोला. उन्होंने बेहतरीन स्पिन गेंदबाजी का नजारा पेश करते हुए 5 विकेट झटके और ऑस्ट्रेलियाई मध्यक्रम को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया. इस ऑलराउंड प्रदर्शन ने मुकाबले को पूरी तरह बांग्लादेश के पक्ष में मोड़ दिया.
ऑस्ट्रेलिया में शतक जड़ने वाले पहले बांग्लादेशी बने तंजीद हसन तमीम
बल्लेबाजी के मोर्चे पर बांग्लादेश के 25 वर्षीय युवा सनसनी तंजीद हसन तमीम (Tanzid Hasan Tamim) ने इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया. उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर बिना किसी दबाव के अपनी बल्लेबाजी का लोहा मनवाया. तंजीद ने पहली पारी में 197 गेंदों का सामना करते हुए शानदार 101 रन बनाए. इस पारी के साथ ही वे ऑस्ट्रेलिया की धरती पर टेस्ट शतक जड़ने वाले बांग्लादेश के पहले बल्लेबाज बन गए. अपनी इस यादगार शतकीय पारी के दौरान उन्होंने 8 चौके और 1 गगनचुंबी छक्का जड़ा. उनकी इस पारी ने टीम को पहली पारी में बड़ी बढ़त दिलाने में सबसे मुख्य भूमिका निभाई.
कप्तान नजमुल हसन शंटो की जुझारू पारी ने बांग्लादेश की जीत की नींव रखी
कप्तान नजमुल हसन शंटो (Najmul Hossain Shanto) ने भी मोर्चे से नेतृत्व करते हुए एक कप्तानी पारी खेली. उन्होंने पहली पारी में 126 गेंदों का सामना करते हुए 84 रनों की बेहद परिपक्व पारी खेली, जिसमें 7 चौके और 1 छक्का शामिल था. शंटो की यह पारी केवल रनों के लिहाज से ही महत्वपूर्ण नहीं थी, बल्कि उन्होंने युवा तंजीद हसन तमीम के साथ मिलकर एक मजबूत शतकीय साझेदारी निभाई, जिसने कंगारू गेंदबाजों के हौसले पस्त कर दिए. कप्तान की इस जुझारू पारी ने बांग्लादेश को मुकाबले में बेहद मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया.
मोमिनुल हक ने नंबर 3 पर निभाई अहम जिम्मेदारी, अंत तक टिककर दिलाई जीत
भले ही मोमिनुल हक (Mominul Haque) शतक या अर्धशतक से चूक गए हों, लेकिन तीसरे नंबर पर आकर उन्होंने जो ठोस भूमिका निभाई, वह इस जीत की सबसे मजबूत कड़ियों में से एक रही. पहली पारी में सलामी बल्लेबाज शदमन इस्लाम के जल्दी आउट होने के बाद मोमिनुल ने क्रीज पर खूंटा गाड़ दिया. उन्होंने तंजीद के साथ मिलकर पारी को संभाला और 95 गेंदों में 49 रनों का बेहद कीमती योगदान दिया. इसके बाद दूसरी पारी में भी लक्ष्य का पीछा करते हुए उन्होंने संयम बनाए रखा और नाबाद 30 रन बनाकर टीम को जीत की दहलीज के पार पहुंचाया.
बांग्लादेश के इन पांचों सूरमाओं के शानदार खेल के बदौलत ऑस्ट्रेलियाई टीम पूरे मैच में एक बार भी मुकाबले में वापसी नहीं कर सकी. गेंद और बल्ले दोनों विभागों में बांग्लादेश के इस संपूर्ण प्रभुत्व ने यह साबित कर दिया कि वे अब सिर्फ एक अप्रत्याशित टीम नहीं, बल्कि दुनिया की किसी भी मजबूत टीम को उसके घर में हराने का जज्बा रखती है. यह जीत बांग्लादेशी क्रिकेट इतिहास के पन्नों में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगी.
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कमलेश कुमार राय नेटवर्क18 ग्रुप में बतौर चीफ सब एडिटर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. वह बीते 15 सालों से खेल पत्रकारिता की पिच पर डटे हुए हैं. हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में वह खेल कंटेंट की गहरी समझ, सटीक विश्लेषण और ब…
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