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Batwara Movie News: सनी देओल की फिल्म ‘बटवारा’ को लेकर भीलवाड़ा में फैंस का उत्साह चरम पर नजर आया. स्वतंत्रता दिवस के मौके पर युवा हाथों में तिरंगा लेकर फिल्म देखने सिनेमा हॉल पहुंचे और भारत माता के जयकारे लगाए. सनी देओल के प्रशंसक नारायण भदाला भी अपने साथियों के साथ तिरंगा लेकर फिल्म देखने पहुंचे. भदाला पहले सनी देओल की फिल्मों के प्रति अपनी दीवानगी के चलते कभी ट्रैक्टर तो कभी हल लेकर सिनेमाघर पहुंच चुके हैं. उन्होंने बताया कि ‘बॉर्डर’ देखने के बाद से वह सनी देओल के प्रशंसक हैं. उनके मुताबिक, फिल्मों से देशप्रेम, पारिवारिक संस्कार, मां के सम्मान और मानवता की सीख मिलती है.

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सनी देओल की फिल्म बटवारा

भीलवाड़ा: स्वतंत्रता दिवस पर सिनेमाघरों में फिल्मों का रिलीज होना और दर्शकों का उमड़ना अपने आप में एक अलग उत्सव जैसा होता है. इन दिनों भीलवाड़ा में बॉलीवुड अभिनेता सनी देओल की फिल्म ‘बटवारा’ को लेकर सिनेमा प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है. शहर के सिनेमा हॉल दर्शकों से खचाखच भरे हुए हैं और हर तरफ सनी देओल के नाम की गूंज सुनाई दे रही है.

15 अगस्त के पर भीलवाड़ा के युवाओं में देशभक्ति का जज्बा देखते ही बनता था. युवा अपने हाथों में तिरंगा झंडा थामकर और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाते हुए शहर की सड़कों से गुजरे. इस मार्च ने शहर का माहौल देशभक्तिमय बना दिया. हाथ में तिरंगा लिए इन युवाओं का उत्साह इस बात का गवाह था कि आज भी देश के प्रति उनका प्रेम और सिनेमा कलाकारों के प्रति सम्मान कितना गहरा है.

अनूठे अंदाज के लिए जाने जाते हैं नारायण भदाला
सनी देओल के दीवानों में एक खास नाम चर्चा का विषय बना हुआ है नारायण भदाला. भदाला सनी देओल के बहुत बड़े प्रशंसक हैं और उनका यह क्रेज नया नहीं है. इससे पहले भी वे सनी देओल की फिल्में देखने के लिए कभी ट्रैक्टर तो कभी हल लेकर सीधे सिनेमा हॉल पहुंच चुके हैं, जो पूरे शहर और मीडिया में सुर्खियां बटोर चुका है. इस बार भी स्वतंत्रता दिवस के मौके पर वे अपने साथियों के साथ पूरी ऊर्जा और जोश के साथ फिल्म देखने पहुंचे.

न्यूज 18 राजस्थान से खास बातचीत
भीलवाड़ा से न्यूज 18 राजस्थान के संवाददाता राहुल कौशिक से खास बातचीत करते हुए नारायण भदाला ने सनी देओल के प्रति अपनी दीवानगी और फिल्मों से मिलने वाली सीख को खुलकर साझा किया. भदाला ने बताया कि जब से उन्होंने सनी देओल की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘बॉर्डर’ देखी थी, तभी से वे उनके पक्के प्रशंसक बन गए. उन्होंने कहा कि सनी देओल की फिल्मों से उन्हें हमेशा पारिवारिक संस्कार, संस्कृति और देशप्रेम का पाठ सीखने को मिला है.

फिल्मों से मिलती है सकारात्मक ऊर्जा
नारायण भदाला ने बताया कि हर कहानी और फिल्म में दो तरह के चरित्र (सकारात्मक और नकारात्मक) होते हैं. यदि दर्शक फिल्म के केवल सकारात्मक पक्ष को अपने जीवन में उतार लें, तो उनकी पूरी जिंदगी बदल सकती है. उन्होंने कहा कि इस फिल्म का महत्वपूर्ण संदेश ‘माँ और मानवता’ का है. भदाला ने समाज को एक गहरी सीख देते हुए कहा कि जो व्यक्ति अपनी माँ से सच्चा प्रेम करता है, वह कभी भी दूसरों की माँ का अनादर नहीं करेगा, क्योंकि हर माँ एक समान होती है. आज के दौर में लोग छोटी-छोटी बातों पर एक-दूसरे की माताओं को अभद्र गालियां देते हैं और गाली-गलौज की भाषा का इस्तेमाल करते हैं. इस पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि हमें इस मानसिकता को बदलना होगा क्योंकि माँ का सम्मान समाज में सबसे जरूरी और सर्वोपरि है.

सनी देओल की सीख और हमारी सच्ची श्रद्धांजलि
बातचीत के अंत में नारायण भदाला ने कहा कि उन्होंने सनी देओल के किरदारों और उनके व्यक्तित्व से बहुत कुछ सीखा है. अभिनेता के प्रति उनका और उनके साथियों का प्रेम इसलिए है क्योंकि उन्होंने अपनी कला के माध्यम से समाज को हमेशा अच्छे संस्कार और सकारात्मक बातें सिखाई हैं. भदाला का मानना है कि एक सच्चे प्रशंसक होने के नाते उनकी जिम्मेदारी बनती है कि वे पर्दे पर मिलने वाली अच्छी सीख को अपने दैनिक जीवन में उतारें और उसे समाज को वापस लौटाएं. यही किसी भी कला और कलाकार के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि और सामाजिक जिम्मेदारी है.

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Jagriti Dubey

मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…

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