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पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस वक्त हड़कंप मच गया जब बीरभूम जिले के रामपुरहाट से पूर्व डिप्टी स्पीकर और 5 बार के टीएमसी विधायक आशीष बनर्जी ने पार्टी दफ्तर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें राजनीतिक विरोधियों द्वारा उनकी छवि खराब करने का जिक्र किया गया है. वहीं बीजेपी ने निष्पक्ष पुलिस जांच की मांग की है.

5 बार के MLA आशीष की खुदकुशी या हत्या... मरने के लिए TMS ऑफिस ही क्यों चुना?Zoom

कोलकाता. तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व डिप्टी स्पीकर और रामपुरहाट से लगातार 5 बार विधायक रहे आशीष बनर्जी की आत्महत्या को लेकर बंगाल की राजनीति गर्म है. आशीष बनर्जी ने अपने पार्टी कार्यालय में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में हड़कंप मच गया है. टीएमसी ने इसे मर्डर कहा है. टीएमसी नेताओं ने सुसाइड नोट का हवाला देते हुए विपक्षी दल पर उनकी छवि धूमिल करने का भी आरोप लगाया है, वहीं बीजेपी ने निष्पक्ष पुलिस जांच की मांग की है. घटना की सूचना मिलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और बड़ी संख्या में उनके समर्थक पार्टी दफ्तर के बाहर जमा हो गए. लेकिन लोगों को यह बात समझ नहीं आ रही है कि मरने के लिए आशीष ने टीएमसी ऑफिस को ही क्यों चुना?

इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में बयानबाजी का दौर तेज हो गया है. घटनास्थल पर पहुंची बीरभूम पुलिस ने पार्टी दफ्तर को सील कर दिया है और फोरेंसिक टीम के साथ मिलकर सबूत जुटाए हैं. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मौके से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है. पुलिस का कहना है कि वे सभी संभावित पहलुओं और सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग की निष्पक्ष जांच कर रहे हैं. आत्महत्या के पीछे के सटीक कारणों, मानसिक तनाव या किसी बाहरी दबाव का पता लगाने के लिए उनके कॉल रिकॉर्ड्स और फॉरेंसिक साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है. बनर्जी का घर टीएमसी कार्यकाल के बगल में ही है.

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