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EPFO Pension : कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी ईपीएफओ ने पेंशन तय करने का फॉर्मूला तय कर दिया है. इसके तहत अगर कोई कर्मचारी 20 साल की नौकरी पूरी करता है और इस दौरान लगातार पीएफ खाते में अंशदान करता है तो उसकी पेंशन की गणना करते समय 2 साल का बोनस दिया जाता है और कुल अवधि 22 साल हो जाएगी.

15 हजार सैलरी और 20 साल तक किया पीएफ में योगदान, अब कितनी बनेगी पेंशनZoom

20 साल नौकरी करने वालों को ईपीएफओ 2 साल का बोनस देता है.

नई दिल्ली. सरकारी कर्मचारियों के लिए तो एनपीएस और यूपीएस 2 तरह की पेंशन स्कीम मौजूद है, लेकिन प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों को आज भी ईपीएस यानी एम्पलॉयी पेंशन स्कीम पर ही निर्भर रहना पड़ता है. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी ईपीएफओ की ओर से तय किए गए नियमों के तहत ईपीएफ खाता खोलने वालों को सिर्फ 15 हजार की बेसिक सैलरी के हिसाब से ही कटौती मिलती है. इसी कटौती के आधार पर उनकी पेंशन भी निर्धारित की जाती है. मान लीजिए कि किसी कर्मचारी ने 20 साल तक नौकरी की और 15 हजार की बेसिक सैलरी के हिसाब से उसका पीएफ कटता रहा तो रिटायरमेंट के बाद उसे कितनी पेंशन मिल जाएगी.

अगर आपने 20 साल की सर्विस पूरी कर ली है तो EPFO ​​की तरफ से आपके लिए एक जरूरी खबर है. EPS नियमों के मुताबिक, जिन कर्मचारियों ने 20 साल या उससे ज्यादा समय तक योगदान दिया है, उन्हें पेंशन की गणना करते समय ‘बोनस’ सर्विस वेटेज के तौर पर दो साल अतिरिक्त दिए जाते हैं. असल में इसका मतलब यह है कि अगर आपकी सर्विस की अवधि 20 साल है, तो पेंशन की गणना के लिए आपकी पेंशन-योग्य सर्विस को 22 साल माना जा सकता है.

बोनस के बाद कितना फायदा
अगर इस बोनस को मिला दिया जाए तो 15 हजार की पेंशन योग्य सैलरी वाले कर्मचारी को रिटायरमेंट के बाद करीब 4,714 रुपये की पेंशन मिलेगी. दरअसल, जब कोई कर्मचारी 20 साल या उससे ज्यादा समय तक कॉन्ट्रिब्यूटरी सर्विस (योगदान वाली सेवा) पूरी करता है, तो पेंशन की गणना करते समय उसे दो साल का अतिरिक्त बोनस दिया जाता है. इससे कुल पेंशन की रकम बढ़ सकती है.

क्या है बोनस का नियम
ईपीएफओ के नियमों के अनुसार, पेंशन पाने के लिए किसी कर्मचारी को कम से कम 10 साल की पेंशन-योग्य सर्विस पूरी करनी होती है. लेकिन, बोनस का नियम कहता है कि अगर कोई कर्मचारी 20 साल या उससे ज्यादा समय तक काम करता है, तो उसकी कुल सर्विस अवधि में दो साल का अतिरिक्त वेटेज या बोनस जोड़ा जाता है. इस नियम से लंबे समय तक अंशदान करने वालों को ज्यादा पेंशन मिल सकती है.

  • क्या है पेंशन तय करने का फॉर्मूला
  • EPFO के नियमों के अनुसार, पेंशन का हिसाब लगाने का एक खास फॉर्मूला है.
  • महीने की पेंशन = (पेंशन के योग्य सैलरी ×पेंशन के योग्य सर्विस) ÷ 70
  • यहां पेंशन के योग्य सैलरी का मतलब नौकरी के आखिरी 60 महीनों की औसत सैलरी से है, जबकि ‘पेंशन के योग्य सर्विस’ का मतलब EPS में योगदान के कुल साल की संख्या से है.

20 साल बाद कितनी पेंशन बनेगी
मान लीजिए किसी कर्मचारी की पेंशन-योग्य सैलरी 15,000 रुपये है और उन्होंने कुल 20 साल तक नौकरी की है. 20 साल की नौकरी पूरी होने पर कर्मचारी को 2 साल का बोनस मिलता है. इससे उनकी कुल पेंशन-योग्य नौकरी 22 साल हो जाती है. अब, फ़ॉर्मूले का इस्तेमाल करके हिसाब लगाए तो…
पेंशन = (15,000 × 22) ÷ 70
पेंशन = 3,30,000 ÷ 70
कुल पेंशन होगी 4,714 रुपये महीने.

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Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…

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