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KL Rahul retired hurt: गॉल टेस्ट के पहले दिन भारत के उप-कप्तान केएल राहुल ने 162 गेंदों में 9 चौकों और एक छक्के की मदद से 77 रनों की मजबूत पारी खेली. हालांकि टी-ब्रेक के बाद तेज उमस, क्रैम्प्स और दाहिने हाथ की अंगुली में दर्द के कारण उन्हें रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान छोड़ना पड़ा. राहुल के जाने के बाद देवदत्त पडिक्कल ने जिम्मेदारी संभालते हुए अपना पहला टेस्ट शतक जड़ा और कप्तान शुभमन गिल के साथ भारत का स्कोर 200 के पार पहुंचाया.
केएल राहुल चोटिल होकर पवेलियन लौटे.
मैच की शुरुआत में जब भारतीय टीम बल्लेबाजी के लिए उतरी, तो पिच पर गेंदबाजों के लिए थोड़ी मदद मौजूद थी. केएल राहुल (KL Rahul) ने बेहद संभलकर खेलना शुरू किया. उन्होंने गेंद की मेरिट पर भरोसा जताया और क्रीज पर टिकने को प्राथमिकता दी. दूसरी तरफ से साझेदारी को आगे बढ़ाते हुए राहुल ने अपनी क्लास दिखाई. उन्होंने 162 गेंदों का सामना करते हुए 77 रनों की एक संजीदा और अनुशासित पारी खेली. इस पारी में उनका धैर्य साफ नजर आ रहा था. उन्होंने क्रीज का पूरा इस्तेमाल किया और खराब गेंदों को सीमा रेखा के पार भेजने में कोई झिझक नहीं दिखाई. राहुल के बल्ले से निकली 77 रनों की इस पारी में 9 नजाकत भरे चौके और एक गगनचुंबी छक्का शामिल था.
टी-ब्रेक के बाद बदला मैदान का माहौल
टी-ब्रेक तक भारतीय टीम मजबूत स्थिति में पहुंच चुकी थी और राहुल एक छोर पर चट्टान की तरह डटे हुए थे. लेकिन टी-ब्रेक के ठीक बाद गॉले की उमस और चिलचिलाती गर्मी का असर खिलाड़ियों के शरीर पर दिखने लगा. राहुल लगातार अपनी उंगलियों और हाथों को स्ट्रेच करते दिखे. देखते ही देखते वह खिंचाव और शारीरिक थकावट की वजह से असहज महसूस करने लगे. क्रीज पर खड़े रहना भी उनके लिए मुश्किल हो रहा था. दर्द इतना बढ़ गया कि उनके दाहिने हाथ की उंगली में समस्या साफ नजर आने लगी.
मैदान पर फिजियो की एंट्री और राहुल का रिटायर्ड हर्ट होना
मैदान पर तुरंत भारतीय मेडिकल टीम और फिजियो को बुलाया गया. फिजियो ने क्रीज पर ही राहुल के दाहिने हाथ और उंगली की जांच की और उन्हें शुरुआती इलाज दिया. हालांकि, थोड़ी देर कोशिश करने के बाद यह साफ हो गया कि राहुल अब बल्लेबाजी जारी रखने की स्थिति में नहीं हैं. भारी मन के साथ, उप-कप्तान को 77 रन के व्यक्तिगत स्कोर पर रिटायर्ड हर्ट होकर पवेलियन लौटना पड़ा. उस वक्त भारत का स्कोर 138 रन पर एक विकेट था. राहुल की इस पारी ने भारतीय टीम को एक ऐसी ठोस नींव दे दी थी, जहां से एक बड़े स्कोर का निर्माण किया जा सकता था.
देवदत्त पडिक्कल ने संभाली पारी
आमतौर पर किसी सेट बल्लेबाज के अचानक मैदान से बाहर जाने पर नए बल्लेबाज और टीम के मोमेंटम पर असर पड़ता है. लेकिन गॉले में ऐसा नहीं हुआ. राहुल के मैदान छोड़ने के बाद भारत के युवा बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल (Devdutt Padikkal) ने जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठा ली. पडिक्कल, जो पहले से ही क्रीज पर नजरें जमा चुके थे, उन्होंने राहुल के जाने के बाद अपने आक्रामक और कलात्मक अंदाज को और निखारा. उन्होंने श्रीलंकाई गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया और मैदान के चारों तरफ शानदार शॉट्स खेले.
पडिक्कल का पहला टेस्ट शतक और शुभमन गिल का साथ
पडिक्कल की इस परिपक्व बल्लेबाजी ने न सिर्फ राहुल की कमी को महसूस नहीं होने दिया, बल्कि उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में अपना पहला शतक भी जड़ दिया. अपने पहले टेस्ट शतक का जश्न मनाते हुए पडिक्कल ने अपनी पारी से यह साबित कर दिया कि वह लंबे प्रारूप के लिए पूरी तरह तैयार हैं. दूसरे छोर पर कप्तान शुभमन गिल ने उनका बखूबी साथ दिया. राहुल के 138 रन के स्कोर पर हटने के बाद, इन दोनों बल्लेबाजों ने मिलकर भारतीय पारी को आसानी से 200 रन के पार पहुंचा दिया.
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कमलेश कुमार राय नेटवर्क18 ग्रुप में बतौर चीफ सब एडिटर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. वह बीते 15 सालों से खेल पत्रकारिता की पिच पर डटे हुए हैं. हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में वह खेल कंटेंट की गहरी समझ, सटीक विश्लेषण और ब…
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