नूपुर प्रसाद उन पुलिसकर्मियों में शामिल हैं जिन्हें इस साल बेहतरीन और सराहनीय सेवा के लिए ‘मेडल फॉर मेरिटोरियस सर्विस’ सम्मानित किया गया है. यह अवॉर्ड जांच, अपराध रोकने, जन सेवा, कानून-व्यवस्था और प्रशासन जैसे क्षेत्रों में किए गए योगदान को मान्यता देता है. नुपूर प्रसाद ने मुश्किल जांचों को संभालने और पुलिसिंग से जुड़े कामों की अगुवाई करने के लिए अपनी पहचान बनाई है. उन्होंने दिल्ली पुलिस, CBI, अरुणाचल प्रदेश और पश्चिम बंगाल पुलिस बल में काम किया है. उन्होंने कम्युनिटी-केंद्रित कार्यक्रमों में भी अहम भूमिका निभाई है, जिनमें महिलाओं के सेल्फ-डिफेंस, युवाओं के विकास, साइबर सुरक्षा और नशा मुक्ति से जुड़ी पहल शामिल हैं.
नूपुर प्रसाद की सुशांत सिंह राजपूत केस में भूमिका
नुपूर प्रसाद तब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आईं जब एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत की CBI जांच चल रही थी. सुशांत 14 जून, 2020 को मुंबई स्थित अपने घर पर मृत पाए गए थे. एक्टर के परिवार की शिकायत और अधिकार क्षेत्र (ज्यूरिस्डिक्शन) को लेकर कानूनी विवाद के बाद अगस्त 2020 में यह केस CBI को सौंप दिया गया था. नुपुर उस दौरान सीबीआई में काम कर रही थीं. उन्होंने जांच के अहम पहलुओं की देखरेख की, जिसमें गवाहों के बयान, फोरेंसिक सबूत और मेडिकल रिकॉर्ड की जांच शामिल थी. उन्होंने साल 2025 में, CBI ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की, जिसमें कहा गया कि जांच में एक्टर की मौत में किसी गड़बड़ी, आत्महत्या के लिए उकसाने या आपराधिक साजिश का कोई सबूत नहीं मिला.
नूपुर प्रसाद का दिल्ली पुलिस में करियर
नुपुर प्रसाद ने CBI में ज्वाइन करने से पहले दिल्ली पुलिस में कई सीनियर पदों पर काम किया. वह शाहदरा की पहली डिप्टी कमिश्नर ऑफ़ पुलिस (DCP) थीं, जहां उन्होंने ज़िले के बनने के बाद वहां पुलिसिंग का स्ट्रक्चर तैयार करने में मदद की. अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने ड्रग नेटवर्क और गैर-कानूनी जुए की गतिविधियों के खिलाफ़ कैंपेन को लीड किया और साथ ही ज़िले में अपराध रोकने के उपायों पर भी ध्यान दिया. बाद में उन्होंने नॉर्थ दिल्ली की DCP के तौर पर काम किया और लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह और दिल्ली यूनिवर्सिटी के चुनावों जैसे बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए सुरक्षा व्यवस्था की देखरेख की.
नूपुर प्रसाद के अन्य हाई-प्रोफाइल केस
CBI में अपने कार्यकाल के दौरान, सुश्री प्रसाद कई अहम जांचों से जुड़ी रहीं. मीडिया रिपोर्ट्स में उनका नाम बिज़नेसमैन विजय माल्या और अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर डील से जुड़े मामलों से जोड़ा गया है. ऐसे मामलों में उनकी भागीदारी ने एक काबिल जांचकर्ता और एडमिनिस्ट्रेटर के तौर पर उनकी प्रतिष्ठा को मज़बूत करने में मदद की.
अब कहा हैं नूपुर प्रसाद
CBI में अपना काम पूरा करने के बाद, नूपुर प्रसाद दिल्ली पुलिस में लौट आईं और इकोनॉमिक ऑफ़ेंस विंग में जॉइंट कमिश्नर ऑफ़ पुलिस का पद संभाला. ‘विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक’ भारत में पुलिसकर्मियों को दिए जाने वाले सर्वोच्च सम्मानों में से एक है.
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