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Lakhimpur Kheri News: यूपी के लखीमपुर खीरी में एक ऐसे रसगुल्ले की दुकान है, जिसके दीवाने पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव भी थे. सिर्फ जिले ही नहीं, बल्कि अन्य स्थानों से भी लोग इनका स्वाद चखने आते हैं. यही वजह है कि समय के साथ यहां के रसगुल्ले ने अपनी अलग पहचान बना ली है.

लखीमपुर खीरी: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले का मैगलगंज कस्बा अपनी खास पहचान के लिए जाना जाता है. यहां का रसगुल्ला स्थानीय लोगों के साथ आसपास के कई जिलों से आने वाले लोगों के बीच भी काफी पसंद किया जाता है. मैगलगंज से गुजरने वाले राहगीर अक्सर यहां के रसगुल्ले का स्वाद चखना नहीं भूलते. मैगलगंज के रसगुल्ले की खासियत उसका स्वाद और बनाने का पारंपरिक तरीका बताया जाता है. नरम और रस से भरपूर रसगुल्ले खाने में स्वादिष्ट लगते हैं. यही वजह है कि समय के साथ यहां के रसगुल्ले ने अपनी अलग पहचान बना ली है.

मैगलगंज के रसगुल्लों के बड़े-बड़े शौकीन
कस्बे की मिठाई की दुकानों पर दिनभर ग्राहकों की आवाजाही देखने को मिलती है. त्योहारों और शादी-विवाह के सीजन में मिठाइयों की मांग और बढ़ जाती है. बाहर से आने वाले लोग भी इसके काफी दीवाने हैं. सिर्फ इतना ही नहीं, समाजवादी पार्टी के नेता स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव भी इस रसगुल्ले के काफी शौकीन थे. रसगुल्लों के शौकीन मैगलगंज के रसगुल्ले को अपने साथ ले जाना पसंद करते हैं. यहां के रसगुल्लों का इतिहास करीब 85 साल पुराना बताया जाता है. वर्ष 1941 में श्यामलाल हलवाई ने इन रसगुल्लों को बनाने की शुरुआत की थी.

मुंह में पहुंचते ही तुरंत गायब
बताया जाता है कि श्यामलाल हलवाई ने सबसे पहले मैगलगंज में दुकान खोलकर रसगुल्ले तैयार किए. उनका स्वाद लोगों को इतना पसंद आया कि धीरे-धीरे इन रसगुल्लों की चर्चा दूर-दूर तक होने लगी. मैगलगंज की मशहूर रसगुल्ले की डिमांड राजधानी तक रहती है. मैगलगंज के रसगुल्ले की खास बात यह है कि यह मुंह में पहुंचते ही तुरंत गायब हो जाता है. स्वाद ऐसा रहता है कि कोई भूल भी नहीं पाता है.

इतने रुपए किलो मिलता है रसगुल्ला
बातचीत करते हुए नितिन बताते हैं कि 1941 की सबसे पुरानी दुकान हमारी धनपाल मिष्ठान के नाम से काफी मशहूर है. 360 रुपए प्रति किलो के हिसाब से इस समय रसगुल्ला बिक रहा है. खास बात यह है कि इसे खोया से बनाया जाता है और मिट्टी की हांडी में पैक किया जाता है. नितिन बताते हैं कि पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव भी इस रसगुल्ले के काफी शौकीन थे. जब वह शाहजहांपुर बरेली के लिए गुजरते थे, तो मैगलगंज के रसगुल्ले का स्वाद जरूर लेते थे.

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आर्यन सेठ

आर्यन सेठ, News18 Hindi में डिजिटल डेस्क पर जुड़े हैं और जनवरी 2026 से उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध, प्रशासन, वायरल और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर खबरें लिखते हैं. जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ली से साल 2024 में…

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