Image Slider

Last Updated:

Lucknow Kanpur Expressway: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने बुधवार को कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत पूरी होने तक टोल वसूली निलंबित कर दी है. इसके साथ ही परियोजना निष्पादन और पर्यवेक्षण में कथित लापरवाही को लेकर निर्माण करने वाली कंपनी, इंजीनियर और कई अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई है.

Top Deals Inside

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की सड़क के गड्ढे में डाला पानी, घंटों तक नहीं निकलाZoom

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की जांच जारी.

उन्नावः उत्तर प्रदेश के बहुचर्चित कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के टूटने के मामले को लेकर जांच तेजी से चल रही है. IIT खड़गपुर के विशेषज्ञों की टीम ने जांच की है. टीम के सदस्य अलग-अलग जगहों पर सर्वे कर रहे हैं. शिकायत मिली थी कि नमी के कारण सड़क धंस रही है. टीम ने जांच के दौरान पानी गड्ढे में भरवाया. इस दौरान काफी समय बाद भी गड्ढे से पानी नहीं निकला. वहीं इस मामले के उजागर होने के बाद एक्सप्रेसवे बनाने वाली कंपनी पर सवाल उठ रहा है. बता दें कि उन्नाव जिले के आजाद मार्ग से कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे चालू है.

4200 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ था एक्सप्रेसवे
लगभग 4,200 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 13 जुलाई को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में किया था. अगले दिन इसे यातायात के लिए खोल दिया गया था. एनएचएआई के परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि हालिया तकनीकी खामी उन्नाव जिले के कुरारी के निकट पुल की संरचना में नहीं, बल्कि पुल तक पहुंचने वाले संपर्क मार्ग पर सामने आई है.

220 मीटर लंबे संपर्क मार्ग पर हुई मरम्मत
उन्होंने कहा कि पहले मरम्मत किए गए 20 मीटर लंबे हिस्से के निकट फिर से क्षति दिखाई देने के बाद प्राधिकरण ने पूरे 220 मीटर लंबे संपर्क मार्ग की मरम्मत कराने का निर्णय लिया है. वर्मा ने बताया कि कुरारी टोल प्लाजा के निकट मार्ग परिवर्तन कर दिया गया है. मरम्मत का कार्य दो दिन में पूरा होने की उम्मीद है, जिसके बाद यातायात सामान्य रूप से संचालित होगा.

तीन अभियंताओं को हटाया गया
उन्होंने कहा कि इन घटनाओं को सड़क धंसने के पांच अलग-अलग मामले बताना उचित नहीं होगा, क्योंकि अधिकांश क्षति उसी संपर्क मार्ग तक सीमित रही है. वर्मा ने कहा कि मामले की जांच के लिए एक समिति गठित की गई है. उसकी रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि प्रारंभिक कार्रवाई के तौर पर प्राधिकरण ने तीन अभियंताओं को कार्य से हटा दिया है. उन्होंने यह भी बताया कि निर्माण के दौरान मजबूती और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए ‘ऑटोमेटेड इंटेलिजेंस मशीन गाइडेड कंस्ट्रक्शन’ जैसी प्रौद्योगिकी का उपयोग किया गया था.

About the Author

authorimg

Prashant RaiChief Sub Editor

Prashant Rai is a digital journalist with over 9 years of experience in Hindi journalism, specializing in politics, crime, hyper-local reporting, and viral news. He currently serves as Chief Sub Editor at News1…

और पढ़ें

———-

🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।

 

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||