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फिरोजाबाद का पेमेश्वरनाथ महादेव मंदिर करीब 500 साल पुराना बताया जाता है. मान्यता है कि यहां स्थापित शिवलिंग जमीन से स्वयं प्रकट हुआ था, इसलिए इसे स्वयंभू शिवलिंग कहा जाता है. मंदिर से जुड़ी मान्यता के अनुसार भक्त संतान प्राप्ति और कारोबार में तरक्की समेत कई मनोकामनाओं के लिए यहां पूजा करते हैं. सावन में कांवड़िये भी दूर-दूर से जल लेकर मंदिर पहुंचते हैं.

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फिरोजाबाद: वैसे तो भगवान शिव के कई प्रसिद्ध और प्राचीन मंदिर हैं, लेकिन यूपी के फिरोजाबाद में एक ऐसा मंदिर है, जो सैकड़ों साल पुराना है. इस मंदिर में स्थापित शिवलिंग स्वयं प्रकट हुई थी. जमीन से शिवलिंग निकलने के बाद भक्त इन्हें स्वयंभू के नाम से भी जानते हैं. वहीं, इस मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद भक्तों के साथ कई तरह के चमत्कार भी होने की मान्यता है. संतान प्राप्ति से लेकर बिजनेस में तरक्की तक, सभी तरह के चमत्कार देखने को मिलते हैं. सावन के महीने में भक्त रोजाना शिवलिंग पर जल और दूध चढ़ाने के लिए आते हैं. कांवड़िये दूर-दूर से कांवड़ लेकर आते हैं और इस मंदिर में चढ़ाते हैं. कई प्रदेशों में रहने वाले शिवभक्त भी यहां मन्नत मांगने के लिए आते रहते हैं.

पांच सौ साल पुराना है पेमेश्वर नाथ महादेव मंदिर

फिरोजाबाद के पेमेश्वर गेट के पास स्थित प्रसिद्ध शिव मंदिर के पुजारी पंडित विपिन कुमार भारद्वाज ने लोकल18 से बातचीत करते हुए कहा कि यह मंदिर पेमेश्वरनाथ महादेव मंदिर के नाम से विश्व विख्यात है. इस मंदिर में स्थापित शिवलिंग लगभग पांच सौ साल पुरानी है. कभी यहां पर एक बीहड़ इलाका हुआ करता था. उस दौरान किसी भक्त ने जमीन से शिवलिंग को प्रकट होते हुए देखा और यहां इसकी स्थापना की.

इसके बाद धीरे-धीरे समय बदलता चला गया. लोगों ने पूजा-अर्चना शुरू कर दी. बताया जाता है कि यहां से एक रेलवे लाइन गुजर रही थी. रेलवे स्टेशन से सीधी लाइन मंदिर के सामने आ रही थी, लेकिन कुछ चमत्कार हुआ और अधिकारियों ने भगवान शिव के मंदिर को तोड़ने के बजाय रेलवे लाइन को मोड़ दिया. आज भी यहां रेलवे लाइन में मोड़ बनी हुई है. इसके अलावा इस मंदिर में कई तरह के चमत्कार देखने को मिलते हैं.

बिजनेस में तरक्की और संतान प्राप्ति के लिए पूजा करते हैं भक्त

मंदिर के पुजारी ने कहा कि इस शिव मंदिर में साल भर भक्त पूजा-अर्चना करने के लिए आते रहते हैं. यहां भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. इस मंदिर में निसंतान लोग भी अपनी मन्नत मांगने के लिए आते हैं. वहीं, फिरोजाबाद के बिजनेसमैन भी अपने बिजनेस में तरक्की के लिए यहां पूजा करते हैं. कई ऐसे भक्त हैं, जिन्होंने यहां पूजा की और उन्हें तरक्की मिली. दिल्ली, एमपी और गुजरात से भी लोग इस मंदिर में आकर पूजा करते हैं.

वहीं, सावन के महीने में यहां एक भुजरिया मेला लगता है. इसमें भुजरिया लाने वाली बच्चियों को मंदिर पर पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया जाता है.

About the Author

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Vivek Kumar

विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…

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