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लोनी। बॉर्डर थाना क्षेत्र के गुलाब वाटिका कॉलोनी दिल्ली-सहारनपुर मार्ग स्थित हार्डवेयर की तीन मंजिला दुकान की छत सोमवार शाम करीब चार बजे भरभराकर गिर गई। हादसे में राजमिस्त्री समेत चार लोग मलबे में दब गए। दो श्रमिकों को समय रहते आसपास के लोगों ने मशक्कत से बाहर निकाल लिया। जबकि तीसरे को चार घंटे बाद एनडीआरएफ ने बाहर निकाला और उसे चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। जबकि चौथे श्रमिक की तलाश की जा रही है। मौके पर एनडीआरएफ, नगर पालिका और अग्निशमन विभाग व पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी मलबे को हटाने में जुटे हैं।

दिल्ली-शाहदरा निवासी कुनाल जैन की गुलाब वाटिका कॉलोनी में हार्डवेयर की दुकान थी और दूसरी मंजिल पर गोदाम बनाया हुआ था। तीसरी मंजिल पर गर्डर-पत्थर से दुकान की छत बना रहे थे। छत पर अजीत निवासी गुलाब वाटिका कॉलोनी दीवारों पर प्लास्टर कर रहा था। तीनों मंजिल की छत गर्डर-पत्थर से बनी थी। सबसे ऊपर वाली मंजिल की छत अचानक गिरी तो एक के बाद एक तीनों मंजिल भरभराकर गिर गईं। इस दौरान राजमिस्त्री अजीत पहली मंजिल पर दुकान में काम करने वाले मुकेश और जतिन दूसरी मंजिल पर मलबे में दब गए। जबकि चौथा श्रमिक सबसे नीचे काम कर रहा था। हादसे के बाद पास की दुकान पर काम करने वाले बाराबंकी की तहसील हेदरगढ़ के थाना कोठी के गांव बसनिक पुरवा निवासी मुकेश (20) भी दब गया। बचाने के लिए आए उनके चचेरे भाई अखिलेश भी मलबा हटाने के दौरान चोटिल हो गए। लोगों का कहना है कि एक व्यक्ति सबसे नीचे वाली मंजिल पर था और पुलिस-प्रशासन व एनडीआरएफ टीम उसकी तलाश में मलबे को हटाया जा रहा है। घटना की सूचना पर पुलिस,एनडीआरएफ, अग्निशमन विभाग और नगर पालिका टीम पहुंची। राहतकर्मियों ने बुल्डोजर और लोगों की मदद से अजीत और जतिन को मलबे से बाहर निकाला। जबकि मुकेश को चार घंटे की मशक्कत के बाद रात करीब आठ बजे मलबे से निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां पर चिकित्सकों ने मुकेश को मृत घोषित कर दिया। मुकेश तीन साल से दुकान पर काम कर रहा था और चचेरे भाई अखिलेश के साथ कमरे पर रहता था।

क्षमता से अधिक रखा था दुकानों में सामान

आसपास के लोगों ने दुकान में निर्माण और सामान रखने के तरीके पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि तीनों तल हार्डवेयर के भारी सामान से भरे हुए थे। छत लोहे के गर्डर और पत्थर से बनी थीं। इन पर क्षमता से अधिक सामान रखा गया था। दूसरे तल की छत पर पानी की टंकी के अलावा निर्माण सामग्री भी रखी थी। इससे आशंका है कि अधिक भार होने के कारण छत गिरी थी।

क्या कहते हैं अधिकारी

घटना की जानकारी मिलते ही लोनी एसडीएम दीपक कुमार, नायाब तहसीलदार रति गुप्ता, एसीपी अंकुर विहार अमरदीप मौर्या और लोनी एसीपी राम किशन मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने बताया कि मुकेश की मौत हो गई है। जबकि दो श्रमिकों को बचा लिया गया है। अभी एक श्रमिक के दबे होने की सूचना है। उसकी तलाश में टीमें जुटी हैं।

लोनी । घायल अखिलेश

लोनी । घायल अखिलेश

लोनी । घायल अखिलेश

लोनी । घायल अखिलेश

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