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आज रेखा की ऐसी दो फिल्मों की कहानी बताते हैं जहां उन्होंने बदले की कहानी को दिखाया. फिल्म में वह लीड हीरोइन रहीं और दोनों ही बॉक्स ऑफिस पर हिट रही. चलिए दोनों के बारे में डिटेल बताते हैं.

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ये हीरोइन कोई और नहीं बल्कि रेखा हैं. जिन्होंने कई तरह की फिल्मों में काम किया. कभी रोमांटिक अंदाज में नजर आईं तो कभी सपोर्टिंग किरदारों में. मगर कुछ फिल्में उनकी ऐसी भी हैं जो पूरी तरह से उनके कंधों पर थीं. फिल्म में हीरो नहीं बल्कि वह खुद ही कर्ता धर्ता बनकर दिखीं.

आज आपको रेखा की ऐसी दो फिल्मों से रूबरू करवाते हैं जिसमें वह खुद लीड रोल में नजर आईं. दोनों ही कहानी बदले की थी. मगर अंतर ये था कि एक में उन्होंने पति की मौत का बदला लिया तो दूसरी में वह पति से मिले धोखे पर प्रहार करती हैं.

दरअसल हम बात कर रहे हैं रेखा की सुपरहिट फिल्म खून भरी मांग और फूल बने अंगारे. दोनों ही फिल्मों में रेखा का रोल हीरो पर भारी था. उन्हीं के हाथों में फिल्म की पूरी बागडोर थी. रेखा भी डायरेक्टर प्रोड्यूसर की उम्मीदों पर खरा उतरीं और फिल्मों को सुपरहिट करवाया.

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पहले बात करते हैं साल 1988 में आई खून भरी मांग की. इस फिल्म से राकेश रोशन ने वापसी की थी. उन्होंने फिल्म को डायरेक्ट किया तो उनके सगे भाई राजेश रोशन ने हिट म्यूजिक दिया. फिल्म में रेखा के अलावा कबीर बेदी, सोनू वालिया, कादर खान, शत्रुघ्न सिन्हा जैसे सितारे भी नजर आए.

ऑस्ट्रेलियाई मिनी-सीरीज रिटर्न टू ईडन (1983) से प्रेरित खून भनी मांग एक एक्शन थ्रिलर फिल्म थी. जिसके लिए राकेश रोशन को फिल्मफेयर का बेस्ट फिल्म और बेस्ट डायरेक्टर अवॉर्ड के लिए नॉमिनेशन मिला था. वहीं रेखा ने बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड जीता था.

खून भरी मांग की कहानी की बात करें तो संजय (कबीर बेदी) दौलत के लिए आरती (रेखा) को मारने की कोशिश करता है. वह उसे मगरमच्छों के हवाले कर देता है. इस घटना में जैसे तैसे बच जाती है और प्लास्टिक सर्जरी करवाकर लौटती है. फिर वह नई पहचान के साथ पति से बदला लेती है.

खून भरी मांग में शत्रुघ्न सिन्हा, राकेश रोशन और सईद जाफरी का स्पेशल अपीरियंस था. फिल्म का गाना हंसते हसंते कट जाएं रस्ते सुपरहिट ट्रैक रहा. जिसे नितिन मुकेश और साधना सरगम ने गाया और राजेश खन्ना ने सारे गाने कंपोज किए.

अब आते हैं फूल बने अंगारे पर. साल 1991 में आई इस फिल्म को के.सी बाकोड़िया ने डायरेक्ट की थी. फिल्म में रेखा ने लीड रोल प्ले किया. फिल्म में उनके साथ रजनीकांत भी थे. इसमें भी गोरी कबसे हुई जवान जैसा गाना सुपरहिट रहा.

फूल बने अंगारे की कहानी की बात करें तो इसमें नम्रता (रेखा) के पुलिसवाले पति की हत्या कर दी गई है. वह पति की सरेराह हुई मौत से बुरी तरह टूट गई. लेकिन वह चुप नहीं बैठती. वह पति की मौत का बदला लेने के लिए खुद पुलिस में भर्ती होती हैं और पति की मौत का बदला लेती है. बॉक्स ऑफिस पर ये फिल्म भी सुपरहिट रही थी.

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