हरिद्वार में आज भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद तेजस्वी सूर्या ने हरकी पैड़ी से गंगाजल भरकर कांवड़ यात्रा शुरू की। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गंगा पूजन के बाद उन्होंने कांवड़ कंधे पर उठाई और ऋषिकेश के स्वर्गाश्रम स्थित शिव गंगा घाट के लिए पदयात्रा पर रवाना हुए। सूर्या गुरुवार रात फ्लाइट से देहरादून एयरपोर्ट पर लैंड हुए। यहां से वे सीधे हरिद्वार के लिए निकले। सुबह 8 बजे हरिद्वार पहुंचकर उन्होंने कांवड़ियों पर फूल बरसाए। इसके बाद वे हरकी पैड़ी पहुंचे, मां गंगा की आरती की और साढ़े 9 बजे कांवड़ उठाई। वे 26 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर शाम को ऋषिकेश पहुंचेंगे। इस दौरान उन्होंने व्रत भी रखा है। रास्ते में कई बड़े नेता उनको जॉइन कर सकते हैं। कांवड़ यात्रा का आज 9वां दिन है और अब तक 2 करोड़ 22 लाख से ज्यादा कांवड़िये जल लेकर रवाना हो चुके हैं। तस्वीरें देखिए- तेजस्वी सूर्या की बड़ी बातें 3 पॉइंट में… 1. श्रद्धालुओं को देखकर कांवड़ में शामिल होने का मन बनाया- मैं कर्नाटका (दक्षिण भारत) से आता हूं और पिछले 3-4 सालों से करोड़ों श्रद्धालुओं को कांवड़ यात्रा करते देख रहा था। मेरे मन में इच्छा थी कि मैं भी इसमें शामिल हूं, और आज भगवान भोलेनाथ के आशीर्वाद व भाजयुमो साथियों के साथ मुझे कांवड़ उठाने का यह सौभाग्य मिला है। 2. बिना किसी भेदभाव के सबसे बड़ी आस्था यात्रा- यह दुनिया की सबसे बड़ी युवा भागीदारी वाली यात्रा है, जिसका कोई आयोजक या एंट्री फीस नहीं है। यहां करोड़ों युवा जाति,ऊंच-नीच और राजनीतिक मतभेदों को भूलकर केवल मां गंगा में स्नान कर जल लेने और शिव मंदिरों में जलाभिषेक करने आते हैं। 3. युवा शक्ति, स्वच्छता और विकसित भारत का हमारा संकल्प- यात्रा के दौरान हम घाटों पर स्वच्छता अभियान चला रहे हैं और आज शाम ऋषिकेश के स्वर्गाश्रम में भजन-कीर्तन व सत्संग करेंगे। आज हम भारत के युवा एक हाथ में अपनी विरासत और दूसरे हाथ में इनोवेशन लेकर विकसित भारत के निर्माण में जुटे हैं; यह कांवड़ यात्रा इसी युवा शक्ति और सामाजिक एकता का प्रतीक है। 12 फिट से ऊंची कांवड़ और DJ लेकर किया प्रवेश, पुलिस ने लौटाया हरिद्वार में 10 फीट चौड़ाई और 12 फीट ऊंचाई से बड़े आकार वाले डीजे और कांवड़ों के प्रवेश पर जिला प्रशासन ने पूरी तरह से रोक लगा दी है। DM मयूर दीक्षित के सख्त निर्देशों के बाद, तय मानकों का उल्लंघन करने वाले वाहनों को नारसन बॉर्डर से ही वापस लौटाया जा रहा है। प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के लिए यह कड़ा कदम उठाया गया है, इसलिए सभी आयोजक और कांवड़िये जारी गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करें।
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